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January 29, 2026

Badrinath Dham-Hemkund Sahib यात्रा होगी जाम-फ्री: हेलंग–मारवाड़ी बाईपास लगभग तैयार, अप्रैल से पहले खोलने की तैयारी

The CSR Journal Magazine
उत्तराखंड में अप्रैल से शुरू होने वाली चार धाम यात्रा को लेकर सरकार और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। सड़क, बिजली, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। हर साल लाखों श्रद्धालु गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के दर्शन के लिए पहुंचते हैं, जिनमें से बड़ी संख्या सड़क मार्ग से यात्रा करती है। ऐसे में इस बार यात्रियों को बड़ी राहत मिलने जा रही है।

हेलंग–मारवाड़ी बाईपास से बदलेगी यात्रा की तस्वीर

चार धाम यात्रा में सबसे बड़ी समस्या ट्रैफिक जाम की रही है, खासकर बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब मार्ग पर। अब इसी परेशानी का समाधान बनकर सामने आ रहा है हेलंग–मारवाड़ी बाईपास, जो लगभग बनकर तैयार हो चुका है। इस बाईपास के शुरू होने से श्रद्धालु बिना जोशीमठ में फंसे सीधे विष्णु प्रयाग होते हुए बदरीनाथ धाम पहुंच सकेंगे।

30 किलोमीटर कम होगा सफर, समय और ईंधन दोनों की बचत

लोक निर्माण विभाग के अनुसार, इस नए बाईपास के चालू होने से बदरीनाथ धाम की यात्रा करीब 30 किलोमीटर कम हो जाएगी। अब तक यात्रियों को पीपलकोठी से हेलंग, फिर जोशीमठ और वहां से विष्णु प्रयाग होते हुए जाना पड़ता था। यह रास्ता सिंगल लेन और संकरा होने के कारण पीक सीजन में अक्सर घंटों जाम का कारण बनता था। नया बाईपास इस समस्या से बड़ी राहत देगा।

2026 यात्रा से पहले चालू होने की पूरी उम्मीद

लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पांडे ने बताया कि हेलंग–मारवाड़ी बाईपास को चार धाम यात्रा 2026 से पहले शुरू करने की पूरी उम्मीद है। बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (BRO) द्वारा इस परियोजना का निर्माण किया जा रहा है और अधिकांश काम पूरा हो चुका है। प्रशासन का लक्ष्य है कि अप्रैल में यात्रा शुरू होने से पहले इसे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाए।

हेमकुंड साहिब और फूलों की घाटी तक पहुंच भी होगी आसान

यह बाईपास सिर्फ बदरीनाथ धाम ही नहीं, बल्कि हेमकुंड साहिब और फूलों की घाटी जाने वाले यात्रियों के लिए भी बेहद फायदेमंद साबित होगा। जाम से मुक्त सड़क मार्ग के चलते यात्रियों को कम समय में सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव मिलेगा।

भू-धंसाव के कारण रुका था काम, IIT रिपोर्ट के बाद मिली हरी झंडी

गौरतलब है कि साल 2023 में जोशीमठ क्षेत्र में भू-धंसाव की घटना सामने आने के बाद हेलंग–मारवाड़ी बाईपास का निर्माण कार्य रोक दिया गया था। इसके बाद IIT रुड़की से जियो-टेक्निकल सर्वे कराया गया। रिपोर्ट में निर्माण को सुरक्षित बताए जाने के बाद सरकार ने दोबारा काम शुरू करने की अनुमति दी, जिससे अब यह परियोजना अपने अंतिम चरण में पहुंच सकी है।

सामरिक दृष्टि से भी बेहद अहम है यह बाईपास

यह बाईपास सिर्फ धार्मिक पर्यटन ही नहीं, बल्कि सामरिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चमोली जिले में बदरीनाथ नेशनल हाईवे पर यह वैकल्पिक मार्ग आपात स्थिति में भी आवागमन को आसान बनाएगा।

चार धाम में ट्रैफिक बना सबसे बड़ी चुनौती

हर साल बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या के चलते चारों धामों में ट्रैफिक सबसे बड़ी समस्या बन गया है। इसी को देखते हुए ऑल वेदर रोड परियोजना, सड़क चौड़ीकरण और पार्किंग सुविधाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। हेलंग–मारवाड़ी बाईपास को इसी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। इस बार चार धाम यात्रा पर निकलने वाले श्रद्धालुओं के लिए राहत भरी खबर है। जाम-फ्री, छोटा और सुरक्षित रास्ता बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब और फूलों की घाटी की यात्रा को पहले से कहीं ज्यादा आसान बना देगा।
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