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February 15, 2026

महादेव की नगरी बना राजस्थान: जयपुर से उदयपुर तक गूंजा ‘हर हर महादेव’, 36 घंटे खुले मंदिर, 351 फीट तिरंगे संग शिवभक्ति का सैलाब

The CSR Journal Magazine
राजस्थान में महाशिवरात्रि के अवसर पर हर तरफ शिवालयों में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी है। जयपुर के ताड़केश्वर महादेव मंदिर सहित अन्य प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालु बाबा शिव का जलाभिषेक कर रहे हैं। ताड़केश्वर महादेव मंदिर के कपाट आज सुबह सवा तीन बजे खोले गए, जो लगातार 36 घंटे तक खुले रहेंगे। इस दौरान चार प्रहर की विशेष पूजा का आयोजन किया जाएगा।

उदयपुर में निकाली गई विशाल शिव यात्रा

उदयपुर में शिव दल मेवाड़ द्वारा 351 फीट लंबे तिरंगे के साथ 46वीं विशाल शिव यात्रा का आयोजन किया गया। यह यात्रा टाउन हॉल से शुरू होकर शहर के विभिन्न हिस्सों से होती हुई निकली। हजारों भक्त इस यात्रा में शामिल हुए, जिसका मुख्य आकर्षण 12 ज्योतिर्लिंग की झांकी थी।

मंदिर की सजावट और विशेष अभिषेक

ताड़केश्वर महादेव मंदिर के परिसर को आकर्षक रोशनी और फूलों से सजाया गया है। इस बार यहां विशेष अभिषेक के लिए 51 किलो दूध, 51 किलो दही, 51 किलो शहद और 51 किलो घी का प्रयोग किया जाएगा। यह सब भक्तों की श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है।

पूजा कार्यक्रम का समय

विशेष पूजा कार्यक्रम के तहत पहले प्रहर की पूजा शाम 7 बजे होगी। इसके बाद, रात 11 बजे दूसरे प्रहर की पूजा, रात दो बजे तीसरे प्रहर की पूजा और सुबह चार बजे चौथे प्रहर की पूजा होगी। मंगला आरती सवा पांच बजे संपन्न होगी। यह पूरी प्रक्रिया भक्तों के लिए एक अद्वितीय अनुभव प्रदान करेगी।

महाकाल की विशेष आरती

सोमवार दोपहर को बैंड-बाजों के साथ महाकाल की विशेष आरती का आयोजन भी किया जाएगा। इससे पहले की सभी पूजा-अर्चना में भक्तों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। यह अवसर भक्तों के लिए दिव्य अनुभव बनेगा, जिसमें हर कोई अपने इष्ट देव के प्रति समर्पण दिखा सकेगा।

शिवालय की खासियत

ताड़केश्वर महादेव मंदिर की खासियत यह है कि मार्ग में जाते हुए श्रद्धालुओं का सामना कठिनाइयों से होता है। रास्ता कभी-कभी गूगल मैप्स पर भी भटक जाता है। यहां तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को कठिन पगडंडियों से होते हुए चलना पड़ता है, जिससे उनकी श्रद्धा और बलिदान का अहसास होता है।

भक्ति में लीन भक्तों का समर्पण

इस महान अवसर पर, भक्त अपने मन के संकल्प के साथ मंदिर आते हैं। चार प्रहर की पूजा और महाआरती में हिस्सा लेकर वे अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं। यह पर्व हर भक्त के लिए अपने-अपने तरीके से अलग खुशी का अवसर होता है। इस त्यौहार की धूम पूरे राज्य में देखी जा रही है।
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