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January 28, 2026

कैप्टन शांभवी पाठक: आसमान से उठी एक उड़ान, जो धरती पर पहुंचने से पहले ही इतिहास बन गई ! 

The CSR Journal Magazine

 

28 जनवरी 2026: आज सुबह महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के चार्टर्ड विमान के क्रैश लैंडिंग के दौरान हुई भीषण दुर्घटना में पायलट कैप्टन शांभवी पाठक समेत सभी सवारियों की मौत हो गई। यह घटना न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश के लिए एक गहरा सदमा है। अधिकारियों और जांच एजेंसियों ने इसकी पुष्टि की है।

बारामती त्रासदी: कैप्टन शांभवी पाठक- एक होनहार पायलट की अधूरी उड़ान

28 जनवरी 2026 सुबह महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के चार्टर्ड Learjet 45 विमान के रनवे पर दुर्घटनाग्रस्त होने से हुए भीषण हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया। इस दुर्घटना में न केवल एक वरिष्ठ राजनेता अजीत पवार की मौत हुई, बल्कि विमान में सवार अनुभवी पायलट कैप्टन शांभवी पाठक का भी जीवन छिन गया। आइए जानते हैं उनके संपूर्ण जीवन, करियर और उपलब्धियों का विस्तृत ब्यौरा!

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

शांभवी पाठक बचपन से ही उड़ानों और विमानन के प्रति आकर्षित थीं। कैप्टन शांभवी पाठक की शुरुआती पढ़ाई भारत में ही हुई। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा भारत में पूरी की, और बाद में उच्च शिक्षा के लिए मुंबई विश्वविद्यालय से एयरोनॉटिक्स, एविएशन और एयरोस्पेस साइंस एवं टेक्नोलॉजी में Bachelor of Science (B.Sc.) की डिग्री हासिल की। यह डिग्री उनके विमानन-करियर की पहली मजबूत नींव थी, जिसने उन्हें तकनीकी ज्ञान और उड़ान सिद्धांतों में मूलभूत दक्षता प्रदान की।

पायलट प्रशिक्षण और योग्यताएं

शांभवी ने अपने पायलट बनने के सपने को साकार करने के लिए अंतरराष्ट्रीय मार्ग चुना। उन्होंने न्यूजीलैंड इंटरनेशनल कमर्शियल पायलट अकादमी में प्रवेश लिया और कमर्शियल पायलट ट्रेनिंग पूरी की। वहां उन्होंने विमान संचालन, उड़ान नियंत्रण, आपातकालीन प्रक्रियाओं और विमान-नेविगेशन जैसे आवश्यक कौशल में गहन प्रशिक्षण प्राप्त किया। यही ट्रेनिंग उन्हें एक वैध कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) के योग्य बनाती है, जो कि अंतरराष्ट्रीय तथा भारतीय उड्डयन मानकों के अनुरूप है।  शांभवी पाठक ने असिस्टेंट फ्लाइट इंस्ट्रक्टर के तौर पर भी काम किया। यहां उन्होंने नए पायलटों को ट्रेनिंग दी और अपनी समझ को और गहरा किया। एक पायलट के लिए केवल उड़ान भरना ही नहीं, बल्कि सुरक्षा नियमों की समझ भी उतनी ही जरूरी होती है। शांभवी ने एविएशन सिक्योरिटी यानी AVSEC की ट्रेनिंग स्पाइसजेट से ली थी। इसके अलावा उन्होंने ए320 जेट से जुड़ी ओरिएंटेशन ट्रेनिंग भी पूरी की थी।

कैप्टेन शांभवी की मुख्य योग्यताएं और लाइसेंस

• न्यूजीलैंड सिविल एविएशन अथॉरिटी से कमर्शियल पायलट लाइसेंस।
• भारतीय नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL)।
• Frozen ATPL (एयरलाइन पायलट लाइसेंस के लिए आवश्यक प्रशिक्षण और सैद्धांतिक परीक्षा पूरी की)।
• फ्लाइट इंस्ट्रक्टर रेटिंग (अन्य पायलटों को प्रशिक्षण देने की योग्य क्षमता)।
इन योग्यताओं ने उन्हें सिर्फ उड़ान भरने वाले पायलट से आगे बढ़ाकर एक प्रशिक्षक और तकनीकी रूप से पारंगत पायलट के रूप में स्थापित किया।

पेशेवर करियर- VSR वेंचर्स में उड़ान

शांभवी पाठक ने VSR वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ अपनी व्यावसायिक पायलट यात्रा आरंभ की । यह एक प्रतिष्ठित चार्टर्ड विमान सेवा प्रदाता कंपनी है जो VIP और कॉर्पोरेट यात्रा संचालन में सक्षम है।  उन्होंने Learjet 45 जैसे बिज़नेस जेट विमानों पर सह-पायलट (First Officer) के रूप में काम किया और अनेक अंतर-राज्यीय तथा VIP चार्टर्ड उड़ानों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। उनकी तकनीकी दक्षता, शांत-चित्त निर्णय क्षमता और उड़ान के दौरान अनुशासन ने उन्हें सहकर्मियों के बीच एक विश्वसनीय पायलट के रूप में प्रतिष्ठित किया।

कैप्टन शांभवी पाठक का व्यावसायिक योगदान

शंभवी पाठक सिर्फ एक पायलट नहीं थीं, वे एक उद्यमी पायलट थीं, जिसने अपने कौशल, ट्रेनिंग और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप लाइसेंसिंग के बल पर एक कठिन विमानन दुनिया में खुद को स्थापित किया। उन्होंने न केवल विमान उड़ाने की कला में महारत हासिल की बल्कि वह फ्लाइट इंस्ट्रक्टर के रूप में भी प्रशिक्षण देने की क्षमता रखती थीं। यह दर्शाता है कि वे अपने ज्ञान और कौशल को अगली पीढ़ी के पायलटों तक पहुंचाने की क्षमता रखती थीं।  उनकी यह यात्रा यह सिखाती है कि एक महिला पायलट कैसे अत्यंत प्रतिस्पर्धात्मक और तकनीक-प्रधान उड्डयन क्षेत्र में अपने कौशल से पहचान बना सकती है।

आकस्मिक दुर्घटना में निधन

28 जनवरी 2026 की सुबह शांभवी पाठक Learjet 45 (VT-SSK) के सह-पायलट के रूप में अजीत पवार के साथ यात्रा कर रही थीं, जब यह विमान बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग की कोशिश के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। DGCA और अन्य अधिकारियों ने पुष्टि की कि विमान दूसरे अप्रोच के दौरान नियंत्रण खो बैठा और रनवे के पास खतरनाक  तरीके से दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिससे विमान में सवार सभी 5 लोगों की मौत हो गई, जिनमें उपमुख्यमंत्री अजीत पवार, सुरक्षा अधिकारी, अटेंडेंट और दोनों पायलट शामिल हैं। इस हादसे ने न सिर्फ एक वरिष्ठ राजनेता बल्कि एक प्रतिभाशाली और होनहार पायलट का भविष्य भी समाप्त कर दिया, जिससे पूरे एविएशन समुदाय और उनके करीबी सहयोगियों में गहरा शोक व्याप्त है।

दुनिया के लिए छोड़ी विरासत और प्रेरणा

शांभवी पाठक के जीवन की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो उड्डयन की दुनिया में पंख फैलाना चाहते हैं। एक ऐसी महिला पायलट जिसने उच्च स्तरीय शिक्षा, अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण और कई तकनीकी योग्यताओं को हासिल कर, विश्व-स्तरीय विमान उड़ाने की चुनौती स्वीकार की और अपने करियर में प्रत्यक्ष सफलता पाई। उनकी उपलब्धियां दर्शाती हैं कि यदि लक्ष्य उच्च हो और मेहनत निरंतर जारी रहे, तो कोई भी व्यक्ति विमानन जैसे तकनीकी क्षेत्र में अपना मुकाम बना सकता है। कैप्टन शांभवी पाठक सिर्फ एक पायलट नहीं थीं, वे उन हजारों युवाओं की आवाज़ थीं जो आसमान में उड़ने के सपने देखते हैं। उनके अदम्य साहस, समर्पण और अनुशासन ने उन्हें आज लाखों दिलों में एक सम्मानजनक स्थान दिलाया है।

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