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February 13, 2026

जगमग हुआ ग्रामीण उत्तर प्रदेश, हर घर बिजली से गांवों में तेज हुई तरक्की की रफ्तार

The CSR Journal Magazine
कभी बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या से जूझने वाला उत्तर प्रदेश का ग्रामीण इलाका आज पूरी तरह बदलती तस्वीर पेश कर रहा है। वर्ष 2017 से पहले जहां गांवों में अंधेरा आम बात थी, वहीं अब Rural Electrification in Uttar Pradesh एक सफलता की कहानी बन चुका है। योगी सरकार ने गांवों में बिजली को विकास की बुनियाद मानते हुए योजनाबद्ध तरीके से हर घर तक कनेक्शन पहुंचाया है। प्रदेश सरकार के बजट 2026-27 में बिजली क्षेत्र के लिए 65,926 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है, जो बताता है कि Power Infrastructure Development सरकार की प्राथमिकता में शामिल है।

डीडीयूजीजेवाई और सौभाग्य योजना से बदली तस्वीर

ग्रामीण विद्युतीकरण में दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (DDUGJY – Deen Dayal Upadhyaya Gram Jyoti Yojana) की बड़ी भूमिका रही। इस योजना के तहत गांवों में पारेषण और वितरण नेटवर्क को मजबूत किया गया। जर्जर तारों को बदला गया, नए 33/11 केवी उपकेंद्र बनाए गए और बिजली लाइनों का विस्तार किया गया। इसके बाद प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना यानी सौभाग्य योजना के तहत लाखों परिवारों को मुफ्त बिजली कनेक्शन दिए गए। इससे Har Ghar Bijli का सपना साकार हुआ और गांवों में घरेलू रोशनी के साथ-साथ छोटे व्यवसायों को भी नई ऊर्जा मिली।

आरडीएसएस से अपग्रेड हो रहा वितरण तंत्र

अब सरकार संशोधित वितरण क्षेत्र सुधार योजना (RDSS) के तहत वितरण तंत्र को और सुदृढ़ कर रही है। पुराने कंडक्टर बदले जा रहे हैं, लो टेंशन एबी केबल बिछाई जा रही हैं और ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जा रही है। Smart Metering in UP को भी तेजी से लागू किया जा रहा है, जिससे बिजली चोरी पर अंकुश लगे और उपभोक्ताओं को सटीक बिलिंग मिल सके। इन कदमों से ग्रामीण इलाकों में लो वोल्टेज की समस्या में कमी आई है और आपूर्ति की गुणवत्ता बेहतर हुई है।

कृषि, डेयरी और स्वरोजगार को मिला बढ़ावा

ग्रामीण विद्युतीकरण का सीधा असर खेती और स्वरोजगार पर पड़ा है। बेहतर बिजली आपूर्ति से सिंचाई आसान हुई है और Agriculture Growth in UP को गति मिली है। डेयरी यूनिट, कोल्ड स्टोरेज, आटा चक्की, वेल्डिंग शॉप और अन्य Small Scale Industries अब निर्बाध बिजली के सहारे चल रहे हैं। इससे गांवों में रोजगार के अवसर बढ़े हैं और युवाओं को स्थानीय स्तर पर काम मिलने लगा है। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में भी सुधार आया है, क्योंकि अब स्कूल और स्वास्थ्य केंद्र बिजली संकट से मुक्त हैं।

24 घंटे बिजली की ओर बढ़ते कदम

वित्त वर्ष 2025-26 में दिसंबर 2025 तक ग्रामीण क्षेत्रों में औसतन 20 घंटे, तहसील मुख्यालयों पर 22 घंटे और जनपद मुख्यालयों पर 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। 1 अप्रैल 2022 से 2025-26 तक 2,410 नए 33/11 केवी उपकेंद्रों का निर्माण एवं क्षमता वृद्धि की गई है। 20,924 नए वितरण ट्रांसफार्मर लगाए गए और 85,684 ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत Power Distribution Network आने वाले समय में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और सशक्त करेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई बार कहा है कि गांव मजबूत होंगे तभी प्रदेश का समग्र विकास संभव है। ग्रामीण उत्तर प्रदेश को ऊर्जा संपन्न बनाकर सरकार ने विकास की नई आधारशिला रख दी है, और अब गांवों की जगमगाहट प्रदेश की प्रगति की पहचान बनती जा रही है।
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