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April 4, 2026

आप में बढ़ी अंदरूनी खींचतान राघव चड्ढा की भूमिका पर विवाद, नेताओं ने लगाए ‘डर’ के आरोप

The CSR Journal Magazine
आम आदमी पार्टी में राज्यसभा नेतृत्व को लेकर नया विवाद सामने आया है। राघव चड्ढा से डिप्टी लीडर की जिम्मेदारी वापस लेने के बाद पार्टी के भीतर बयानबाजी तेज हो गई है। चड्ढा ने फैसले पर सवाल उठाए हैं, वहीं पार्टी नेताओं ने उन पर भाजपा और पीएम मोदी से डरने तक के आरोप लगाए हैं।

डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने पर चड्ढा का सवाल

आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा में डिप्टी लीडर की जिम्मेदारी राघव चड्ढा से लेकर अशोक कुमार मित्तल को सौंप दी है। इस फैसले के बाद चड्ढा ने सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया देते हुए सवाल उठाया कि उन्होंने हमेशा जनहित के मुद्दे उठाए, फिर उन्हें बोलने से क्यों रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि संसद में आम लोगों की समस्याओं को उठाना उनका कर्तव्य है और इसे रोकना लोकतांत्रिक भावना के खिलाफ है। चड्ढा ने यह भी कहा कि उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन वे सही समय पर जवाब देंगे।

आप नेताओं के आरोप ‘मोदी से डर गए हैं चड्ढा’

चड्ढा के बयान के बाद आम आदमी पार्टी के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी। पार्टी नेता अनुराग ढांडा, संजय सिंह और आतिशी समेत कई नेताओं ने आरोप लगाया कि चड्ढा पिछले कुछ समय से बड़े राष्ट्रीय मुद्दों पर चुप हैं। उन्होंने कहा कि संसद में सीमित समय मिलने के बावजूद चड्ढा गंभीर मुद्दों के बजाय हल्के विषय उठाते हैं। नेताओं ने यहां तक आरोप लगाया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बोलने से डरते हैं। यह बयानबाजी पार्टी के अंदर बढ़ती खाई को उजागर करती है।

संसद में मुद्दों की प्राथमिकता पर विवाद

राज्यसभा में आप के नेता संजय सिंह ने कहा कि देश में गैस संकट, चुनावी अनियमितताएं और राज्यों के अधिकारों से जुड़े गंभीर मुद्दे हैं, जिन पर चड्ढा ने पर्याप्त आवाज नहीं उठाई। वहीं पार्टी अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि चड्ढा संसद में ‘सॉफ्ट पीआर’ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छोटी पार्टी होने के कारण आप के पास संसद में सीमित समय होता है, इसलिए उसे देश के बड़े मुद्दों पर ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए। इस मुद्दे ने पार्टी के भीतर प्राथमिकताओं को लेकर मतभेद को सामने ला दिया है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और विपक्ष की चुटकी

आम आदमी पार्टी के इस अंदरूनी विवाद पर विपक्ष ने भी तंज कसना शुरू कर दिया है। कांग्रेस नेता अमरिंदर सिंह वडिंग ने कहा कि चड्ढा और आप के रास्ते अलग हो सकते हैं। वहीं भाजपा सांसद रामवीर सिंह विधूड़ी ने कहा कि किसी सांसद को बोलने से रोकना लोकतंत्र के खिलाफ है। इस विवाद ने आप की आंतरिक एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है।

राघव चड्ढा का राजनीतिक सफर

राघव चड्ढा का राजनीतिक सफर काफी तेज रहा है। पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट चड्ढा ने अरविंद केजरीवाल के साथ इंडिया अगेंस्ट करप्शन आंदोलन के दौरान जुड़कर राजनीति में कदम रखा। वे जल्द ही पार्टी के सबसे युवा प्रवक्ता बने और टीवी डिबेट्स में आप का प्रमुख चेहरा बन गए। साल 2020 में उन्होंने दिल्ली की राजेंद्र नगर सीट से विधानसभा चुनाव जीता और 2022 में पंजाब से राज्यसभा सांसद बने। 33 साल की उम्र में वे सबसे युवा सांसदों में शामिल हुए। पंजाब और गुजरात चुनावों में उनकी रणनीतिक भूमिका को भी अहम माना जाता है।

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