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February 19, 2026

राजस्थान धोखाधड़ी मामले में सुप्रीम कोर्ट से विक्रम भट्ट और पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को जमानत मिली

The CSR Journal Magazine
राजस्थान पुलिस द्वारा दर्ज कथित धोखाधड़ी मामले में बॉलीवुड फिल्ममेकर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने दोनों को नियमित जमानत दे दी है। इस मामले में दंपति पर वित्तीय अनियमितता, धन के दुरुपयोग और रकम की हेराफेरी के आरोप लगाए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से उन्हें जांच और कानूनी प्रक्रिया के दौरान राहत मिली है।

क्या है मामला?

मामले की शुरुआत राजस्थान के एक शिकायतकर्ता की शिकायत से हुई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि एक फिल्म के नाम पर उससे बड़ी रकम ली गई, लेकिन बाद में उस पैसे का गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया। शिकायत के आधार पर राजस्थान पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और मामले की जांच शुरू कर दी।

एफआईआर के बाद पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई

शिकायत के बाद राजस्थान पुलिस ने इसे गंभीर मानते हुए तेजी से कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, मामला वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा था, इसलिए इसे प्राथमिकता के आधार पर जांच में लिया गया। जैसे ही विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी के खिलाफ गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई, दोनों ने कानूनी संरक्षण के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

सुप्रीम कोर्ट में क्या हुई सुनवाई?

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान विक्रम भट्ट और श्वेतांबरी भट्ट ने अपने खिलाफ किसी भी तरह की सख्त कार्रवाई से बचाव की मांग की। दंपति ने कहा कि वे जांच में पूरा सहयोग करने के लिए तैयार हैं और उन्हें गिरफ्तार करने की आवश्यकता नहीं है।

पहले मिली थी अंतरिम जमानत

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने श्वेतांबरी भट्ट को अंतरिम जमानत दी थी। इसके बाद दोनों ने नियमित जमानत के लिए आवेदन किया ताकि उन्हें जांच और ट्रायल के दौरान स्थायी कानूनी सुरक्षा मिल सके।

नियमित जमानत मिलने के बाद भी शर्तें लागू

सुप्रीम कोर्ट ने नियमित जमानत देते हुए दंपति पर कुछ शर्तें भी लगाई हैं। अदालत के अनुसार:
  • उन्हें जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करना होगा।
  • वे किसी भी गवाह को प्रभावित नहीं कर सकेंगे।
  • जांच में बाधा डालने की कोशिश नहीं कर सकेंगे।
  • बिना अनुमति यात्रा करने पर रोक रहेगी।

कानूनी विशेषज्ञों की राय

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित जमानत का मतलब यह नहीं है कि आरोपी को क्लीन चिट मिल गई। इसका अर्थ सिर्फ इतना है कि अदालत को फिलहाल यह नहीं लगता कि मामले में हिरासत में पूछताछ जरूरी है। जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।

भट्ट दंपति ने आरोपों को बताया गलत

विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि यह विवाद आपराधिक नहीं बल्कि एक नागरिक (सिविल) मामला है, जिसे जानबूझकर आपराधिक रूप दे दिया गया है।

मीडिया में क्यों बना चर्चा का विषय?

विक्रम भट्ट बॉलीवुड के प्रसिद्ध निर्देशक और निर्माता हैं, जो खासतौर पर थ्रिलर और हॉरर फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने तीन दशकों से ज्यादा समय में कई चर्चित फिल्में बनाई हैं। इसी वजह से यह मामला मीडिया और जनता के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

आगे क्या होगा?

अब सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद भी मामले की जांच जारी रहेगी। पुलिस और जांच एजेंसियां आरोपों की सत्यता की जांच करेंगी। यदि दोष साबित होता है तो आगे कानूनी कार्रवाई संभव है, वहीं दंपति का दावा है कि वे पूरी तरह निर्दोष हैं और अदालत में अपनी बात साबित करेंगे।

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