उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर स्थित Rajkiya Engineering College Ambedkar Nagar के छात्रों ने रेलवे सुरक्षा से जुड़ी एक महत्वपूर्ण तकनीक विकसित की है। ‘रेलसेंस’ नाम की यह डिवाइस ट्रेन के पहियों में होने वाली असामान्य गर्मी और घर्षण का पता लगाकर समय रहते चालक को सतर्क कर सकती है।
अक्सर देखा गया है कि ट्रेन के पहिए जाम हो जाने या ब्रेक के पहिए से चिपक जाने पर घर्षण बढ़ जाता है। इससे पहियों से धुआं निकलने लगता है और कई बार आग लगने जैसी खतरनाक स्थिति पैदा हो जाती है। छात्रों द्वारा विकसित यह नई तकनीक ऐसे ही संभावित हादसों को पहले ही पहचानकर उन्हें रोकने में मदद करेगी।
कैसे काम करती है ‘रेलसेंस’ डिवाइस
रेलसेंस डिवाइस को दो हिस्सों में डिजाइन किया गया है। इसका पहला हिस्सा ट्रेन के प्रत्येक पहिए में लगाया जाएगा, जबकि दूसरा हिस्सा इंजन में चालक के सामने स्थापित होगा।
पहिए में लगा सेंसर लगातार सक्रिय रहेगा और पहिए के तापमान की जानकारी इंजन में लगी रीडिंग डिवाइस तक भेजता रहेगा। तापमान के आधार पर यह डिवाइस तीन तरह के संकेत देती है।
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हरी लाइट: जब तापमान सामान्य हो
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नीली लाइट: जब तापमान सामान्य से अधिक हो
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लाल लाइट: जब तापमान 80 डिग्री सेल्सियस से अधिक पहुंच जाए

