गिरफ्तारी और मौत का खतरा भी नहीं रोक पाएगा… दिसंबर में भारत से बांग्लादेश लौटेंगी शेख हसीना

The CSR Journal Magazine
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने हाल ही में एक बार फिर अपने देश लौटने की दृढ़ता को दर्शाया है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी, प्रताड़ना या मौत का खतरा उन्हें बांग्लादेश लौटने से नहीं रोक सकता। वाशिंगटन डीसी में आयोजित एक कार्यक्रम में ऑनलाइन शामिल होते हुए हसीना ने स्पष्ट किया कि वह दिसंबर में अपने देश वापस जाएंगी। उनका यह बयान बांग्लादेश में राजनीतिक हालात को लेकर चिंता बढ़ा रहा है।

भ्रष्टाचार और बेरोजगारी पर चिंता

हसीना ने बांग्लादेश में बढ़ती बेरोजगारी और महिलाओं के खिलाफ हो रहे अत्याचारों पर चिंता जताई। उन्होंने मौजूदा सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए और स्वतंत्र तथा निष्पक्ष चुनाव कराने की मांग की। उनका कहना था कि बांग्लादेश में मौजूदा हालात बहुत चिंताजनक हैं। हसीना ने कहा, ‘बांग्लादेश में लोग परेशान हैं और उन्हें न्याय की आवश्यकता है।’

डर से नहीं रुकता कर्तव्य

हसीना ने यह भी कहा कि डर उनके कर्तव्य को तय नहीं कर सकता। उन्होंने कहा, ‘जब मेरे देशवासी तकलीफ झेल रहे हों, तो मैं उनसे दूर नहीं रह सकती।’ यह बयान उनकी देशभक्ति और अपने लोगों के प्रति जिम्मेदारी को दर्शाता है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि बांग्लादेश लौटने पर उन्हें हिरासत में लिया जा सकता है, लेकिन उनका इरादा स्पष्ट है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील

हसीना ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे बांग्लादेश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को समर्थन दें। उन्होंने कहा कि उनकी वापसी का मकसद सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि विकास और स्थिरता को बहाल करना है। उनका यह बयान बांग्लादेश में राजनीतिक स्थिरता की आवश्यकता को रेखांकित करता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति का धन्यवाद

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का धन्यवाद किया, जिन्होंने USAID की फंडिंग रोकने का निर्णय लिया। हसीना ने कहा कि इससे गलत हाथों में पैसे जाने से रोका जा सकेगा। उन्होंने कहा, ‘उनकी वजह से फंड गलत हाथों में नहीं जा रहा है।’ यह बयान बांग्लादेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी लड़ाई को दर्शाता है।

मौत की सजा का सामना

बांग्लादेश के ‘इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल’ ने शेख हसीना को उनकी अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई है। यह सजा 2024 के छात्र-नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई कार्रवाई से जुड़ी है। हसीना ने इन आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है और कहा है कि वह इनका सामना करने के लिए तैयार हैं।

भारत का रुख

भारत ने हसीना के प्रत्यर्पण की मांग पर कोई स्पष्ट रुख नहीं अपनाया है। भारतीय अधिकारियों का कहना है कि यह मामला न्यायिक और आंतरिक कानूनी प्रक्रियाओं के तहत देखा जा रहा है। हसीना ने कहा कि भारतीय अधिकारियों ने उनके साथ प्रत्यर्पण को लेकर कोई चर्चा नहीं की है।

बांग्लादेश लौटने की योजना

हसीना ने कहा कि वह और उनके वरिष्ठ सहयोगी दिसंबर के आसपास बांग्लादेश लौटने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘अगर मौत आनी ही है, तो मैं चाहती हूं कि वह मेरी अपनी जमीन पर आए।’ यह बयान उनकी देश के प्रति निष्ठा को दर्शाता है। हसीना ने यह भी कहा कि उनकी वापसी की सही तारीख उचित समय पर घोषित की जाएगी।

भविष्य की चुनौतियाँ

बांग्लादेश में राजनीतिक हालात को देखते हुए हसीना की वापसी कई चुनौतियाँ लेकर आ सकती है। देश में पहले से ही राजनीतिक तनाव और विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। ऐसे में उनकी वापसी से राजनीतिक समीकरणों में बदलाव आ सकता है। हसीना ने कहा कि वह अपने देशवासियों के साथ खड़ी रहेंगी, चाहे जो भी हो।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store – https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos