10 दिन तक छात्रों ने पिया उसी टंकी का पानी, जिसमें सड़ी हुई लाश तैर रही थी!

The CSR Journal Magazine
देवरिया मेडिकल कॉलेज के सर्जिकल वार्ड में पानी की टंकी के अंदर एक शव मिलने से सनसनी फैल गई। वार्ड के पांचवीं मंजिल पर स्थित टंकी में शव मिलने से हत्या की आशंका जताई जा रही है। तीमारदारों ने पानी में बदबू आने की शिकायत की थी जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने टंकी का ढक्कन खुलवाकर शव को बरामद किया।

मेडिकल कॉलेज में पानी की टंकी में मिला सड़ा हुआ शव

देवरिया जिले के महर्षि देवराहा बाबा मेडिकल कॉलेज से मंगलवार को एक दिल दहला देने वाली घटनासामने आई है। कॉलेज के छात्र और स्टाफ पिछले 10 दिनों से उसी पानी का उपयोग करते रहे, जिसकी टंकी में एक अज्ञात व्यक्ति का सड़ा-गला शव पड़ा हुआ था। घटना के बाद पूरे परिसर में हड़कंप मच गया और प्रशासन ने तत्काल जांच के आदेश दे दिए हैं।

बदबू से हुआ खुलासा

मामले की शुरुआत तब हुई जब कॉलेज परिसर में पानी से तेज़ दुर्गंध आने लगी। सुबह टंकी की पानी की आपूर्ति वार्डों में हो रही थी। तीमारदारों ने पानी में बदबू आने की शिकायत की, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। शाम को बदबू आने की शिकायत कई तीमारदारों ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन से की।सफाईकर्मियों ने जब पांचवीं मंज़िल पर स्थित सीमेंट की टंकी का ढक्कन खोला तो अंदर एक शव तैरता मिला, जो बुरी तरह सड़ चुका था और पहचान से बाहर था। रात में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया।

OPD और वार्ड में पहुंचता रहा दूषित पानी

अधिकारियों ने पुष्टि की कि इसी टंकी से OPD और वार्ड दोनों में पानी की सप्लाई की जा रही थी। यानी अस्पताल में मरीजों, डॉक्टरों और सैकड़ों छात्रों ने कई दिनों तक वही दूषित पानी इस्तेमाल किया। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कुछ छात्रों ने पहले ही पानी के रंग और गंध में बदलाव की शिकायत की थी, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया।

डीएम ने संभाली जांच की कमान

देवरिया की ज़िला अधिकारी दिव्या मित्तल स्वयं मौके पर पहुंचीं और कॉलेज की स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने पाया कि टंकी, जो लॉक रहनी चाहिए थी, खुली हुई थी। डीएम मित्तल ने कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. राजेश कुमार बर्नवाल से सख्त पूछताछ की। इस दौरान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

प्रिंसिपल निलंबित, जांच समिति गठित

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. राजेश कुमार बर्नवाल को अस्थायी रूप से पद से हटाया, और एटा मेडिकल कॉलेज की एनाटॉमी विभागाध्यक्ष डॉ. रजनी को कार्यवाहक प्रिंसिपल नियुक्त किया गया है। देवरिया प्रशासन ने घटना की तह तक जाने के लिए मुख्य विकास अधिकारी (CDO) की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय जांच समिति बनाई है। समिति को दो दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, कॉलेज की सभी जल टंकियों की सुरक्षा और सफाई व्यवस्था की समीक्षा करने के आदेश दिए गए हैं।

टंकी सील, वैकल्पिक जल आपूर्ति शुरू

घटना के बाद संबंधित टंकी को पूरी तरह सील कर दिया गया है। फिलहाल कॉलेज परिसर में पानी के टैंकरों के माध्यम से अस्थायी जल आपूर्ति की जा रही है। इस घटना के बाद कॉलेज के छात्र और स्थानीय लोग आक्रोशित हैं। कई छात्रों ने कहा कि वे पानी में बदबू महसूस कर रहे थे, पर किसी ने संदेह नहीं किया कि उसके भीतर एक शव हो सकता है। एक छात्र ने कहा, “हमारे साथ जो हुआ वह बेहद डरावना है, अबहम किसी भी पानी को बिना जांच के नहीं छुएंगे।”

DM ने दिया जांच का आश्वासन

पहली नज़र में हत्या कर शव को टंकी में छिपाने के प्रयास का मामला सामने आ रहा है। जिला प्रशासन ने कहा है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डीएम दिव्या मित्तल ने मीडिया से कहा, “यह घोर लापरवाही का मामला है।जल सुरक्षा से जुड़ी हर खामी की जांच होगी और जिम्मेदार अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।”
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