MP के ग्वालियर में शिवपुरी इलाके में एक मासूम बच्ची के साथ हुई शारीरिक दुष्कर्म की घटना ने MP समेत पूरे देश को सकते में डाल दिया। बलात्कारी ने बच्ची के साथ हैवानियत का ऐसा खेल खेला, जिसे सुनकर आपकी रूह कांप जाएगी। 5 साल की अबोध बच्ची को गंभीर हालत में ग्वालियर के कमला राजा अस्पताल में ऐड्मिट किया गया है जहां उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।
नाबालिग आरोपी ने किया इंसानियत को शर्मसार
MP के शिवपुरी में एक 17 साल के लड़के ने 5 साल की मासूम के साथ क्रूरता पूर्ण दुष्कर्म का प्रयास किया। इस प्रयास में उसने बच्ची के कान समेत उसके शरीर के कई हिस्सों को दांतों से काट लिया। बार बार उसे उठाकर ज़मीन पर पटका। इतने से ही उसका मन नहीं भरा तो उसने उस बच्ची को बीच से चीरने की कोशिश की। दरिंदे ने बच्ची के एक पैर को अपने पैर से दबाकर उसके दूसरे पैर को खींचकर बच्ची को बीच से चीरने की कोशिश की। अस्पताल में डॉक्टर्स भी बच्ची की दशा देखकर सकते में आ गए। बच्ची के प्राइवेट पार्ट में गंभीर घाव था और वो खून से लथपथ थी। उसे स्थिर स्थिति में लाने में डॉक्टर्स को बहुत मेहनत करनी पड़ी।
आरोपी ने बच्ची के साथ ऐसी विभत्सतापूर्ण हरकत की थी, की बच्ची के प्राइवेट पार्ट को Reconstruct करना पड़ा। 5 साल की मासूम बच्ची के निजी अंगों पर कुल 28 टांके लगाने पड़े और कोलोस्टोमी करनी पड़ी। उसके निचले हिस्से में अलग से मलद्वार बनाना पड़ा। बच्ची ने अपने माता-पिता को बताया कि नशे में धुत्त आरोपी उसे घर की छत से गोद में उठाकर सुनसान जगह ले गया और ‘भयानक चीजें’ की। बच्ची फिलहाल बेहोश है और जब कभी उसे होश आता है, तो डर के मारे चीखने चिल्लाने लगती है और फिर बेहोश हो जाती है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। 17 वर्षीय आरोपी बच्ची का पड़ोसी है। बच्ची की गंभीर हालत को देखते हुए परिजन और रिश्तेदार आरोपी को फांसी की सज़ा देने और उसके घर को बुलडोजर से ध्वस्त करने की मांग को लेकर धरना और मोर्चा निकाल रहे हैं।
मर चुकी इंसानियत का जिंदा सबूत है बच्ची
5 साल की मासूम बच्ची के साथ ऐसी हैवानियत करना किसी इंसान कहलाने वाले जीव के बस की तो बात नहीं! तो क्या इंसानियत का अंत होने का सबूत है वो अबोध बच्ची, जिसे अपने साथ हुए दुष्कर्म का मतलब तक नहीं पता। नहीं समझ पाई होगी कि पड़ोस के ‘Uncle’ ने उसके साथ ऐसा क्यूं किया। तड़पी होगी, चीखी होगी, रहम की भीख भी मांगी होगी, लेकिन नशे में धुत्त ‘Uncle’ ने उसकी चीखों को अनसुना किया होगा। आप भी सोचिए कि क्या हम एक सभ्य समाज कहलाने के लायक है? क्या हम विकासशील देशों की कतार में आगे खड़े होने का हक रखते हैं? मरी हुई इंसानियत हमे किस दोजख में ले जा रही है, जरा कल्पना कीजिए!