Home हिन्दी फ़ोरम बजट – हेल्थ और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस, करदाता को राहत नहीं

बजट – हेल्थ और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस, करदाता को राहत नहीं

15
0
SHARE
 
फिलहाल देश को जिस बात की सबसे ज्यादा जरूरत थी, उसे सरकार ने पूरा किया है, बजट से पूरे देशवासियों की बहुत उम्मीदें थी कि सरकार इस बार बजट में स्वस्थ्य को लेकर बड़े ऐलान करेगी, वही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किया है। देशवासियों के लिए आज का दिन बेहद अहम रहा। सोमवार यानी 1 फरवरी 2021 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने अपना तीसरा बजट पेश किया। Budget 2021 ऐसे वक्त पर आया है, जब देश कोरोना महामारी की त्रासदी से जूझ रहा है। मंदी के कारण आर्थिक गतिविधियों की रफ्तार कम है। हर वर्ग के लोग परेशान हैं, खासकर मिडल और आम करदाता (Tax Payer) Budget 2021 में सरकार ने  हेल्थ (Health), इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure), कृषि (Agriculture), उद्योग (Industry) और विनिवेश पर फोकस रखा है। लेकिन मिडिल क्लास (Middle Class) को सीधे तौर पर कोई बड़ी राहत नहीं दी गई है। बजट 2021 में आपके लिए क्या कुछ खास है, आईये देखते हैं।

6 पिलर्स पर टिका है बजट 2021

केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने देश का आम बजट पेश करते हुए कई बड़ी बातें कहीं, निर्मला सीतारमण ने बताया कि 2021-2022 का बजट 6 पिलर्स यानी स्तंभों पर टिका हुआ है, ये 6 स्तंभ हैं –
1. स्वास्थ्य और कल्याण (Health and Wellbeing)
2. इंफास्ट्रक्चर (Infrastructure)
3. समावेशी विकास (Inclusive Development)
4. ह्यूमन कैपिटल (Human Capital)
5. अनुसंधान और विकास (Research and Development)
6. न्यूनतम सरकार और अधिकतम शासन (Minimum Government, Maximum Governance)

Income Tax Slab में नहीं हुआ कोई बदलाव, करदाताओं को कोई राहत नहीं

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण( Nirmala Sitharaman) ने मोदी सरकार ने इनकम टैक्स (Union Budget 2021-22 on Income Tax) को लेकर कोई खास घोषणा नहीं की। सरकार ने केवल वरिष्ठ नागरिकों को राहत दी, जबकि नौकरीपेशा एक बार फिर से खाली हाथ रह गए। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की है कि 75 साल से ऊपर के सीनियर सीटिजन को इनकम टैक्स रिटर्न नहीं भरना पड़ेगा । बजट में वित्त मंत्री ने कहा कि अगर सिर्फ पेंशन ही कमाई का जरिया है तो भी उन्हें टैक्ट में राहत मिलेगी। जहां वरिष्ठ नगरिकों को इनकम टैक्स रिटर्न में राहत मिली तो वहीं नौकरीपेशा लोगों को एक बार फिर से खाली हाथ रहना पड़ा। देश के टैक्सपयर्स के लिए सरकार ने बजट में कोई घोषणा नहीं की, न ही इनकम टैक्स स्लैब( Income Tax Slab) में कोई बदलाव किया।

बजट में स्वास्थ्य पर क्या मिला?

कोरोना काल में  स्वास्थ्य बजट पर सरकार ने विशेष ध्यान दिया है। स्वास्थ्य क्षेत्र के बजट को 137 फीसदी तक बढ़ाया गया है। निर्मला सीतारमण ने कोरोना वैक्सीन के लिए 35 हजार करोड़ का ऐलान किया और आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना के लिए 64180 करोड़ रुपये की भी घोषणा की। वित्त मंत्री ने आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना का ऐलान करते हुए कहा कि इस योजना से प्राथमिक, माध्यमिक और क्षेत्रीय स्तर पर देखभाल की क्षमता विकसित करने के साथ राष्ट्रीय संस्थानों को मजबूत करेगा। सप्लीमेंट्री पोषण कार्यक्रम और POSHAN अभियान का विलय, मिशन POSHAN 2.0 की शुरूआत होगी पोषण संबंधी सामग्री, वितरण और परिणाम को मजबूती के लिए, आकांक्षी जिलों में पोषण परिणामों में सुधार होगा। #PMAatmanirbharSwasthBharatYojana से स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों की क्षमता का विकास होगा, नई बीमारियों का पता लगाने और ठीक करने के लिए संस्थानों का विकास होगा।

किसानों को बजट से क्या मिला?

इस बजट में किसानों को खुश करने की कोशिश की गयी है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा कि केंद्र सरकार किसानों की आमदनी दोगुना करने के लिए काम कर रही है। हर सेक्टर में किसानों को मदद दी गई है और फसलों की MSP बढ़ाई गई है। निर्मला सीतारमण ने कहा कि किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए ऑपरेशन ग्रीन स्कीम भी शुरू जाएगी। साथ ही स्वामित्व योजना को देशभर में लागू किया जाएगा। ऑपरेशन ग्रीन स्कीम के तहत 22 जल्दी नष्ट होने वाली सब्जियां शामिल होंगी। ई-नाम के तहत 1000 और मंडियां जुड़ेंगी। एग्रीकल्चर इन्फ्रा फंड एपीएमसी के लिए उपलब्ध होगा। रूरल इन्फ्र फंड में 40 हजार करोड़ रुपए। देश में पांच बड़े फिशिंग हब बनेंगे।

बजट में इंफास्ट्रक्चर को लेकर क्या मिला?

इंफास्ट्रक्चर को लेकर निर्मला सीतारमण ने कहा कि देश में 7 टेक्सटाइल्स पार्क बनाए जाएंगे साथ ही उन्होंने कुछ इकोनॉमिक कॉरिडोर बनाए जाने का भी ऐलान किया। उन्होंने रेलवे को 1.10 लाख करोड़ की घोषणा की और कहा कि मेट्रो और सिटी बस सेवा पर फोकस किया जाएगा। 13 हजार किमी भारत माला प्रोजेक्ट के लिए 3.3 लाख करोड़ रुपए दिए गए हैं, जिसमें से 3800 किमी सड़क का निर्माण किया जा चुका है। पश्चिम बंगाल में 25,000 करोड़ रुपये की लागत से 675 किमी राजमार्ग का निर्माण किया जाएगा।  उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन यानी NIP में 7400 परियोजनाओं को शामिल किया गया है। 217 परियोजनाएं पूरी कर दी गई हैं। वित्तमंत्री ने कहा कि सरकार सड़कें बनाने पर भी फोकस रखेगी। मार्च 2022 तक 8500 किलोमीटर सड़क बनाने का ठेका दिया जाएगा। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के लिए एक लाख 18 हजार 101 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

शिक्षा और स्किल को लेकर बजट में क्या है ख़ास?

15000 से अधित विद्यालयों में सुधार किया जाएगा। 100 नए सैनिक स्कूल स्थापित किए जाएंगे। लद्दाख में उच्चतर शिक्षा के लिए लेह में केंद्रीय विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा। 750 एकलव्स स्कूल बनाए जाएंगे। एप्रेंटिस योजना के लिए 3000 करोड़ की व्यवस्था होगी। UAE के साथ मिलकर स्किल ट्रेनिंग पर काम किया जाएगा।  भारत और जापान भी इंटर ट्रेनिंग कार्यक्रम चला रहे हैं, कुछ और देशों के साथ भी मिल कर यही किया जाएगा।

रेलवे को बजट से क्या मिला?

वित्त मंत्री ने भारतीय रेल के लिए कई बड़ी घोषणाएं की है। बजट 2021 में वित्त मंत्री ने रेलवे के लिए 1,10,055 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वित्त मंत्री ने राष्ट्रीय रेल योजना 2030 का भी ऐलान किया। इस योजना में भारत की भविष्य की रेल का प्लान तैयार किया गया है। निर्मला सीतारमण ने कहा कि उद्योगों के लिए रेल माला भाड़ा कम करने के लिए कई उपाय किए जा रहे हैं। जून 2022 तक वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (Western Dedicated Freight Corridor) और ईस्टर्न ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (Eastern Dedicated Freight Corridor) को लागू कर दिया जाएगा। देश में डेवलपमेंट फाइनेंसियल इंस्टीट्यूट बनाया जाएगा। रेलवे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, एनएचएआई के टोल रोड, एयरपोर्ट जैसे संसाधनों को असेट मोनेटाइजेशन मैनेजमेंट के दायरे में लाया जाएगा।

प्रदूषण नियंत्रण के लिए विशेष कदम, ग्रीन एनर्जी के लिए भी योजनाएं

वित्त मंत्री ने बजट भाषण में वायु प्रदूषण के रोकथाम के लिए 42 शहरी केंद्रों पर 20217 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसके तहत पुराने वाहनों को फिटनेस प्रणाम पत्र लेना होगा और परिवहन विभाग व्यवस्था को देखते हुए योजनाएं लागू की जाएगी। सड़कों से प्रदूषण कम करने के लिए पुराने वाहनों की स्क्रैप पॉलिसी बनाई जाएगी। सरकार एयर क्लीन के लिए 2000 करोड़ खर्च करने जा रही है। हरित ऊर्जा क्षेत्र को और बढ़ावा देने के लिए सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया को 1000 करोड़ और इरेडा को 1500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त पूंजी दी गई। व्यापक राष्ट्रीय हाइड्रोजन ऊर्जा मिशन शुरू किया जाएगा इससे हरित ऊर्जा स्रोतों से हाइड्रोजन उत्पन्न करने में मदद मिलेगी।

कुछ अन्य महत्वपूर्ण ऐलान

जल जीवन मिशन के लिए अगले पांच साल में शहरी ग्रामीण क्षेत्रों में 2.87 लाख करोड़ रुपये
एक से अधिक बिजली वितरण कंपनी के बीच, उपभोक्ताओं को चुनने के लिए विकल्प प्रदान करने के लिए फ्रेमवर्क रखा जाएगा
अगले पांच वर्षों के लिए कुल 1,41,678 करोड़ रुपये के आवंटन के साथ शहरी #SwachhaBharatMission 2.0 लागू किया जाएगा
वायु प्रदूषण की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए मिलियन प्लस आबादी वाले 42 शहरी केंद्रों के लिए 2,217 करोड़ रुपये
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया कि अब बीमा क्षेत्र में 74 फीसदी तक एफडीआई हो सकेगी। पहले यहां पर सिर्फ 49 फीसदी तक की ही इजाजत थी।

बजट से क्या महंगा और क्या सस्ता हुआ

मोबाइल और चार्जर महंगे होंगे
सोना और चांदी सस्ता होगा
इलेक्ट्रॉनिक सामान महंगे होंगे
लोहे और स्टील के सामान सस्ते होंगे
चमड़ा महंगा होगा
सोलर लालटेन सस्ता होगा
जूते महंगे होंगे
पॉलिस्टर के कपड़े सस्ते
रत्न यानि जूलरी महंगे होंगे
ड्राई क्लीनिंग सस्ता होगा
पेंट सस्ता होगा
नायलन के कपड़े सस्ते होंगे