मोदी का सभी दलों को नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर समर्थन का पत्र, खड़गे का आरोप चुनावी लाभ के लिए जल्दबाजी

The CSR Journal Magazine
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में लोकसभा और राज्यसभा के सभी दलों के फ्लोर लीडर्स को पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के लिए समर्थन मांगा है। मोदी ने कहा कि अब समय आ गया है कि इस कानून को पूरे देश में सही मायनों में लागू किया जाए। इस अधिनियम के तहत महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की गई है। उन्होंने यह भी लिखा कि 2029 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों में महिलाओं के लिए आरक्षण जरूरी है।

खड़गे का जवाब; वक्त पर सवाल

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री के पत्र का जवाब देते हुए कहा कि राज्य चुनावों के बीच संसद का विशेष सत्र बुलाना यह दर्शाता है कि सरकार इस कानून को राजनीतिक लाभ के लिए जल्दबाजी में लागू करना चाहती है। खड़गे ने आग्रह किया कि इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए ताकि सभी पार्टियों के विचार सुने जा सकें।

कैबिनेट ने दी मंजूरी; बिल में प्रस्तावित बदलाव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित कैबिनेट मीटिंग में नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन के ड्राफ्ट बिल को मंजूरी दी गई। इस प्रस्ताव के तहत लोकसभा की 543 सीटों को बढ़ाकर 816 करने की योजना है, जिसमें 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। इसके चलते सरकार ने बजट सत्र को बढ़ाते हुए 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुलाने का निर्णय लिया है।

2029 के चुनाव में लागू होगा कानून

यदि संसद से इस कानून को मंजूरी मिल जाती है तो यह 31 मार्च 2029 से लागू होगा और उसी साल होने वाले लोकसभा चुनावों में पहली बार प्रभावी होगा। इसके साथ ही, परिसीमन कानून में संशोधन के लिए अलग बिल लाने की योजना भी बनाई गई है। इस बदलाव से राज्यों की विधानसभाओं में भी महिलाएं अधिक संख्या में प्रतिनिधित्व प्राप्त कर सकेंगी।

आगे की कार्यवाही; जनगणना का आधार

नई सीटों का निर्धारण 2027 की जनगणना के बजाय 2011 की जनगणना के आधार पर किया जा सकता है। यह कानून दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और पुडुचेरी जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में भी लागू किया जाएगा। इस प्रकार, यह अधिनियम न केवल महिलाओं को राजनीतिक सशक्तिकरण देगा बल्कि राज्यों की विधानसभाओं में भी एक नए संतुलन की स्थापना करेगा।

थरूर का बयान; राजनीतिक हथियार नहीं बनाना चाहिए

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए कहा कि महिला आरक्षण कानून को राजनीतिक हथियार के रूप में नहीं इस्तेमाल किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया में जल्दबाजी करने से राज्यों का लोकतांत्रिक संतुलन बिगड़ सकता है।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos