चित्रकूट में भारी बारिश के चलते मंदाकिनी नदी ने विकराल रूप धारण कर लिया है। नदी का जलस्तर बढ़कर 135.2 मीटर तक पहुंच गया, जिससे वर्ष 2003 में दर्ज 134.5 मीटर का 23 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया। बाढ़ का असर रामघाट समेत आसपास के कई इलाकों में दिखाई दे रहा है।
16 गांव प्रभावित, 400 से ज्यादा लोग सुरक्षित स्थानों पर
बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए करीब 16 गांव प्रभावित हुए हैं। प्रशासन और बचाव दलों ने 400 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। प्रभावित परिवारों के लिए 61 बाढ़ राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां भोजन, पेयजल, रोशनी और स्वच्छता जैसी जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। प्रशासन की ओर से हजारों खाने के पैकेट भी वितरित किए जा चुके हैं।
बांध में रिसाव से बढ़ी चिंता
मारकुंडी क्षेत्र में टिकरिया डोंडा बांध के लबालब भरने के बाद गेट के पास बने छेद से पानी का रिसाव शुरू हो गया। बांध को संभावित खतरे को देखते हुए डोंडा माफी, लल्लू का पुरवा, चौकी पुरवा और अहिरान जैसी बस्तियों को खाली कराया गया। स्थिति को देखते हुए एनडीआरएफ की टीम भी तैनात की गई है।
शरभंग नदी उफनी, रेलवे ट्रैक डूबा
शरभंग नदी के उफान का असर रेल यातायात पर भी पड़ा। चितहरा और खुटहा के बीच मुंबई-हावड़ा रेलमार्ग का ट्रैक पानी में डूब गया। इसके चलते कई ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ और उन्हें अलग-अलग स्टेशनों पर रोकना पड़ा। वहीं, कर्वी के पुल पर पानी पहुंचने के बाद भारी वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है।
काशी में भी तेजी से बढ़ रही गंगा
वाराणसी में भी गंगा का जलस्तर तेजी से ऊपर जा रहा है। रविवार रात राजघाट पर जलस्तर 69.52 मीटर दर्ज किया गया और पानी करीब 4 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा था। चेतावनी बिंदु 70.26 मीटर है। प्रशासन ने नावों और एनडीआरएफ टीम की मदद से राहत-बचाव व्यवस्था सक्रिय कर दी है।