चीफ इलेक्शन कमिश्नर (CEC) ज्ञानेश कुमार ने हाल ही में चेन्नई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया को तमिलनाडु की शान बताया। उन्होंने सभी वोटरों से अपील की कि वे आगामी चुनावों में भाग लें और लोकतंत्र को मजबूत करें। चुनाव में भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए ज्ञानेश कुमार ने हाल ही में किए गए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) पर भी चर्चा की।
बढ़े वोटरों की संख्या
प्रेस कॉन्फ्रेंस में CEC ने बताया कि तमिलनाडु में वर्तमान में 5 करोड़ 67 लाख वोटर पंजीकृत हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के दौरान करीब 74 लाख लोगों के नाम काटे गए हैं। वोटरों की सही संख्या जानने के लिए हुए इस रिवीजन ने चुनाव आयोग को एक स्पष्ट तस्वीर दी है, जिससे चुनाव में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ेगी।
पोलिंग स्टेशन की संख्या
ज्ञानेश कुमार ने विधानसभा चुनाव के लिए लगभग 75,000 पोलिंग स्टेशन के गठन की जानकारी दी। इनमें से करीब 44,000 पोलिंग स्टेशन ग्रामीण इलाकों में होंगे। इस बार की चुनावी प्रक्रिया में तकनीकी उपायों को अपनाते हुए हर पोलिंग बूथ पर 100% वेबकास्टिंग की जाएगी, जिससे वोटिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
तमिलनाडु में मतदाता वितरण
टोटल वोटरों की संख्या की तुलना करते हुए, चेन्नई की हार्बर विधानसभा में सबसे कम 1,16,896 वोटर हैं, जबकि चेंगलपट्टू जिले की शोझांगनल्लूर विधानसभा में सबसे ज्यादा 5,36,991 वोटर पंजीकृत हैं। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि चुनाव प्रक्रिया को अन्य विधानसभा क्षेत्रों में कितना महत्व दिया जा रहा है।
SIR प्रक्रिया का प्रभाव
विशेष रूप से, हाल ही में सम्पन्न हुई SIR प्रक्रिया ने वोटर लिस्ट को अपडेट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। चुनाव आयोग ने बताया है कि 27 अक्टूबर 2025 को शुरू हुई इस प्रक्रिया में कुल 6,41,14,587 वोटर थे, जिनमें से कई लोगों के नाम जाँच के बाद काटे गए। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब चुनावी वातावरण को स्वस्थ और प्रतियोगी बनाने की आवश्यकता है।
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