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March 15, 2026

समर शेड्यूल 29 मार्च से: जैसलमेर से सभी फ्लाइट बंद होने का खतरा

The CSR Journal Magazine
देशभर में 29 मार्च से समर फ्लाइट शेड्यूल लागू होने वाला है। इस बार राजस्थान के कई एयरपोर्ट पर उड़ानों की संख्या घटने की चिंता बढ़ गई है। जैसलमेर एयरपोर्ट पर स्थिति काफी गंभीर हो सकती है, जहां समर शेड्यूल के तहत फ्लाइट संचालन बिल्कुल बंद होने का अंदेशा जताया जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में यह देखा गया है कि अप्रैल से सितंबर के बीच यहां नियमित उड़ानें नहीं होती हैं। इस बार भी ऐसा ही होने की संभावना है। वर्तमान में जैसलमेर से रोजाना 6 फ्लाइटें दिल्ली, मुंबई, जयपुर और बेंगलुरु के लिए उड़ान भर रही हैं, लेकिन 28 मार्च के बाद ये उड़ानें बंद हो सकती हैं।

राहत की कोई आस नहीं

जैसलमेर में पर्यटन का सीजन खत्म होते ही एयरलाइन कंपनियां उड़ानों की संख्या में कमी कर देती हैं। इस वजह से जैसलमेर के व्यापारिक संगठनों ने गर्मियों में नियमित फ्लाइट्स जारी रखने की गुजारिश की है। उन्होंने एयरलाइंस और एयरपोर्ट अथॉरिटी को पत्र लिखकर फ्लाइट संचालन पर ध्यान देने का आग्रह किया है। लेकिन इस मामले में अभी तक कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला है।

सिर्फ जैसलमेर नहीं, और भी एयरपोर्ट पर कटौती

जैसलमेर में ही नहीं, बल्कि उदयपुर और जोधपुर के एयरपोर्ट पर भी उड़ानों की कमी आने की संभावना है। इन एयरपोर्ट्स पर वर्तमान में जो फ्लाइट्स संचालित हो रही हैं, उनकी संख्या घटकर 17 और 11 हो सकती है। बीकानेर और किशनगढ़ (अजमेर) एयरपोर्ट पर भी स्थिति नाजुक है, जहां फ्लाइट्स की संख्या कम हो सकती है।

डीजीसीए का फैसला बाकी

हालांकि, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा समर शेड्यूल को अंतिम रूप नहीं दिया गया है। इस बीच, जैसलमेर से संचालित होने वाली छह मुख्य फ्लाइट्स की सूची भी जारी की गई है। यदि एयरलाइन कंपनियां अपनी ओर से कोई राहत नहीं देती हैं, तो फ्लाइट्स बंद होने की संभावनाएं बनी रहेंगी।

जैसलमेर से बंद होने वाली फ्लाइट्स की सूची

जैसलमेर से जिन फ्लाइट्स का संचालन बंद होने की संभावनाएं हैं, उनमें शामिल हैं: एआई-1864 (दिल्ली), 6E-6143 (मुंबई), 6E-7677 (जयपुर), एआई-184 (दिल्ली), 6E-6509 (दिल्ली) और 6E-6838 (बेंगलुरु)। जैसलमेर के व्यापारिक संगठनों का कहना है कि गर्मियों में भी यात्रा करने वालों की संख्या बनी रहती है, जिसके चलते नियमित उड़ानों की जरूरत है।

प्रभाव पर सतर्कता जरूरी

राजस्थान के एयरपोर्ट्स पर उड़ानों में कमी का असर न केवल पर्यटन बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा। ऐसे में संबंधित अधिकारियों और एयरलाइन कंपनियों को इस मामले में गंभीरता से विचार करना चाहिए। गर्मियों में भी यातायात के लिए फ्लाइट्स का संचालन बहुत आवश्यक है, ताकि पर्यटक और स्थानीय लोग आसानी से अपनी यात्रा कर सकें। अब देखने वाली बात यह है कि एयरलाइन कंपनियां इस मुद्दे पर कब विचार करेंगी।
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