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January 31, 2026

Kavach Train Protection System: पश्चिम रेलवे पर कवच 4.0 की बड़ी शुरुआत, विरार–सूरत–वडोदरा सेक्शन में हुआ कमीशन

The CSR Journal Magazine

सयाजी नगरी एक्सप्रेस बनी पहली Kavach-सुसज्जित ट्रेन

भारतीय रेल में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर एक और बड़ा कदम उठाया गया है। पश्चिम रेलवे ने विरार–सूरत–वडोदरा के 344 किलोमीटर लंबे खंड पर स्वदेशी रूप से विकसित कवच 4.0 (Kavach 4.0) ट्रेन संरक्षण प्रणाली को कमीशन कर दिया है। इसके साथ ही ट्रेन संख्या 20907 दादर–भुज सयाजी नगरी एक्सप्रेस मुंबई से चलने वाली पश्चिम रेलवे की पहली Kavach Equipped Train बन गई है। यह उपलब्धि 30 जनवरी 2026 को हासिल की गई, जिसे रेल सुरक्षा के लिहाज से एक ऐतिहासिक दिन माना जा रहा है। पश्चिम रेलवे के अनुसार, इस पूरे सेक्शन में 49 स्टेशनों पर कवच तकनीक को लागू किया गया है। इसके संचालन के लिए 57 रेडियो कम्युनिकेशन टावर और करीब 700 किलोमीटर लंबी ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाई गई है। Kavach System एक अतिरिक्त सुरक्षा परत के रूप में काम करता है, जो सिग्नल को खतरे की स्थिति में पार करने, तेज रफ्तार और ट्रेन टक्कर जैसी घटनाओं को रोकने में मदद करता है।

खराब मौसम में भी बढ़ेगी सुरक्षा

कवच 4.0 की खास बात यह है कि यह खराब मौसम और कम दृश्यता की स्थिति में भी लोको पायलट को समय पर अलर्ट देता है। लेवल क्रॉसिंग पर ऑटो-व्हिसलिंग, लोको केबिन में सिग्नल की जानकारी की पुनरावृत्ति और ऑटोमैटिक ब्रेकिंग जैसी सुविधाएं इसे आधुनिक Railway Safety Technology बनाती हैं। इससे मानवीय गलती की आशंका काफी हद तक कम हो जाती है।

पहले भी हो चुका है कवच का विस्तार

इससे पहले दिसंबर 2025 में पश्चिम रेलवे ने वडोदरा–अहमदाबाद सेक्शन पर कवच प्रणाली को लागू किया था। अब विरार–वडोदरा खंड के शामिल होने के बाद पश्चिम रेलवे के कुल 435 रूट किलोमीटर पर कवच सिस्टम सक्रिय हो चुका है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत कदम है, क्योंकि Kavach पूरी तरह स्वदेशी तकनीक पर आधारित और लागत के लिहाज से भी किफायती है।

आगे और बढ़ेगा नेटवर्क

पश्चिम रेलवे के मुताबिक, 2667 रूट किलोमीटर में कवच लगाने का काम तेजी से चल रहा है, जिस पर करीब 1435 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसके अलावा 2476 रूट किलोमीटर के लिए प्रस्ताव भी मंजूरी की प्रक्रिया में हैं। लक्ष्य है कि आने वाले समय में पूरे ब्रॉड गेज नेटवर्क को Kavach Train Protection System से कवर किया जाए। कवच 4.0 की यह शुरुआत पश्चिम रेलवे को एक सुरक्षित, भरोसेमंद और भविष्य के लिए तैयार रेल नेटवर्क की ओर ले जाती है, जिससे यात्रियों का सफर पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित होगा।
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