Tanushree Dutta on Nana Patekar: ‘मेरे लिए तो वो Evil Dead ही हैं’, पुराने विवाद पर फिर बोलीं तनुश्री दत्ता

The CSR Journal Magazine
बॉलीवुड अभिनेत्री तनुश्री दत्ता एक बार फिर नाना पाटेकर से जुड़े मीटू विवाद को लेकर चर्चा में हैं। नाना पाटेकर के निधन के बाद उनके बारे में दिए गए ‘Evil Dead’ वाले बयान पर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। अब तनुश्री ने अपने बयान की वजह बताते हुए उन मुश्किलों का जिक्र किया है, जिनसे गुजरने का वह दावा करती हैं। उन्होंने केस वापस लेने के कथित दबाव, धमकियों और अपनी मानसिक स्थिति को लेकर भी कई बातें कही हैं।

‘मेरे लिए तो वे Evil Dead ही हैं’

तनुश्री दत्ता ने बातचीत में कहा कि पिछले पांच सालों के दौरान वह जिन परिस्थितियों से गुजरी हैं, उनका दर्द हर कोई नहीं समझ सकता। उनके मुताबिक, उन्होंने जो कुछ कहा, वह उनके निजी अनुभवों और नजरिए पर आधारित था। अभिनेत्री ने आरोप लगाया कि मीटू विवाद के दौरान उन पर केस वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया। उन्होंने लालच देने और धमकियां मिलने का भी दावा किया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

गाड़ी और फूड पॉइजनिंग को लेकर भी आरोप

तनुश्री ने दावा किया कि केस वापस नहीं लेने पर उन्हें परेशान किया गया। उनके मुताबिक, उनकी गाड़ी के साथ हादसे कराने और फूड पॉइजनिंग की कोशिश जैसी घटनाएं हुईं। अभिनेत्री ने इन अनुभवों को अपने बयान की वजह बताया। हालांकि, इन घटनाओं के पीछे किसका हाथ था, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

गवाह को तैयार करने में लगे पांच साल

तनुश्री ने दावा किया कि मामले के एक अहम गवाह को अदालत में बयान देने के लिए तैयार करने में करीब पांच साल लगे। उनके मुताबिक, यह गवाह एक हेयर ड्रेसर था, जिसने कथित तौर पर घटना को अपनी आंखों से देखने की बात कही थी। अभिनेत्री ने कहा कि गवाह को धमकियां मिलती थीं और उसे अदालत तक लाने के लिए काफी प्रयास करने पड़े। उनके दावे के अनुसार, गवाह ने हलफनामा भी दिया था और बाद में अदालत में बयान दर्ज कराया था।

‘जिस दिन सबूत पेश होने थे, केस बंद हो गया’

तनुश्री का दावा है कि जिस दिन मुख्य गवाह से जुड़े सबूत अदालत में पेश होने वाले थे, उसी दिन केस बंद कर दिया गया। उन्होंने इसके लिए नाना पाटेकर को जिम्मेदार ठहराया, लेकिन इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। अभिनेत्री ने कहा कि केस बंद होने का मतलब यह नहीं है कि वह गलत थीं और दूसरा पक्ष सही था। मामले को बंद करने के पीछे अदालत का आधिकारिक आदेश और कानूनी आधार क्या था, इसकी जानकारी सामने होना जरूरी है।

डिप्रेशन में चली गई थीं तनुश्री

तनुश्री ने बताया कि विवाद के दौरान उनकी मानसिक स्थिति पर भी असर पड़ा। उनके मुताबिक, पहले वह बिना किसी डर के बाहर निकलती थीं, लेकिन बाद में घर से बाहर जाने से पहले भी कई बार सोचना पड़ता था। अभिनेत्री ने दावा किया कि उस दौर की घटनाओं और परेशानियों के कारण वह डिप्रेशन में चली गई थीं। उन्होंने नाना पाटेकर के व्यवहार को लेकर भी नाराजगी जताई।

मीटू विवाद से फिर चर्चा में आया पुराना मामला

तनुश्री दत्ता वर्ष 2018 में मीटू आंदोलन के दौरान नाना पाटेकर पर आरोप लगाने के बाद सुर्खियों में आई थीं। इस मामले ने फिल्म इंडस्ट्री में महिलाओं की सुरक्षा, कार्यस्थल पर व्यवहार और शिकायतों की सुनवाई को लेकर व्यापक बहस छेड़ी थी। अब उनके ताजा बयान ने पुराने विवाद को फिर चर्चा में ला दिया है। हालांकि, मामले की कानूनी स्थिति और लगाए गए आरोपों को समझने के लिए अदालत के आधिकारिक रिकॉर्ड और संबंधित पक्षों के बयानों को देखना जरूरी है।

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