उत्तर प्रदेश में आज शाम एक असामान्य लेकिन बेहद अहम नजारा देखने को मिलेगा। राज्य के सभी 75 जिलों में आज ठीक शाम 6 बजे अचानक सायरन गूंजेगा और कुछ ही पलों में बिजली गुल हो जाएगी। यह कोई तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि राज्य सरकार द्वारा आयोजित ब्लैकआउट मॉकड्रिल का हिस्सा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यह अभ्यास प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन तैयारियों को परखने के लिए किया जा रहा है।
2 मिनट तक रहेगा अंधेरा, सायरन देगा खतरे का संकेत
जैसे ही शाम 6 बजे सायरन बजेगा, पूरे प्रदेश में बिजली की आपूर्ति रोक दी जाएगी। यह स्थिति करीब 2 मिनट तक बनी रहेगी। इस दौरान शहर और गांव अंधेरे में डूबे रहेंगे। मॉकड्रिल का उद्देश्य यह समझना है कि हवाई हमले या युद्ध जैसी आपात स्थिति में ब्लैकआउट की प्रक्रिया कितनी प्रभावी तरीके से लागू की जा सकती है और लोग कितनी जल्दी प्रतिक्रिया देते हैं।
दुश्मन के हमले से बचाव का अभ्यास
सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी भी हवाई हमले की स्थिति में शहर को अंधेरे में रखना बेहद जरूरी होता है। इससे दुश्मन को टारगेट पहचानने में मुश्किल होती है। इसी रणनीति को परखने के लिए यह ब्लैकआउट मॉकड्रिल आयोजित की जा रही है। यह अभ्यास यह भी जांचेगा कि सायरन बजते ही प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियां और आम लोग कितनी सजगता दिखाते हैं।
कई विभाग मिलकर करेंगे संयुक्त रिहर्सल
इस मॉकड्रिल में उत्तर प्रदेश की लगभग सभी प्रमुख सुरक्षा और राहत एजेंसियां शामिल होंगी।
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सिविल डिफेंस और पुलिस कानून व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों को दिशा-निर्देश देने का काम करेंगी।
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NDRF और SDRF आपदा की स्थिति में बचाव कार्य और मलबे में फंसे लोगों को निकालने का अभ्यास करेंगी।
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फायर ब्रिगेड और स्वास्थ्य विभाग आग लगने और घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता देने की तैयारियों को परखेंगे।

