मुंबई महानगर की सबसे बड़ी नागरिक संस्था Brihanmumbai Municipal Corporation (बीएमसी) ने बुधवार को वित्त वर्ष 2026–27 का अपना बजट पेश किया। यह बजट कई मायनों में खास रहा, क्योंकि पिछले चार वर्षों में पहली बार इसे निर्वाचित नगरसेवकों के सामने पेश किया गया। लंबे समय तक टलते रहे मनपा चुनावों के बाद अब चुने हुए प्रतिनिधियों की मौजूदगी में बजट प्रस्तुत किया गया है, जिससे राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में नई सक्रियता देखी जा रही है।
महापौर और नगर आयुक्त ने पेश किया बजट
बीएमसी की महापौर Ritu Tawde और नगर आयुक्त Bhushan Gagrani ने संयुक्त रूप से शिक्षा विभाग का बजट पेश किया। इस वर्ष शिक्षा के लिए कुल ₹4,248 करोड़ का प्रावधान किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, यह राशि नगर निगम के स्कूलों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर खर्च की जाएगी।
शिक्षा क्षेत्र पर विशेष ध्यान
प्रस्तुत बजट में साफ संकेत दिया गया है कि बीएमसी प्रशासन शिक्षा क्षेत्र को प्राथमिकता दे रहा है। नगर निगम के स्कूलों में कक्षाओं की मरम्मत, नई इमारतों का निर्माण, प्रयोगशालाओं का उन्नयन, स्मार्ट क्लासरूम की स्थापना और ई-लर्निंग सामग्री उपलब्ध कराने के लिए विशेष फंड निर्धारित किया गया है।
Digital Learning को बढ़ावा
डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा देने के लिए छात्रों को टैबलेट, प्रोजेक्टर आधारित शिक्षण प्रणाली और ऑनलाइन कंटेंट से जोड़ने की योजना भी शामिल है। साथ ही शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया है, ताकि वे नई तकनीक और शिक्षण पद्धतियों के अनुरूप खुद को अपडेट कर सकें। बीएमसी का मानना है कि शिक्षा में निवेश भविष्य की पीढ़ी को बेहतर अवसर देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पिछले कुछ वर्षों में नगर निगम स्कूलों में छात्रों की संख्या बढ़ाने के लिए कई पहल की गई थीं, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
चार साल बाद निर्वाचित प्रतिनिधियों के सामने बजट
यह बजट इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वर्ष 2022 के बाद लगातार तीन बजट राज्य सरकार द्वारा नियुक्त प्रशासक के माध्यम से पेश किए गए थे। उस दौरान बीएमसी में कोई निर्वाचित निकाय नहीं था। अब हाल ही में हुए नगर निगम चुनावों के बाद चुने हुए पार्षदों की मौजूदगी में बजट पेश किया गया है। महापौर Ritu Tawdeने कहा कि अब निगम की कार्यप्रणाली जनता के सामने स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। उन्होंने बताया कि कई कॉरपोरेट्स और जनप्रतिनिधियों ने मुंबई से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सुझाव दिए हैं और उन सुझावों को बजट में शामिल करने का प्रयास किया गया है।
सामाजिक क्षेत्र और नागरिक सुविधाओं पर ज़ोर
संपूर्ण बजट में बुनियादी ढांचे, सड़कों के विकास, जल आपूर्ति, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर भी महत्वपूर्ण घोषणाएं होने की संभावना है। हालांकि शिक्षा बजट की घोषणा ने पहले ही यह संकेत दे दिया है कि इस वर्ष बीएमसी का फोकस सामाजिक क्षेत्र और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर रहेगा।
नागरिकों की अपेक्षाएं
मुंबई देश की आर्थिक राजधानी है और यहां की आबादी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में बीएमसी के सामने बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ बनाने, ट्रैफिक और जलभराव जैसी समस्याओं से निपटने तथा सरकारी स्कूलों और अस्पतालों की गुणवत्ता सुधारने की बड़ी चुनौती है। शिक्षा के लिए ₹4,248 करोड़ का प्रावधान यह दर्शाता है कि प्रशासन भविष्य की पीढ़ी के विकास को लेकर गंभीर है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि घोषित योजनाओं का क्रियान्वयन किस गति और पारदर्शिता से किया जाता है।
कुल मिलाकर, बीएमसी बजट 2026–27 को एक नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, जहां चुने हुए प्रतिनिधियों की भागीदारी के साथ शहर के विकास की रूपरेखा तय की जा रही है। आने वाले दिनों में स्थायी समिति और सदन में इस बजट पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है, जिसके बाद अंतिम रूप दिया जाएगा।
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