भारत में अपनी शैक्षणिक मौजूदगी को और मज़बूत करते हुए दुनिया की प्रतिष्ठित कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी ने बड़ा फैसला लिया है। यूनिवर्सिटी अब CBSE कक्षा 12वीं की योग्यता को कुछ अंडरग्रेजुएट (UG) कोर्सेज में दाखिले के लिए मान्यता देगी। हालांकि, इसके साथ कुछ अतिरिक्त शर्तें भी लागू होंगी। इस अहम घोषणा की जानकारी कैम्ब्रिज की वाइस-चांसलर डेबोरा प्रेंटिस ने दी।
कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी का बड़ा फैसला-CBSE 12वीं के छात्रों के लिए अंडरग्रेजुएट दाखिले का रास्ता खुला
भारत में अपनी मौजूदगी को और सशक्त करते हुए दुनिया की प्रतिष्ठित कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी ने एक अहम कदम उठाया है। यूनिवर्सिटी ने घोषणा की है कि अब वह CBSE कक्षा 12वीं की योग्यता को कुछ अंडरग्रेजुएट (UG) कोर्सेज में दाखिले के लिए स्वीकार करेगी। हालांकि, इसके साथ कुछ अतिरिक्त शैक्षणिक शर्तें भी लागू होंगी। यह घोषणा कैम्ब्रिज की वाइस-चांसलर डेबोरा प्रेंटिस ने की। यह फैसला उन हजारों भारतीय छात्रों के लिए बड़ी राहत और अवसर लेकर आया है, जो कैम्ब्रिज जैसी वैश्विक यूनिवर्सिटी में पढ़ाई का सपना देखते हैं।
भारत-कैम्ब्रिज शैक्षणिक रिश्तों को नई दिशा
कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी और भारत के बीच शैक्षणिक सहयोग को और गहरा करने के लिए Cambridge-India Centre for Advanced Studies (CAS) की शुरुआत की जा रही है। यह सेंटर रिसर्च, इनोवेशन और लर्निंग पर फोकस करेगा और भारत की तेजी से बढ़ती नॉलेज इकॉनमी के साथ कैम्ब्रिज को जोड़ने का काम करेगा। CAS को भारत और कैम्ब्रिज के बीच दशकों पुराने शैक्षणिक रिश्तों को एक नई ऊंचाई देने वाला मंच माना जा रहा है।
दिल्ली पहुंचेगा कैम्ब्रिज का प्रतिनिधिमंडल
इसी कड़ी में कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी का एक वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल इस सप्ताह दिल्ली पहुंच रहा है। इसका मकसद शिक्षा, रिसर्च और सहयोग के नए क्षेत्रों पर बातचीत करना है।
क्रिकेट से भी मजबूत होंगे रिश्ते
शैक्षणिक सहयोग के साथ-साथ खेल और सांस्कृतिक संबंधों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। मार्च 2026 में कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी की पुरुष क्रिकेट टीम भारत दौरे पर आएगी, जो 15 साल बाद पहला दौरा होगा। महिला क्रिकेट टीम के भारत दौरे की योजना भी अगले साल के लिए बनाई जा रही है। मई में लंदन के लॉर्ड्स मैदान पर होने वाले ऐतिहासिक ऑक्सफोर्ड-कैम्ब्रिज क्रिकेट मैच के दौरान UK-India Partners Event आयोजित करने की तैयारी है।
भारत और कैम्ब्रिज: दशकों पुराना रिश्ता
कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी का भारत से गहरा और ऐतिहासिक नाता रहा है। विज्ञान, राजनीति, अर्थशास्त्र, उद्योग और साहित्य के क्षेत्र में भारत के कई दिग्गज इस यूनिवर्सिटी से जुड़े रहे हैं, जिन्होंने न केवल भारत बल्कि दुनिया को दिशा दी है।
विज्ञान के क्षेत्र में जगदीश चंद्र बोस, श्रीनिवास रामानुजन, एम. एस. स्वामीनाथन, जयंत नार्लिकर,
नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन, वेंकी रामकृष्णन,
पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू, राजीव गांधी, मनमोहन सिंह,
उद्योग जगत से सर दोराबजी टाटा, यूसुफ हमीद, लॉर्ड करण बिलिमोरिया,
और साहित्य में हरिवंश राय बच्चन, सलमान रुश्दी जैसे दिग्गज इस यूनिवर्सिटी से जुड़े रहे हैं।
भारतीय छात्रों के लिए क्या मायने रखता है यह फैसला
CBSE 12वीं की मान्यता मिलने से भारतीय छात्रों के लिए कैम्ब्रिज में पढ़ाई का सपना अब पहले से ज्यादा सुलभ होगा। CBSE छात्रों को मान्यता देने का यह फैसला भारतीय शिक्षा व्यवस्था के लिए एक बड़ा अवसर है। इससे न केवल छात्रों के लिए अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के रास्ते खुलेंगे, बल्कि भारत और ब्रिटेन के बीच शैक्षणिक सहयोग को भी नई मजबूती मिलेगी। कुल मिलाकर, यह फैसला भारतीय शिक्षा जगत के लिए एक ऐतिहासिक और दूरगामी असर वाला कदम माना जा रहा है।
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