कांगो में इबोला का हाहाकार: 8,067 केस, 3,901 मौतें

The CSR Journal Magazine
कांगो में इबोला का प्रकोप तेजी से बढ़ता जा रहा है। हाल ही में सामने आए आंकड़ों के अनुसार, इस बीमारी के 8,067 मामले रिपोर्ट किए गए हैं और 3,901 लोगों की मौत हो चुकी है। यह आंकड़ा देश के 26 में से 7 प्रांतों के 63 हेल्थ जोन का है। चिंता की बात यह है कि हर 100 संक्रमित लोगों में से लगभग 48 की जान जा रही है। स्वास्थ्य कर्मियों की कमी यहां एक बड़ा मुद्दा बन चुका है, जिससे महामारी का मुकाबला करना और भी मुश्किल हो रहा है。

ट्रिगर बनी Bundibugyo वायरस

यह कांगो में इबोला का 17वां प्रकोप है और अब तक का सबसे भयानक भी। इसका कारण खतरनाक Bundibugyo वायरस है, जिसके लिए अभी तक कोई स्वीकृत इलाज या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, कई लोग अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ रहे हैं, अफसोस कि उचित समय पर चिकित्सा सहायता नहीं मिल पा रही है। पहचान में देरी और समय पर इलाज न मिलना इस संकट को और बढ़ा रहा है।

लोगों का संदेह और हमलें

इस बीमारी से लोगों का अविश्वास भी एक चुनौती बन गया है, जिससे कुछ लोग इसे महज झूठ मान रहे हैं। इस संदेह का नतीजा यह रहा है कि कई स्थानों पर स्वास्थ्य कर्मियों और इलाज केंद्रों पर हमले तक हो चुके हैं। हाल ही में, कांगो की सत्तारूढ़ पार्टी UDPS के एक अधिकारी पर भी हमला हुआ, जिन्होंने सरकार के इबोला से जुड़े कदमों का बचाव किया था। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। अब उनकी पार्टी ने सरकार से इस मामले की जांच की मांग की है।

स्वास्थ्य सेवाओं पर असर

इबोला की भयावहता के चलते रोकथाम के लिए समुचित संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, लेकिन इसका प्रतिकूल प्रभाव दूसरी स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ा है। संयुक्त राष्ट्र के OCHA के अनुसार, इतुरी प्रांत में अप्रैल से जून के बीच नियमित प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं 13% घट गई हैं। इसके चलते लोग अस्पताल जाने से भी कतराने लगे हैं।

स्वास्थ्य कर्मियों की कमी बड़ा संकट

स्वास्थ्य कर्मियों की कमी इस समय सबसे बड़ी मुश्किल बन चुकी है। कई जगहों पर वेतन में देरी और भुगतान न मिलने के कारण हड़तालें हो रही हैं। Africa CDC के आंकड़ों के अनुसार, प्रकोप शुरू होने के बाद से 50 स्वास्थ्य कर्मियों की मौत हो चुकी है। कुछ क्षेत्र में नए मामले कम हुए हैं, लेकिन अन्य क्षेत्रों में बीमारी अब भी फैलती जा रही है। वर्तमान प्रकोप की गति 2014-16 के पश्चिमी अफ्रीका वाले इबोला प्रकोप से भी तेज है।
WHO ने चेतावनी दी है कि यदि हालात ऐसे ही बने रहे तो यह प्रकोप पुराने संकट के स्तर तक पहुंच सकता है, जिसमें लगभग 11 हजार लोगों की जान गई थी। कांगो अब इस वायरस पर काबू पाने के लिए संघर्ष कर रहा है, जबकि हिंसा, स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल और अंसुरक्षित स्थितियाँ इस लड़ाई को और भी मुश्किल बना रही हैं।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos