मथुरा के सुरीर थाना क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे पर शनिवार सुबह एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। दिल्ली के नांगलोई से कानपुर जा रही बस में सवार यात्रियों ने लघुशंका के लिए बस रोकने का अनुरोध किया। ड्राइवर ने बस को सुरक्षित ग्रीन ज़ोन में नहीं रोका बल्कि सड़क पर ही बीच रास्ते में बस रोक दी। इसी दौरान यात्रियों ने बस से उतरकर टॉयलेट करने का प्रयास किया, तभी पीछे से आ रहे तेज रफ्तार कंटेनर ने बस में टक्कर मार दी और नीचे खड़े यात्रियों को कुचल दिया।
हादसे में छह लोगों की मौत
इस भीषण हादसे में मौके पर ही छह यात्रियों की मौत हो गई। मृतकों में औरैया के सरवा कटरा निवासी सोनू, बस्ती के अलेवल निवासी देवेश, कन्नौज के गणेश का पुरवा निवासी अस्लम और दिल्ली के प्रेम नगर निवासी संतोष शामिल हैं। इसके अलावा दो अन्य यात्रियों की पहचान अभी नहीं हो पाई है। हादसे में औरैया के बेला निवासी अमर दुबे गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
कैसे हुआ हादसा: ड्राइवर की लापरवाही सामने
स्थानीय पुलिस के अनुसार, बस चालक ने नियमों को ताक पर रखकर एक्सप्रेसवे पर बस रोक दी। एक्सप्रेसवे पर यात्रियों के उतरने और टॉयलेट के लिए जाने के दौरान तेज रफ्तार कंटेनर ने नियंत्रण खो दिया और बस को टक्कर मारी। यह लापरवाही और कंटेनर की रफ्तार हादसे का मुख्य कारण मानी जा रही है।
हादसे की तस्वीरें और मंजर भयावह
घटना स्थल पर मौजूद पुलिस और स्थानीय लोगों के अनुसार, हादसे की तस्वीरें और मंजर बेहद भयावह है। दुर्घटना स्थल पर खून बिखरा हुआ नजर आया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायल यात्री को अस्पताल भेजा और शवों को पोस्टमार्टम के लिए सुरक्षित किया।
पुलिस की जांच और सवाल
पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि आखिर ड्राइवर ने ग्रीन ज़ोन में बस नहीं रोकी और एक्सप्रेसवे पर यात्रियों की सुरक्षा का ध्यान क्यों नहीं रखा। साथ ही, कंटेनर चालक की लापरवाही और तेज रफ्तार के कारण हादसे के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
यात्रियों और स्थानीय लोगों में चिंता
स्थानीय लोग और यात्रियों के परिजन हादसे को लेकर गहरी चिंता में हैं। उनका कहना है कि एक्सप्रेसवे पर बस रोकने के नियम और सुरक्षा मानकों की अनदेखी अक्सर यात्रियों के लिए खतरे का कारण बनती है। यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि एक्सप्रेसवे पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम कब उठाए जाएंगे।
यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए इस दर्दनाक हादसे ने न सिर्फ यात्रियों के परिजनों को सदमे में डाल दिया है, बल्कि पूरे प्रदेश में सड़क सुरक्षा और नियम पालन की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
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