उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में Ayushman Bharat Yojana गरीबों के लिए संजीवनी बनती जा रही है। योगी सरकार की सख्ती और लगातार मॉनिटरिंग का असर यह हुआ है कि प्रदेश में आयुष्मान कार्ड बनाने की रफ्तार तेज हो गई है। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में 9 करोड़ लक्षित लाभार्थियों में से अब तक 5,42,13,534 आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं। इससे करोड़ों गरीब परिवारों को मुफ्त इलाज का भरोसा मिला है।
करोड़ों गरीबों को मिल रहा Ayushman Bharat Yojana से कैशलेस इलाज का लाभ
Ayushman Bharat Pradhan Mantri Jan Arogya Yojana के तहत पात्र परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। यह सुविधा न सिर्फ सरकारी अस्पतालों में, बल्कि सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में भी दी जा रही है। योजना के तहत अब तक प्रदेश में 74.4 लाख से ज्यादा मरीजों का इलाज किया जा चुका है। इलाज से जुड़े मामलों में सरकार द्वारा 12,283 करोड़ रुपये से अधिक के क्लेम सेटल किए गए हैं। इससे गरीब परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज में बड़ी राहत मिली है।
मुख्यमंत्री योगी की सख्ती से बदली तस्वीर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ निर्देश दिए हैं कि आयुष्मान कार्ड बनाने में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि पात्र व्यक्ति को योजना का लाभ हर हाल में मिले। इसका नतीजा यह हुआ है कि अब आयुष्मान कार्ड पूरी तरह मुफ्त और सरल प्रक्रिया से बनाए जा रहे हैं। आम लोगों को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे और गांव-गांव कैंप लगाकर कार्ड बनाए जा रहे हैं।
गरीबों को आर्थिक सुरक्षा का मजबूत कवच
आयुष्मान भारत योजना ने प्रदेश के गरीब, मजदूर, बुजुर्ग और जरूरतमंद परिवारों को इलाज के लिए कर्ज लेने या जमीन-जायदाद बेचने की मजबूरी से राहत दी है। गंभीर बीमारी की स्थिति में अब इलाज का खर्च सरकार उठा रही है, जिससे परिवारों पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ रहा। Free Treatment, Cashless Hospital Facility और आसान प्रक्रिया इस योजना की बड़ी खासियत बन चुकी है।
Ayushman Bharat Yojana के हर पात्र व्यक्ति तक योजना पहुंचाने का लक्ष्य
योगी सरकार का साफ कहना है कि आयुष्मान योजना सिर्फ कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। इसी दिशा में प्रशासन लगातार अभियान चला रहा है। आने वाले समय में बाकी बचे पात्र लाभार्थियों तक भी आयुष्मान कार्ड पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है, ताकि कोई भी गरीब परिवार इलाज से वंचित न रहे।
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