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January 31, 2026

UP: एक्सीडेंट केस में पुलिस का ‘इंश्योरेंस खेल’ बेनकाब: IG देवीपाटन ने 13 पुलिसकर्मी किए सस्पेंड, SIT जांच में चौंकाने वाला खुलासा

The CSR Journal Magazine
गोंडा: उत्तर प्रदेश के देवीपाटन परिक्षेत्र से पुलिस तंत्र को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां सड़क दुर्घटनाओं की विवेचना के नाम पर वर्षों से चल रहा एक संगठित भ्रष्टाचार का खेल एसआईटी जांच में उजागर हुआ है। जांच में सामने आया कि कुछ पुलिसकर्मी आर्थिक लाभ के लिए एक्सीडेंट मामलों में असली वाहन और चालक की जगह दूसरे बीमाकृत वाहन और वैध लाइसेंसधारी चालक दिखाकर बीमा कंपनियों से क्लेम वसूल रहे थे। इस गंभीर मामले में देवीपाटन रेंज के आईजी अमित पाठक ने सख्त कार्रवाई करते हुए एक इंस्पेक्टर समेत 13 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।

इंश्योरेंस कंपनियों की शिकायत से खुला राज

इस पूरे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश तब हुआ, जब बीमा कंपनियों की ओर से आईजी देवीपाटन को शिकायतें मिलीं। शिकायत में आरोप लगाया गया कि जिन सड़क दुर्घटनाओं में मौत हुई, उनमें विवेचकों ने जानबूझकर तथ्यों से छेड़छाड़ की। वास्तविक दुर्घटनाग्रस्त वाहन, जो बिना बीमा थे, उन्हें रिकॉर्ड से हटाकर दूसरे बीमित वाहनों को केस में शामिल किया गया। इसी तरह बिना लाइसेंस वाले चालकों की जगह वैध लाइसेंसधारी व्यक्तियों को चालक दर्शाया गया, ताकि बीमा कंपनी से मुआवजे की रकम वसूली जा सके।

SIT जांच में सामने आई चौंकाने वाली हकीकत

मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी अमित पाठक ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। एसआईटी की जांच में देवीपाटन मंडल के चार जिलों गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती और बलरामपुर से जुड़े 13 मामले सामने आए। इनमें कुल 16 विवेचकों की संलिप्तता पाई गई। जांच रिपोर्ट के अनुसार बहराइच जिले में सबसे ज्यादा 9 मामले सामने आए, जबकि गोंडा में 2 और श्रावस्ती में 2 मामलों में अनियमितताएं पाई गईं।

वाहन और चालक बदलकर दाखिल की गई फर्जी चार्जशीट

एसआईटी ने पाया कि कई मामलों में दुर्घटना के वास्तविक स्वरूप को ही बदल दिया गया। कहीं डंपर की जगह बाइक दिखाई गई, तो कहीं सड़क पर कुत्ते से टकराने से हुई मौत को वाहन दुर्घटना बता दिया गया। कुछ मामलों में असली चालक की जगह दूसरे व्यक्ति को चालक दर्शाकर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी गई। यह सब बीमा कंपनियों से क्लेम की राशि हासिल करने के लिए किया गया।

13 पुलिसकर्मी निलंबित, विभागीय जांच शुरू

जांच रिपोर्ट के आधार पर आईजी देवीपाटन ने एक निरीक्षक और 12 उपनिरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं। वहीं, तीन अन्य उपनिरीक्षक जिनका स्थानांतरण हो चुका है, उनके खिलाफ संबंधित जिलों को पत्र भेजकर निलंबन और विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कराई गई है।

फर्जी चार्जशीट वापस, दोबारा होगी विवेचना

आईजी अमित पाठक ने स्पष्ट किया कि जिन मामलों में गड़बड़ियां पाई गई हैं, उनमें न्यायालय में दाखिल फर्जी चार्जशीट वापस मंगा ली गई है। अब इन मामलों की अग्रिम विवेचना कराई जाएगी, ताकि सही वाहन और सही चालक को जिम्मेदार ठहराया जा सके। उन्होंने कहा कि यदि आगे की जांच में और भी दोषी सामने आते हैं, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

IG का साफ संदेश: भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं

आईजी अमित पाठक ने मीडिया से बातचीत में कहा कि दुर्घटना विवेचना में किसी भी तरह की अनियमितता और भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस का काम न्याय दिलाना है, न कि नियमों को तोड़कर निजी लाभ कमाना। यह कार्रवाई पुलिस महकमे में एक सख्त संदेश है कि कानून से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
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