TMC के लिए प्रचार करने वाली ऑफिसर के खिलाफ एक्शन, ECI ने ARO को किया सस्पेंड

The CSR Journal Magazine
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के ईस्ट बर्दवान जिले की जॉइंट BDO-कम-ARO ज्योत्सना खातून को सस्पेंड कर दिया है। यह कार्रवाई कर्तव्य में लापरवाही के आरोप में की गई है। यह ईसीआई की जीरो टॉलरेंस नीति का एक महत्वपूर्ण कदम है। आयोग ने शुक्रवार को यह फैसला लिया और सुनिश्चित किया कि चुनावी प्रक्रिया निष्पक्ष हो। ज्योत्सना खातून पर TMC के लिए खुलकर प्रचार करने का आरोप है, जिससे उनकी भूमिका पर सवाल उठते हैं।

आयोग की योजना

चुनाव आयोग के सचिव सुजीत कुमार मिश्रा ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव दुष्यंत नरियाला को सूचित किया कि खातून को तुरंत सस्पेंड किया जाए और अनुशासनिक कार्रवाई शुरू की जाए। आयोग ने कहा कि इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप एक कम्प्लायंस रिपोर्ट भी मांगी जाएगी, जो 4 अप्रैल, 2026 को सुबह 11 बजे तक प्रस्तुत होनी है। ऐसा कदम चुनाव में पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए उठाया गया है।

ब्यूरोक्रेट्स के ट्रांसफर की स्थिति

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि जब से चुनाव आचार संहिता लागू हुई है, तब से कितने कम ब्यूरोक्रेट्स और पुलिस अधिकारियों के ट्रांसफर किए गए हैं। हाल ही में दी गई जानकारी के अनुसार, 27 अक्टूबर, 2025 से लेकर 16 मार्च, 2026 तक पश्चिम बंगाल सरकार ने 1,370 अधिकारियों को ट्रांसफर किया। इसमें 97 IAS, 146 IPS, 1,080 WBCS और 47 WBPS अधिकारी शामिल हैं। यह आंकड़ा दिखाता है कि चुनाव में निष्पक्षता बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

जीरो टॉलरेंस नीति का महत्व

इस बीच, पश्चिम बंगाल के चीफ इलेक्शन ऑफिसर का ऑफिस भी सक्रिय हो गया है। उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में यह जानकारी दी कि ECI इस महीने के अंत तक पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों के लिए फ्री, फेयर और हिंसा-फ्री चुनाव कराने के लिए जीरो टॉलरेंस नीति लागू करेगा। इस नीति का उद्देश्य किसी भी तरह के चुनावी फसाद को रोकना है। इस प्रकार, ECI चुनावी प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए ठोस कदम उठा रहा है।

सीधी चुनौतियां और चुनावी नियम

पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। राजनीतिक दलों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा है, जिसके चलते TMC के खिलाफ उठाए गए कदम महत्वपूर्ण नजर आ रहे हैं। चुनाव आयोग को इस समय में न केवल निष्पक्ष चुनाव कराना है, बल्कि चुनावी नियमों का पालन भी सुनिश्चित करना है। इन सब के बीच आयोग की जीरो टॉलरेंस नीति से चुनावी प्रक्रिया पर सकारात्मक असर पड़ेगा। विशेष रूप से ऐसा करना इसलिए भी आवश्यक है, ताकि मतदाता विश्वास महसूस करें कि उनकी आवाज सही तरीके से सुनी जा रही है।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos