दिव्य शक्तियों के नाम पर दरिंदगी अशोक खरात कांड में SIT का सनसनीखेज खुलासा

The CSR Journal Magazine
स्वयंभू धर्मगुरु और ज्योतिषी अशोक खरात से जुड़े यौन शोषण मामले में SIT की जांच में चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। आरोपी महिलाओं को श्राप, मौत और परिवार को नुकसान की धमकी देकर अपने जाल में फंसाता था और उनके साथ दुष्कर्म करता था। अब तक 30 गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं और जांच तेजी से आगे बढ़ रही है।

दिव्य शक्तियों का झांसा देकर बनाया शिकार

SIT की जांच में सामने आया है कि अशोक खरात खुद को ‘दिव्य शक्तियों’ वाला व्यक्ति बताकर महिलाओं को प्रभावित करता था। वह पीड़ितों को विश्वास दिलाता था कि उसके पास अलौकिक शक्तियां हैं, जिनसे वह किसी का भी जीवन प्रभावित कर सकता है। इसी डर और अंधविश्वास का फायदा उठाकर वह महिलाओं को अपने जाल में फंसाता और फिर उनका यौन शोषण करता था।

श्राप और मौत की धमकी से करता था मानसिक उत्पीड़न

जांच अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी महिलाओं को यह कहकर डराता था कि अगर उन्होंने उसकी बात नहीं मानी तो उनके परिवार के किसी सदस्य की मौत हो जाएगी। वह ‘श्राप’ देने और अनहोनी होने की धमकी देता था। इस तरह वह पीड़ितों को मानसिक रूप से कमजोर कर देता था, जिससे वे उसके खिलाफ आवाज उठाने से डरती थीं।

अंधविश्वास और पाखंडी अनुष्ठानों का खेल

SIT के अनुसार, अशोक खरात महिलाओं को बहलाने और डराने के लिए नकली धार्मिक अनुष्ठानों का सहारा लेता था। वह ‘दिव्य आह्वान’ के नाम पर पत्थर और इमली के बीज जैसी वस्तुओं का इस्तेमाल करता था। इन तथाकथित अनुष्ठानों के जरिए वह माहौल ऐसा बनाता था कि पीड़ित उसकी बातों को सच मानने लगें और उसके प्रभाव में आ जाएं।

यौन शोषण के साथ पैसों की वसूली और ब्लैकमेलिंग

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी न सिर्फ महिलाओं का यौन शोषण करता था, बल्कि उनसे पैसे भी ऐंठता था। वह पीड़ितों को ब्लैकमेल करता और उनके आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उन्हें डराता था। SIT की साइबर टीम ने अब तक 4,650 आपत्तिजनक लिंक हटाए हैं और 451 सोशल मीडिया खातों को डिलीट कराया है। इस मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।

SIT और ED की संयुक्त जांच, 12 मामले दर्ज

मामले की गंभीरता को देखते हुए 24 सदस्यीय SIT का गठन किया गया है। SIT प्रमुख IPS तेजस्वी सतपुते के अनुसार, अब तक 30 गवाहों और पीड़ितों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। अशोक खरात के खिलाफ अहिल्यानगर और नासिक में कुल 12 मामले दर्ज हैं, जिनमें 8 मामले यौन उत्पीड़न से जुड़े हैं।
इसके अलावा प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी आरोपी के वित्तीय लेनदेन और संपत्तियों की जांच कर रहा है। SIT भी वित्तीय धोखाधड़ी के एक अलग मामले की जांच में जुटी है।
अशोक खरात फिलहाल पुलिस हिरासत में है और जांच एजेंसियां 60 दिनों के भीतर आरोपपत्र दाखिल करने की तैयारी कर रही हैं। उसकी पत्नी कल्पना खरात और बेटा हर्षवर्धन खरात फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं। यह मामला एक बार फिर समाज में अंधविश्वास और ढोंग के खतरनाक प्रभाव को उजागर करता है, जहां विश्वास का फायदा उठाकर गंभीर अपराधों को अंजाम दिया गया।

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