अहमदाबाद प्लेन हादसा: एक बॉडी बैग में 2 सिर, झुलसे अंगों की पहचान मुश्किल

The CSR Journal Magazine
अहमदाबाद एयर इंडिया प्‍लेन क्रेश में मारे गए लोगों के शवों की पहचान करना एक चुनौती बन गया है। हालांकि डीएनए जांच से शवों की पहचान की जा रही है, लेकिन फिर भी कई तरह की चुनौतियां सामने आ रही हैं। अहमदाबाद विमान दुर्घटना में मारे गए लोगों के शवों को पीड़ित परिवारों को सौंपने का काम शुरू हो गया है। इस बीच एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। एक पीड़ित परिवार को सौंपे गए एक बॉडी बैग में दो सिर मिलने से सनसनी फैल गई है।

बुरी तरह झुलसे शरीर के हिस्सों को पहचान तक मुश्किल

अहमदाबाद विमान दुर्घटना में मारे गए लोगों के शवों को पीड़ित परिवारों को सौंपने का काम शुरू हो गया है। DNA सैंपलिंग प्रक्रिया के माध्यम से कुल 32 शवों की पहचान की गई है और 12 शवों को परिवारों को सौंप दिया गया है। इस बीच एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार को सौंपे गए एक बॉडी बैग में दो सिर मिले। परिवार ने अस्पताल प्रशासन से पूरा शव देने की मांग की है। पीड़ित परिवार की इस मांग को लेकर प्रशासन ख़ासा चिंतित है क्यूंकि पूरी डीएनए जांच प्रक्रिया को फिर से दोहराना पड़ेगा। इस प्रक्रिया में करीब 72 घंटे का समय लगता है। बता दें कि जब बॉडी बैग में दो अलग-अलग व्यक्तियों के अंग पाए जाते हैं, तो यह जरूरी हो जाता है कि डीएनए सैंपलिंग दोबारा की जाए।
गुरुवार को एयर इंडिया के विमान हादसे के बाद अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में कुल 270 शव लाए गए थे। इन 270 शवों में से 241 लंदन जाने वाली फ्लाइट के यात्री और केबिन क्रू के थे। बाकी की मौत विमान के बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल पर गिरने से मेडिकल इंटर्न्स और डॉक्टर्स की हुई है।

परिवार कर रहे पूरे शवों की मांग, मुश्किल में प्रशासन

 अहमदाबाद विमान दुर्घटना में मारे गए लोगों के पीड़ित परिवारों ने अधिकारियों से अनुरोध किया है कि वे उनके परिवार के सदस्यों के अंगों के बजाय उनके पूरे अवशेष जारी करें। रिपोर्ट में कहा गया है कि शनिवार को एक व्यक्ति अधिकारियों के सामने अपने परिवार के सभी सदस्यों के शवों को अंतिम संस्कार के लिए सौंपने की गुहार लगाता दिखाई दिया। हालांकि उसे बताया गया कि यह असंभव काम है। एक अधिकारी के हवाले से कहा गया कि उस व्यक्ति को मनाना मुश्किल था।
दुर्घटना के शिकार लोगों के परिवार सिविल अस्पताल के शवगृह के बाहर उमड़ रहे हैं। बीजे मेडिकल कॉलेज के एडिशनल मेडिकल सुपरिंटेंडेंट रजनीश पटेल के अनुसार, डीएनए सैंपलिंग प्रक्रिया के माध्यम से कुल 32 शवों की पहचान की गई है। 12 शवों को परिवारों को सौंप दिया गया है। जैसे-जैसे प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, इसमें बाधाएं भी आ रही हैं।

12 जून को अहमदाबाद में हुआ भाषण हादसा

12 जून को एयर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान अहमदाबाद में क्रैश हो गया था। विमान लंदन के गैटविक हवाई अड्डे के लिए उड़ान भर रहा था, लेकिन उड़ान भरने के अगले ही पल वह क्रैश हो गया। इस विमान में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी समेत 242 पैसेंजर सवार थे। यात्रियों में 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और एक कनाडाई नागरिक था। धमाका इतना खौफनाक था कि आसपास की सड़कों पर लाशें बिखरी दिखीं। जले शवों को पहचानना तक मुश्किल हो रहा है। अभी तक विमान के क्रैश होने के पीछे की असली वजह सामने नहीं आ सकी है। इस दुर्घटना ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया।

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