Ajit Pawar Plane Crash Investigation Report: जनवरी में बारामती में हुए भीषण विमान हादसे पर अब बड़ा खुलासा हुआ है। इस दुर्घटना में उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत चार अन्य लोगों की मौत हो गई थी। अब विमान दुर्घटना जांच एजेंसी Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) ने 22 पन्नों की अपनी प्राथमिक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें हादसे से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आई हैं।
रिपोर्ट में क्या सामने आया? विजिबिलिटी पर बड़ा सवाल
AAIB की प्राथमिक जांच के मुताबिक, दुर्घटनाग्रस्त विमान VT-SSK जब बारामती एयरफील्ड के करीब पहुंचा तो पायलट ने टॉवर से विजिबिलिटी (Visibility) की जानकारी मांगी थी। टॉवर की ओर से करीब 3000 मीटर दृश्यता होने की जानकारी दी गई। रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि बारामती में दर्ज विजिबिलिटी VFR (Visual Flight Rules) उड़ान के लिए आवश्यक न्यूनतम 5000 मीटर से काफी कम थी। यानी विमान लैंडिंग के समय मौसम की स्थिति मानकों के अनुरूप नहीं थी। टॉवर ने लैंडिंग क्लियरेंस देते वक्त हवा शांत (Winds Calm) होने की सूचना दी थी, लेकिन कम दृश्यता को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि क्या यह लैंडिंग के लिए पर्याप्त रूप से सुरक्षित स्थिति थी?
AAIB ने बताया कि विमान के दोनों फ्लाइट रिकॉर्डर—सॉलिड स्टेट फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (SSFDR) और सॉलिड स्टेट कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर (SSCVR)—विमान के मलबे के पिछले हिस्से में सुरक्षित पाए गए। दोनों रिकॉर्डर को निकालकर डेटा रिकवरी (Data Recovery) और विस्तृत विश्लेषण के लिए क्वारंटाइन किया गया है। जांच एजेंसी का कहना है कि अंतिम रिपोर्ट में दुर्घटना के मूल कारण (Root Cause), तकनीकी पहलू और मानवीय त्रुटि (Human Error) जैसे सभी पहलुओं की गहन जांच की जाएगी।
क्या था पूरा घटनाक्रम?
जनवरी में यह विमान बारामती के पास लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हादसा इतना भीषण था कि मौके पर ही सभी पांच लोगों की मौत हो गई। इस दुर्घटना ने राज्य की राजनीति में भी भूचाल ला दिया था। अब AAIB की प्राथमिक रिपोर्ट ने यह संकेत दिया है कि मौसम और कम दृश्यता एक अहम फैक्टर हो सकते हैं। हालांकि एजेंसी ने अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचने की बात नहीं कही है और विस्तृत जांच जारी है।
अंतिम रिपोर्ट का इंतजार
एविएशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि ब्लैक बॉक्स के डेटा से हादसे की असली वजह साफ हो सकेगी। क्या यह पायलट का निर्णय था? क्या मौसम की गलत आकलन हुआ? या फिर तकनीकी खराबी? इन सभी सवालों के जवाब अब अंतिम जांच रिपोर्ट में सामने आएंगे। फिलहाल AAIB ने स्पष्ट किया है कि जांच निष्पक्ष और सभी तकनीकी मानकों के तहत की जा रही है। देश की नजर अब इस हाई-प्रोफाइल Plane Crash Investigation की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी है।
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