सोशल मीडिया वेटिंग लागू होने के बाद अमेरिकी वीज़ा प्रक्रिया में अभूतपूर्व सख्ती देखी जा रही है। इसके चलते भारत में B1/B2 वीज़ा के अनेक आवेदन बिना ठोस और स्पष्ट कारण बताए अस्वीकृत किए जा रहे हैं, जिससे पर्यटन, व्यवसाय और पारिवारिक यात्राओं की योजनाओं पर असर पड़ रहा है और आम आवेदकों के बीच असमंजस व चिंता का माहौल बन गया है।
अमेरिकी B1/B2 वीज़ा संकट: बढ़ते रिजेक्शन पर मुंबई कांसुलेट का अनुभव वायरल!
भारत में अमेरिकी B1/B2 (बिज़नेस व टूरिस्ट) वीज़ा आवेदनों के बड़े पैमाने पर खारिज होने की खबरों ने हज़ारों यात्रियों और पेशेवरों की चिंता बढ़ा दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Reddit पर सामने आए एक अनुभव के अनुसार, मुंबई स्थित अमेरिकी कांसुलेट में वीज़ा इंटरव्यू के दौरान आवेदक को केवल इतना कहा गया- “You are not eligible for visa at this time”, जबकि अस्वीकृति का कोई ठोस कारण नहीं बताया गया। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब भारत में H-1B वीज़ा स्टैम्पिंग पहले से ही महीनों की देरी का सामना कर रही है। माना जा रहा है कि 15 दिसंबर 2025 से शुरू हुई सोशल मीडिया वेटिंग प्रक्रिया के बाद वीज़ा जांच और अधिक सख्त हो गई है।
क्या है पूरा मामला?
शुक्रवार को सोशल मीडिया पर कई यूज़र्स ने दावा किया कि पिछले कुछ दिनों में भारत के विभिन्न अमेरिकी दूतावासों और कांसुलेट्स में B1/B2 वीज़ा आवेदन अचानक खारिज कर दिए गए। आवेदकों का कहना है कि उनके दस्तावेज़ पूरे थे, पहले भी अंतरराष्ट्रीय यात्रा का रिकॉर्ड था, वित्तीय स्थिति भी मज़बूत थी। इसके बावजूद इंटरव्यू कुछ ही मिनटों में खत्म कर दिया गया और अस्वीकृति पर्ची थमा दी गई। खास तौर पर मुंबई कांसुलेट से जुड़े अनुभव अधिक साझा किए जा रहे हैं, जिससे यह मामला और गंभीर हो गया है।
सोशल मीडिया वेटिंग से बढ़ी सख्ती
अमेरिकी प्रशासन ने हाल के महीनों में वीज़ा आवेदकों की सोशल मीडिया गतिविधियों की गहन जांच शुरू की है। सूत्रों के अनुसार आवेदक के सोशल मीडिया पोस्ट, पुराने कमेंट्स, प्रोफाइल की निरंतरता, इन सभी को वीज़ा निर्णय में शामिल किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि कोई भी अस्पष्ट या अधूरी जानकारी, यात्रा के उद्देश्य में ज़रा-सी भी असंगति या अमेरिका में ओवरस्टे का संदेह सीधे अस्वीकृति का कारण बन सकता है।
H-1B वीज़ा देरी से भी जुड़ा असर
वीज़ा विशेषज्ञ यह भी संकेत दे रहे हैं कि H-1B स्टैम्पिंग में भारी बैकलॉग और आवेदनों की संख्या में तेज़ बढ़ोतरी के कारण अमेरिकी मिशन जोखिम लेने से बच रहे हैं। इसका असर अब केवल वर्क वीज़ा तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि टूरिस्ट और बिज़नेस वीज़ा पर भी साफ़ दिखने लगा है।
आवेदकों में बढ़ी अनिश्चितता
B1/B2 वीज़ा आमतौर पर पारिवारिक यात्राओं, बिज़नेस मीटिंग्स, मेडिकल ट्रीटमेंट और पर्यटन के लिए लिया जाता है। अचानक हो रही अस्वीकृतियों से शादी-समारोह, अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ़्रेंस और व्यावसायिक यात्राएं सीधे प्रभावित हो रही हैं। कई आवेदकों का कहना है कि वे दोबारा आवेदन करने से भी हिचक रहे हैं क्योंकि अस्वीकृति का कारण ही स्पष्ट नहीं है।
अमेरिकी वीज़ा रिजेक्शन की संभावित वजहों पर इमीग्रेशन कंसल्टेंट्स की राय
1- यात्रा के उद्देश्य में अस्पष्टता
अमेरिकी वीज़ा अधिकारी के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह होती है कि आवेदक अमेरिका क्यों जाना चाहता है। यदि इंटरव्यू के दौरान यात्रा का उद्देश्य स्पष्ट, सुसंगत और दस्तावेज़ों से प्रमाणित नहीं दिखता, तो अधिकारी को संदेह होता है। कई बार आवेदक बिज़नेस और टूरिज़्म को मिलाकर जवाब देते हैं या मीटिंग/कार्यक्रम का ठोस निमंत्रण पत्र प्रस्तुत नहीं कर पाते। ऐसी स्थिति में अधिकारी यह मान सकते हैं कि यात्रा का वास्तविक उद्देश्य कुछ और है, जिससे वीज़ा अस्वीकृति हो जाती है।
2. भारत से मज़बूत जुड़ाव
B1/B2 वीज़ा एक नॉन-इमिग्रेंट वीज़ा है, यानी आवेदक को यह साबित करना होता है कि वह अमेरिका से वापस भारत लौटेगा। यदि नौकरी स्थिर नहीं है, व्यापार छोटा या अनियमित है, परिवारिक ज़िम्मेदारियां स्पष्ट नहीं हैं या संपत्ति व आर्थिक जुड़ाव कमज़ोर दिखाई देता है, तो अधिकारी को ओवरस्टे का डर होता है। ऐसे मामलों में बिना किसी अतिरिक्त सवाल के भी आवेदन खारिज किया जा सकता है।
3. वित्तीय स्थिति पर संदेह
हालांकि बैंक स्टेटमेंट अनिवार्य दस्तावेज़ नहीं माना जाता, लेकिन यदि इंटरव्यू के दौरान यह संकेत मिले कि आवेदक के पास यात्रा, ठहराव और वापसी के लिए पर्याप्त धन नहीं है, तो वीज़ा रिजेक्ट हो सकता है। अचानक बड़ी रकम का बैंक खाते में आना, आय के स्रोत को स्पष्ट न कर पाना या खर्चों के बारे में अनिश्चित जवाब देना भी नकारात्मक प्रभाव डालता है।
4. सोशल मीडिया वेटिंग में समस्या
15 दिसंबर 2025 के बाद से सोशल मीडिया वेटिंग और सख्त हो गई है। यदि आवेदक की सोशल मीडिया प्रोफाइल और इंटरव्यू में दिए गए जवाबों में विरोधाभास पाया जाता है, जैसे अमेरिका में लंबे समय तक रुकने, नौकरी खोजने या पढ़ाई से जुड़े संकेत, तो अधिकारी संदेह में आ जाते हैं। कई बार पुराने पोस्ट, लाइक्स या कमेंट भी आवेदक के इरादों पर सवाल खड़े कर देते हैं।
5. पहले का वीज़ा इतिहास
यदि आवेदक का पहले कोई अमेरिकी वीज़ा रिजेक्ट हुआ हो, या किसी अन्य देश में ओवरस्टे का रिकॉर्ड रहा हो, तो उसका असर वर्तमान आवेदन पर पड़ता है। इसके अलावा, बहुत कम अंतरराष्ट्रीय यात्रा इतिहास भी अधिकारी को यह सोचने पर मजबूर कर सकता है कि आवेदक पहली बार अमेरिका को लंबे प्रवास के लिए चुन रहा है।
6. इंटरव्यू के दौरान आत्मविश्वास की कमी
अमेरिकी वीज़ा इंटरव्यू अक्सर 2–3 मिनट का होता है, लेकिन इसी समय में अधिकारी आवेदक का आत्मविश्वास, स्पष्टता और ईमानदारी परख लेते हैं। घबराहट, बार-बार जवाब बदलना, ज़रूरत से ज़्यादा जानकारी देना या सीधे सवाल का सीधा जवाब न देना वीज़ा रिजेक्शन का कारण बन सकता है।
7. दस्तावेज़ों और जवाबों में असंगति
DS-160 फॉर्म में भरी गई जानकारी और इंटरव्यू के जवाबों में यदि ज़रा-सी भी असंगति होती है, जैसे नौकरी का विवरण, यात्रा की तारीख़ें, या अमेरिका में ठहरने का स्थान, तो अधिकारी को लगता है कि आवेदक पूरी सच्चाई नहीं बता रहा। ऐसी स्थिति में “Not Eligible At This Time” कहकर आवेदन खारिज किया जा सकता है।
8. H-1B बैकलॉग और प्रशासनिक सख्ती का असर
फिलहाल H-1B वीज़ा स्टैम्पिंग में भारी देरी और बैकलॉग है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसी कारण अमेरिकी मिशन कम जोखिम लेने की नीति अपना रहे हैं। इसका अप्रत्यक्ष असर B1/B2 वीज़ा पर भी पड़ रहा है, जहां अधिकारी पहले से कहीं अधिक सतर्क होकर फैसले ले रहे हैं।
9. धारा 214(b) के तहत अस्वीकृति (Section 214(b))
अधिकांश B1/B2 वीज़ा रिजेक्शन अमेरिकी इमिग्रेशन कानून की धारा 214(b) के तहत होते हैं। इसका मतलब है कि अधिकारी आश्वस्त नहीं हो पाए कि आवेदक नॉन-इमिग्रेंट वीज़ा की शर्तें पूरी करता है। यह स्थायी प्रतिबंध नहीं होता, लेकिन दोबारा आवेदन से पहले परिस्थितियों में ठोस बदलाव दिखाना आवश्यक होता है।
अमेरिकी वीज़ा रिजेक्शन से कैसे बचें ?
1- यात्रा का उद्देश्य बिल्कुल स्पष्ट रखें
B1/B2 वीज़ा के लिए आवेदन करते समय सबसे पहली और सबसे अहम बात यह है कि आपका अमेरिका जाने का उद्देश्य पूरी तरह साफ़ हो। यदि आप टूरिज़्म के लिए जा रहे हैं, तो केवल घूमने की योजना बताएं, कहां जाएंगे, कितने दिन रहेंगे और क्या देखेंगे आदि! बिज़नेस यात्रा की स्थिति में मीटिंग का एजेंडा, कंपनी का परिचय और आमंत्रण पत्र तैयार रखें। उद्देश्य जितना स्पष्ट होगा, अधिकारी का भरोसा उतना मजबूत बनेगा।
2. भारत से मजबूत जुड़ाव साबित करें
वीज़ा अधिकारी यह देखना चाहते हैं कि आप अमेरिका से लौटकर भारत क्यों आएंगे। इसके लिए स्थायी नौकरी, नियमित व्यवसाय, परिवार की जिम्मेदारियां, बच्चों की पढ़ाई, संपत्ति या अन्य सामाजिक संबंधों का उल्लेख बेहद ज़रूरी है। इंटरव्यू में यह भावना स्पष्ट झलकनी चाहिए कि आपकी ज़िंदगी और भविष्य भारत से जुड़ा हुआ है।
3. वित्तीय स्थिति स्वाभाविक और विश्वसनीय रखें
बैंक बैलेंस से ज़्यादा महत्वपूर्ण यह है कि आपकी आमदनी और खर्च तार्किक लगें। आवेदन से ठीक पहले खाते में बड़ी रकम जमा करना संदेह पैदा कर सकता है। बेहतर है कि आपकी आय के स्रोत स्पष्ट हों और आप यह भरोसा दिला सकें कि अमेरिका यात्रा का खर्च आप बिना किसी आर्थिक दबाव के उठा सकते हैं।
4. DS-160 फॉर्म अत्यंत सावधानी से भरें
DS-160 फॉर्म में दी गई जानकारी ही इंटरव्यू की नींव होती है। नौकरी, यात्रा इतिहास, अमेरिका में ठहरने का पता और यात्रा की तारीखें, सब कुछ सही और एकरूप होना चाहिए। फॉर्म में की गई छोटी-सी गलती या अधूरी जानकारी इंटरव्यू में बड़ी समस्या बन सकती है।
5. सोशल मीडिया प्रोफाइल सुसंगत रखें
अब सोशल मीडिया वेटिंग एक वास्तविक और प्रभावी प्रक्रिया बन चुकी है। आपके सोशल मीडिया पोस्ट, बायो और गतिविधियाँ आपकी कही गई बातों से मेल खानी चाहिए। अमेरिका में नौकरी ढूंढने, लंबे समय तक रहने या पढ़ाई से जुड़े संकेत वीज़ा अधिकारी को नकारात्मक संदेश दे सकते हैं।
6. इंटरव्यू में छोटे, सीधे और ईमानदार जवाब दें
अमेरिकी वीज़ा इंटरव्यू कोई परीक्षा नहीं है, बल्कि यह आपके इरादों को समझने का तरीका है। ज़रूरत से ज़्यादा बोलना, घबराना या जवाब बदलना नुकसानदायक हो सकता है। सवाल का सीधा और आत्मविश्वास से दिया गया उत्तर आपके पक्ष में जाता है।
7. यात्रा अवधि सीमित और यथार्थवादी रखें
बहुत लंबी यात्रा अवधि, खासतौर पर जब आप पहली बार अमेरिका जा रहे हों, अधिकारी को संदेह में डाल सकती है। बेहतर है कि यात्रा की अवधि सीमित, स्पष्ट और उद्देश्य के अनुरूप हो। यह दिखाता है कि आप नियमों का सम्मान करते हैं।
8. पुराने वीज़ा रिजेक्शन को छुपाएं नहीं
यदि पहले कभी आपका अमेरिकी या किसी अन्य देश का वीज़ा रिजेक्ट हुआ है, तो उसे छुपाने की कोशिश न करें। अधिकारी के पास यह जानकारी पहले से होती है। ईमानदारी से स्थिति बताना और यह समझाना कि अब परिस्थितियां कैसे बदली हैं, ज्यादा प्रभावी होता है।
9. Section 214(b) को समझकर दोबारा आवेदन करें
अगर वीज़ा 214(b) के तहत रिजेक्ट हुआ है, तो इसका मतलब यह नहीं कि भविष्य में वीज़ा नहीं मिलेगा। लेकिन दोबारा आवेदन तभी करें जब आपकी नौकरी, आय, यात्रा उद्देश्य या पारिवारिक स्थिति में ठोस बदलाव आया हो। बिना बदलाव के तुरंत दोबारा आवेदन करना अक्सर असफल रहता है।
10. मानसिक तैयारी भी उतनी ही ज़रूरी
वीज़ा इंटरव्यू केवल दस्तावेज़ों का खेल नहीं है, बल्कि मानसिक संतुलन और आत्मविश्वास की भी परीक्षा है। शांत रहें, सकारात्मक सोच रखें और यह याद रखें कि अधिकारी केवल यह जानना चाहता है कि आप नियमों का पालन करेंगे या नहीं।
आज के समय में अमेरिकी B1/B2 वीज़ा पाना पहले जितना आसान नहीं रहा, लेकिन स्पष्ट उद्देश्य, ईमानदारी, मजबूत भारतीय जुड़ाव और सही तैयारी के साथ सफलता की संभावना अब भी बनी हुई है। सही तैयारी ही वीज़ा रिजेक्शन और मंज़ूरी के बीच सबसे बड़ा अंतर पैदा करती है।
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