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February 24, 2026

राजस्थान में बस-टैक्सी बंद, सड़कों पर लंबी लाइनें: हड़तालियों की चक्काजाम की चेतावनी !

The CSR Journal Magazine

राजस्थान में बस हड़ताल का आगाज़

राजस्थान में निजी बस ऑपरेटर्स की अनिश्चितकालीन हड़ताल से यातायात प्रभावित, यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। राजस्थान में परिवहन विभाग की स्लीपर बसों के खिलाफ निजी बस ऑपरेटर्स ने सोमवार रात 12 बजे से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इन ऑपरेटर्स का कहना है कि राज्य में लगभग 35 हजार कॉन्ट्रैक्ट कैरिज, स्टेट कैरिज और लोक परिवहन बसों का संचालन ठप हो गया है। जैसे ही मंगलवार सुबह हुई, इसका असर कई शहरों में देखने को मिला। विशेषकर जयपुर और आसपास के क्षेत्रों में यात्री बसों की कमी देखी जा रही है।

टैक्सी ऑपरेटर्स का समर्थन

हड़ताल का समर्थन करते हुए टैक्सी ऑपरेटर्स भी सामने आए हैं। जयपुर के रोडवेज बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और शहर के बाहरी इलाकों में प्राइवेट टैक्सी नहीं मिल रही हैं। इस स्थिति से यात्रियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। रोड़वेज बसों में यात्रियों की संख्या बढ़ने से स्थिति और भी गंभीर हो गई है।

चक्काजाम की धमकी

आल राजस्थान कॉन्ट्रैक्ट कैरिज बस एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने बताया कि सोमवार को उन्हें सचिवालय में वार्ता के लिए बुलाया गया था। लेकिन बातचीत में कोई सहमति नहीं बन पाई। सरकार ने आरसी सस्पेंड की गई बसों की सूची मंगवाई है और अगले दिन फिर बातचीत होने की संभावना है। शर्मा ने कहा कि अगर मांगों पर सहमति नहीं बनती है, तो बस ऑपरेटर्स सड़कों पर उतरकर चक्का जाम करेंगे।

जोधपुर में हड़ताल का असर नहीं

हालांकि, जोधपुर में मंगलवार सुबह प्राइवेट बसों का संचालन सामान्य रहा है। यहां पर हड़ताल का कोई खास असर नहीं दिखाई दे रहा है। इसका मतलब है कि यात्रियों के लिए यहां परिवहन सेवाएं उपलब्ध हैं। जोधपुर के नागरिकों ने राहत महसूस की है, जबकि अन्य शहरों में परेशानी बढ़ सकती है।

प्रमुख शहरों में स्थिति

जयपुर में रोडवेज बस स्टैंड पर यात्रियों की लंबी लाइनें देखी जा रही हैं। कई यात्रियों को ऑफिस या अन्य जरूरी कामों के लिए समय पर पहुंचने में मुश्किल हो रही है। हड़ताल के चलते प्रशासन भी सक्रिय हो गया है और यात्री सुविधाओं को बढ़ाने का प्रयास कर रहा है।

भविष्य की चुनौतियां

इस हड़ताल के चलते राजस्थान के अन्य शहरों में भी स्थिति बिगड़ने की आशंका है। अगर बातचीत में कोई सहमति नहीं बनी, तो चक्का जाम की स्थिति बन सकती है, जिससे आम जन जीवन प्रभावित होगा। यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे अपनी यात्रा की पूर्व तैयारी करें।

समस्या की जड़ें

राज्य में परिवहन सेवाओं को लेकर यह मुद्दा वर्षों से चल रहा है। निजी बस ऑपरेटर्स अक्सर सरकार के नीतियों के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं। अब देखना यह है कि क्या सरकार हड़ताली बस ऑपरेटर्स की मांगों पर ध्यान देगी और इस स्थिति का समाधान निकालेगी।

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