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कोरोना ने पर्यटन का किया ऐसा हाल, सुधरने में लगेंगे कई साल।

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कोरोना महामारी ने जीवन के मायने ही बदल दिये हैं। इस महाप्रकोप के समय में हर व्यक्ति किसी ना किसी तरीके से प्रभावित हुआ है, हर एक इंसान परेशानी से घिरा हुआ है। बिजनेस और काम धंधा सब चौपट हो गया है। सबसे ज्यादा अगर कोई सेक्टर प्रभावित हुआ है तो वो है टूरिज्म। टूरिज्म से जुड़े लोग। वो टूरिस्ट गाइड, होटल में काम करनेवाले कर्मचारी। लॉकडाउन में सबकुछ ठप्प होने के बाद इस सेक्टर में काम करनेवाले भुखमरी के शिकार होने लगें। लेकिन अब धीरे धीरे ही सही लेकिन अनलॉक की प्रक्रिया टूरिस्ट को बूस्ट जरूर कर रहा है।
पर्यटन उद्योग से मजबूत होती है अर्थव्यवस्था
लेकिन ये भी सच्चाई है कि भले देश अनलॉक की ओर बढ़ रहा है पर ख़तरा हमेशा के लिए टला नही है।भय और जीवनसंकट के इस दौर में ऐसा लगता है मानो खुशी एवं मुस्कान तो कहीं गुम हो गई है। बावजूद इन सबके हर व्यक्ति को अपने जीवन में कुछ समय ऐसा जरूर निकालना चाहिए जिसमें खुशी और शांति मिल सके। इस दुःख की घड़ी में ख़ुशी का सबसे सशक्त माध्यम है पर्यटन।
देश के विकास में पर्यटन है महत्वपूर्ण
जब भी कोरोना महाप्रकोप से सुरक्षित हो जाये, खुशियों को फिर से गले लगाने के लिये घूमने के लिए जरूर निकलना चाहिए। जीवन में पर्यटन के सर्वाधिक महत्व के कारण ही हर साल 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस मनाया जाता है। पर्यटन सिर्फ हमारे जीवन में खुशियों के पलों को वापस लाने में ही मदद नहीं करेगा बल्कि यह किसी भी देश के सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनैतिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका का माध्यम भी होता है।
कोरोना के समय में जब समूची अर्थव्यवस्था अस्तव्यस्त हो गयी है, हर देश की पहली जरूरत अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है उसमें पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। क्योंकि भारत समेत कई देशों की अर्थव्यवस्था पर्यटन-उद्योग के इर्द-गिर्द घूमती रही है। यूरोपीय देश, तटीय अफ्रीकी देश, दुबई, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और भारत आदि ऐसे देश हैं जहां पर पर्यटन उद्योग से मिले इनकम वहां की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करता है।
क्यों मनाया जाता है विश्व पर्यटन दिवस
पर्यटन का महत्व और पर्यटन की लोकप्रियता को देखते हुए ही संयुक्त राष्ट्र संघ ने 1980 से 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस के तौर पर मनाने का निर्णय लिया। विश्व पर्यटन दिवस के लिए 27 सितंबर का दिन चुना गया क्योंकि इसी दिन 1970 में विश्व पर्यटन संगठन का संविधान स्वीकार किया गया था। पर्यटन दिवस को वैश्विक पर्यटन के रूप में बढ़ावा देने के लिए मील के पत्थर के रूप में देखा जाता है।
6 महीने से टूरिज्म इंडस्ट्री पर ताला लटका, कोरोना से भारत में भी पर्यटन प्रभावित
कोरोना संकट की वजह से वैश्विक पर्यटन उद्योग पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है। पिछले करीब 6 महीने से टूरिज्म इंडस्ट्री पर ताला लटका हुआ है। भारत में भी इस सेक्टर पर गहरा असर पड़ा है। हर दिन नुकसान का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है और फिलहाल हालात सामान्य होने की उम्मीद भी नहीं दिखाई दे रही है। भारत की जीडीपी में पर्यटन उद्योग का योगदान करीब 6.8 फीसद है। भारत में पर्यटन उद्योग से करीब 8.75 करोड़ लोग जुड़े हैं। 2018-19 के आंकड़ों के अनुसार यह कुल रोजगार का करीब 12.75 फीसद है। जिसमें होटलकर्मी, ट्यूर ऑपरेटर, ट्रैवल एजेंट, ड्राइवर, गाइड, छोटे व्यापारी सहित कई अन्य शामिल हैं। साथ ही यह कृषि, ट्रांसपोर्ट, हैंडलूम, एफएमसीजी सहित कई अन्य क्षेत्रों से भी जुड़ा है। जिसके कारण इन क्षेत्रों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
कोरोना की वजह टूरिज्म सेक्टर को 5 लाख करोड़ रुपये का नुकसान
कोरोना वायरस महामारी ने घरेलू पर्यटन की कमर तोड़ कर रख दी है। CII और होटेलिवाटे की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस संकट से क्षेत्र को पांच लाख करोड़ रुपये यानी 65.57 अरब डॉलर के नुकसान का अनुमान है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सिर्फ संगठित पर्यटन क्षेत्र को ही इससे 25 अरब डॉलर का नुकसान होने की संभावना है। यह आंकड़े चेताने वाले हैं और उद्योग को अपना अस्तित्व बचाने के लिए तत्काल राहत की जरूरत है।
देरी से पटरी पर लौटेगी टूरिज्म इंडस्ट्री
कोरोनकाल में लोगों की परचेजिंग पावर लगभग खत्म सा है। लोग घूमनें फिरने को फिलहाल सेकंड्री मान रहें है। पैसों की तंगहाली से लोग उबर नही पा रहें है। इसलिए ये आकलन किया जा रहा है कि टूरिज्म इंडस्ट्री भले ही शुरू हो चुकी है लेकिन ये जल्द पटरी पर नही आएगी।
बेरोजगार हो सकते हैं 3.8 करोड़ लोग, दूसरे रोजगार की तरफ रुख
फेडरेशन ऑफ एसोसिएशन इन इंडिया टूरिज्म एंड हॉस्पिटेलिटी ने पीएम नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिख अनुमान लगाया है कि व्यापार बंद होने जैसे कई कारणों के चलते 70 फीसदी यानी 3.8 करोड़ से ज्यादा कर्मचारी बेरोजगार हो सकते हैं। जबकि कुल कर्मचारियों की संख्या करीब 5.5 करोड़ है। ऐसे में लोगों ने दूसरे काम शुरू किए हैं। कुछ जंगल में जाकर काम कर रहे हैं, तो कुछ सब्जियां बेच रहे हैं।
भारत जैसे देशों के लिए पर्यटन का खास महत्व है। देश की पुरातात्विक विरासत या सांस्कृतिक धरोहर केवल दार्शनिक, धार्मिक, सांस्कृतिक स्थल के लिए नहीं है बल्कि यह रेवन्यू का भी बड़ा माध्यम है। पर्यटन क्षेत्रों से कई लोगों की रोजी-रोटी भी जुड़ी है। भारत असंख्य पर्यटन अनुभवों और मोहक स्थलों का देश है। चाहे भव्य स्मारक हों, प्राचीन मंदिर या मकबरे हों, नदी-झरने, प्राकृतिक मनोरम स्थल हो, इसके चमकीले रंगों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रौद्योगिकी से चलने वाले इसके वर्तमान से अटूट संबंध है।
केरल, शिमला, गोवा, आगरा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, मथुरा, काशी जैसी जगहें तो अपने विदेशी पर्यटकों के लिए हमेशा चर्चा में रहती हैं। भारत में अपने लोगों के साथ लाखों विदेशी लोग प्रतिवर्ष भारत घूमने आते हैं। भारत में पर्यटन की उपयुक्त क्षमता है। यहां सभी प्रकार के पर्यटकों को चाहे वे साहसिक यात्रा पर हों, सांस्कृतिक यात्रा पर या वह तीर्थयात्रा करने आए हों या खूबसूरत समुद्री-तटों की यात्रा पर निकले हों, सबके लिए खूबसूरत जगहें हैं। दिल्ली, मुंबई, राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, दक्षिण भारत के अनेक राज्यों में तो लोगों को घूमते-घूमते महीना बीत जाते हैं। यही कारण है कि भारत अपनी सुंदरता के लिए पूरे विश्व में प्रसिद्ध है।
लॉकडाउन के ताले टूटे, पर्यटन को सरकारी बढ़ावा
कोरोना वायरस संक्रमण के कारण रहे लंबे लॉकडाउन के ताले टूट गए। अधिकांश गतिविधियां अनलॉक हो चुकी हैं, लेकिन पर्यटन के कदम अब तक ठिठके हुए हैं। संकट में घिरे पर्यटन उद्योग को धीरे-धीरे निकालने की कोशिश भारत सरकार स्तर से शुरू हो गई है। ऐसे में अब घरेलू पर्यटन के सहारे ही इस क्षेत्र को धीरे-धीरे आगे बढ़ाने की योजना भारत सरकार के स्तर से बन रही है। ताजमहल का दीदार खुल गया, उत्तराखंड में ट्रेकिंग खुल गयी, मंदिर के कपाट खुलने लगे हैं।
कोरोना महामारी में कैसे करें सुरक्षित यात्रा विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर कोरोना काल में यदि आप कहीं यात्रा करने का मन बना रहे है, तो आपको सावधानी रखनी बेहद जरूरी हैं, क्योंकि कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है। कोरोना से बचने का सिर्फ एक मात्र उपाय है। और वो है, सावधानी। जो खुद आपको रखनी है।
टूर के दौरान इन बातों का रखें ख़्याल
भले ही अभी लॉकडाउन हटा लिया गया है, लेकिन कोरोनावायरस का खतरा अभी भी बरकरार है, इसलिए अपनी सेहत का ख्याल रखते हुए बेवजह यात्रा करने से बचें। बहुत जरूरी हो तभी जाएं।
यदि सर्दी, जुकाम, गले में खराश, बुखार महसूस होने पर यात्रा न करें। आप जहां यात्रा के लिए जानें वाले है, वहां के बारे में पहले जानकारी एकत्रित कर लें। जैसे वहां सब सुरक्षित है की नहीं, वहां जा सकतें है या नही।
यात्रा के लिए पैकिंग करते वक्त अपनी सुरक्षा का सारा सामान अपने पास रखें। जैसे एक एक्स्ट्रा मास्क, एक्स्ट्रा सैनिटाइजर, ग्लव्स इन्हें अपने साथ में जरूर रखें। यात्रा करने जा रहे है, तो ‘आरोग्य सेतु ऐप’ जरूर ही इंस्टाल होना चाहिए। इससे आप आस-पास की कोरोना की सही जानकारी रख सकते है।
ऐसी होटल को बुक करें, जो हाइजीन का ख्याल रखते हों। कैश का लेनदेन कम से कम करें, अच्छा गर्म खाना ही खाएं। फास्ट फूड से दूर रहें। कोरोना काल में एसी रूम को लेने से बचें।