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February 21, 2026

दल मिले पर दिल नहीं! क्या फिर अलग होंगे उद्धव-राज? 3 सीटों ने बिगाड़ा खेल!

The CSR Journal Magazine
मुंबई की राजनीति में शिवसेना (यूबीटी) और मनसे के बीच का गठबंधन बुरी तरह से हिलने लगा है। हालिया घटनाक्रम ने इस गठबंधन के भविष्य पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मनसे ने मनोनीत पार्षदों की तीन सीटों को लेकर विवाद उठाया है, जिसे उद्धव ठाकरे ने ठुकरा दिया। इसके बाद से स्थिति और बिगड़ती जा रही है। राज ठाकरे की डीसीएम एकनाथ शिंदे से हुई मुलाकात ने पूरे राजनीतिक परिदृश्य को और रोमांचक बना दिया है। इस मुलाकात के बाद कई राजनीतिक समीकरण बनने की बात की जा रही है।

खटास की शुरुआत

शिवसेना (यूबीटी) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के बीच जो तथाकथित “मराठी यूनाइटेड फ्रंट” बना था, वो अब टूटने के कगार पर पहुंच गया है। बीएमसी चुनावों के नतीजों ने इस गठबंधन में दरार की शुरुआत की है। मनसे ने तीन सीटों की मांग की, लेकिन उद्धव ठाकरे ने उसे ठुकरा दिया। इस विवाद के बाद दोनों दलों के बीच संबंधों में खटास बढ़ती जा रही है।

गठबंधन की अन्य बातचीत

राज ठाकरे की बैठक के बाद शिंदे द्वारा शिवसेना की प्रवक्ता साइना एनसी से मुलाकात ने अटकलों को और बढ़ा दिया है। दिल्ली में राज और शिंदे की मुलाकात के तुरंत बाद, एमएनएस के स्थानीय अध्यक्ष ने तल्ख बयानों से आग में घी डालने का काम किया। मनसे के नेताओं ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर की और उद्धव ठाकरे के रवैये पर सवाल उठाए।

दिल में प्यार, रिश्ते का क्या?

मनसे के नेताओं ने सोशल मीडिया पर “जब दिल में प्यार ही नहीं, तो रिश्ता निभाने का क्या?” जैसे स्टेटस पोस्ट किए हैं। यह साफ है कि मनसे और शिवसेना (यूबीटी) के बीच संतुलन बिगड़ चुका है। हाल ही में राज ठाकरे के घर पर हुई बैठक में स्वीकृत नागसेवक का मुद्दा भी उठाया गया। एमएनएस के नेताओं ने उद्धव गुट के रवैये पर नाराजगी जताई।

संगठन पुनर्गठन की योजना

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के नेता अविनाश अभ्यंकर ने कहा है कि संगठन पुनर्गठन के लिए बैठक हुई है। जिलों से रिपोर्ट मंगाई जाएगी और इसे राज ठाकरे के पास भेजा जाएगा। उन्होंने जनता के मत को नजरअंदाज करने के खिलाफ आवाज उठाई है। अब यह देखा जाना है कि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे इस विवाद को कैसे सुलझाते हैं।

अंतिम निर्णय का इंतजार

स्वीकृत नगरसेवक की मुद्दे पर राज ठाकरे ने कहा कि यह गठबंधन दो भाइयों और दो पार्टियों के बीच है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उद्धव ठाकरे से सीट लेने का फैसला वह खुद करेंगे। फिलहाल, कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। बीएमसी चुनाव में शिवसेना (यूबीटी) को 65 सीटें मिलीं, जबकि मनसे को केवल 6 मल्टी मिल पाईं। ऐसे में उद्धव ठाकरे अपने दल के हितों को प्राथमिकता देते नजर आ रहे हैं।

बातचीत की उम्मीदें

उद्धव गुट के नेता राज ठाकरे के नेताओं को बयानबाजी से बचने की सलाह दे रहे हैं। वे मानते हैं कि ठाकरे बंधु आपस में बातचीत कर इस मसले को सुलझा लेंगे

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