तमिलनाडु के मदुरै में एक कॉलेज छात्रा की मौत ने यूट्यूब पर फैल रही भ्रामक स्वास्थ्य जानकारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वज़न कम करने के नाम पर बोरेक्स जैसे विषैले रसायन के सेवन से छात्रा की जान चली गई। विशेषज्ञों और डॉक्टरों ने इसे खतरनाक प्रवृत्ति बताते हुए कड़े नियंत्रण और जन-जागरूकता की ज़रूरत बताई है।
यूट्यूब की सलाह और एक होनहार ज़िंदगी का अंत
मदुरै के सेल्लूर इलाके की रहने वाली कलैयारसी एक निजी कॉलेज में ग्रेजुएशन के फ़र्स्ट ईयर की छात्रा थीं। पुलिस के अनुसार, उनका वज़न थोड़ा अधिक था और इसी वजह से वह परेशान रहती थीं। इसी दौरान उन्होंने एक यूट्यूब चैनल पर वज़न घटाने से जुड़ा वीडियो देखा, जिसमें बोरेक्स के सेवन का दावा किया गया था।
वीडियो से प्रभावित होकर कलैयारसी ने स्थानीय मेडिकल स्टोर से बोरेक्स खरीदा और बिना किसी चिकित्सकीय सलाह के उसका सेवन कर लिया। कुछ ही देर में उनकी तबीयत बिगड़ गई, तेज़ उल्टियां शुरू हो गईं और वह बेहोश हो गईं। परिवार उन्हें तुरंत एक निजी अस्पताल ले गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें घर भेज दिया गया।
हालांकि रात में उनकी हालत फिर गंभीर हो गई। उन्हें सरकारी राजाजी अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। इस घटना से पूरे इलाके में शोक और आक्रोश है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

बोरेक्स क्या है और यह कितना ख़तरनाक है
विशेषज्ञों के मुताबिक़ बोरेक्स, जिसे रासायनिक भाषा में सोडियम बोरेट कहा जाता है, कोई खाद्य पदार्थ नहीं है। कोयंबटूर स्थित भरतियार विश्वविद्यालय के केमिस्ट्री प्रोफ़ेसर बताते हैं कि यह वही पाउडर है जिसका इस्तेमाल कैरम बोर्ड या औद्योगिक कार्यों में किया जाता है।
उनका कहना है कि बोरेक्स एक ऐसा रसायन है जिसकी विषाक्तता कीटनाशकों जैसी होती है। बहुत सीमित और शुद्ध मात्रा में इसका उपयोग केवल दवा निर्माण या बाहरी उपचारों में किया जाता है। इसे सीधे खाना बेहद खतरनाक है।
सिद्ध चिकित्सा से जुड़े विशेषज्ञ भी मानते हैं कि बोरेक्स को बिना शुद्धिकरण और विशेषज्ञ निगरानी के उपयोग करना ज़हर के समान है। यह किसी भी तरह से वज़न घटाने की दवा नहीं है।
शरीर पर पड़ने वाले घातक प्रभाव
गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉक्टर वीजी मोहन प्रसाद के अनुसार, अधिक मात्रा में बोरेक्स शरीर में पहुंचते ही तेज़ी से ज़हर की तरह काम करता है। इसके सेवन से उल्टी, दस्त, पेट में तेज़ दर्द, चक्कर और दौरे पड़ सकते हैं।
डॉक्टर बताते हैं कि बोरेक्स का ज़हर कुछ ही समय में शरीर के आंतरिक अंगों, खासकर किडनी और लीवर, को नुकसान पहुंचाता है। आंतरिक रक्तस्राव की स्थिति भी बन सकती है।
अगर किसी व्यक्ति ने गलती से बोरेक्स खा लिया हो, तो एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचना बेहद ज़रूरी है।
समय पर पेट की सफाई और इलाज से जान बच सकती है, लेकिन देरी होने पर स्थिति जानलेवा हो जाती है।

भ्रामक यूट्यूब चैनलों पर सवाल और चेतावनी
इस दर्दनाक घटना के बाद एलोपैथिक और सिद्ध चिकित्सा से जुड़े डॉक्टरों ने यूट्यूब और सोशल मीडिया पर फैल रही झूठी मेडिकल जानकारियों पर चिंता जताई है। विशेषज्ञों का कहना है कि बिना मेडिकल योग्यता वाले लोग “प्राकृतिक इलाज” या “घरेलू नुस्खों” के नाम पर खतरनाक सलाह दे रहे हैं।
सिद्ध चिकित्सक वीरबाबू का कहना है कि वज़न कम करने का कोई शॉर्टकट नहीं है। संतुलित आहार और नियमित व्यायाम ही सुरक्षित रास्ता है। उन्होंने सरकार से ऐसे चैनलों पर सख्त निगरानी और कार्रवाई की मांग की है।
कलैयारसी के पिता ने भी मीडिया को बताया कि उन्होंने अपनी बेटी को यूट्यूब देखकर दवाएं लेने से रोका था, लेकिन समय रहते वे उसे बचा नहीं सके।
यह घटना एक कड़ी चेतावनी है कि इंटरनेट पर दिखाई देने वाली हर स्वास्थ्य सलाह पर भरोसा करना जानलेवा साबित हो सकता है। विशेषज्ञों की सलाह के बिना किसी भी दवा या रसायन का सेवन न करने की अपील की जा रही है।


