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January 15, 2026

बीएमसी चुनाव में विवाद: राज ठाकरे का बड़ा आरोप, हैंड सैनेटाइजर से मिट रही वोटिंग स्याही?

The CSR Journal Magazine
मुंबई: बीएमसी चुनाव के दौरान एमएनएस चीफ राज ठाकरे ने बड़ा आरोप लगाया है कि मतदान में उंगली पर लगाई जाने वाली स्याही अब टिकाऊ नहीं रही। उनके अनुसार, हैंड सैनेटाइजर या अन्य उपायों से स्याही आसानी से मिट जा रही है, जिससे चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी का खतरा बन रहा है। राज ठाकरे ने कहा कि पहले मतदान में इस्तेमाल होने वाली स्याही की जगह अब मार्कर पेन या अन्य अस्थायी निशान लगाने वाले उपकरण का प्रयोग किया जा रहा है, जो आसानी से साफ हो सकते हैं।

शिवसेना (यूबीटी) ने उठाए गंभीर सवाल

शिवसेना (यूबीटी) के नेता साईंनाथ दुर्गे ने भी इस प्रक्रिया पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कई मतदान केंद्रों पर उंगली पर स्थायी स्याही लगाने की बजाय मार्कर पेन का उपयोग किया जा रहा है, जो आसानी से मिटाया जा सकता है। दुर्गे ने इसे चुनावी पारदर्शिता से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को मतदान केंद्रों पर इस प्रक्रिया पर नजर रखनी चाहिए, ताकि कोई भी व्यक्ति स्याही या निशान मिटाकर दोबारा मतदान न कर सके।

प्रशासन का बयान: प्रक्रिया मानक के तहत

मुंबई महानगरपालिका प्रशासन ने इस आरोप पर प्रतिक्रिया दी। उनका कहना है कि मतदान केंद्रों पर मार्कर किट का उपयोग राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा उपलब्ध कराए गए मानकों के तहत किया जा रहा है। प्रशासन ने कहा कि इस किट का इस्तेमाल नया नहीं है, बल्कि 2012 से स्थानीय निकाय चुनावों में इसे लागू किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उंगली पर निशान लगाते समय नाखून से अतिरिक्त स्याही को पोंछा जाता है, ताकि केवल उंगली पर निशान बने रहे।

राज ठाकरे का आरोप: सत्ता पाने की चालबाजी

राज ठाकरे ने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन सत्ता हासिल करने के लिए हर तरह की चालबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्याही खरीदी गई थी, लेकिन निर्वाचन आयोग ने किसी भी पार्टी को इसकी पूरी जानकारी नहीं दी। इसके अलावा, उन्होंने यह भी बताया कि बार-बार अनुरोध करने के बावजूद उन्हें मशीन नहीं दी गई। राज ठाकरे ने कहा कि चुनाव प्रचार के लिए नए नियम बनाए जा रहे हैं, जो साफ तौर पर सत्ता में बने रहने की रणनीति को दर्शाते हैं। उन्होंने जनता और शिवसेना कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे ऐसी प्रक्रियाओं के प्रति सतर्क रहें।

बीएमसी का खंडन: स्याही हटाने का कोई आधार नहीं

हालांकि, बीएमसी ने सभी आरोपों का सिरे से खंडन किया है। बीएमसी ने मीडिया में आ रही खबरों को तथ्यात्मक रूप से गलत बताया और कहा कि मतदान के दौरान उंगली पर लगाई जाने वाली पक्की स्याही को हटाने का कोई आदेश या घटना नहीं हुई। बीएमसी आयुक्त ने स्पष्ट किया कि मतदान केंद्रों पर मतदाता की एक उंगली पर स्याही लगाना मानक प्रक्रिया है और इसे हर चुनाव में लागू किया जाता है।

चुनाव की तस्वीर

इस बार मुंबई के 227 वार्डों के लिए 1,700 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि शहर भर में कुल 10,231 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर 64,375 अधिकारी और कर्मचारी तैनात हैं। मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सभी आवश्यक कदम उठाए हैं।

सतर्क रहने की अपील

चुनाव के दौरान कई राजनीतिक दलों और कार्यकर्ताओं से अपील की जा रही है कि वे हर स्तर पर निगरानी रखें, ताकि कोई भी मतदाता स्याही या निशान मिटाकर दोबारा मतदान न कर सके। यह विवाद इस बात को उजागर करता है कि स्थायी स्याही और मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता हमेशा महत्वपूर्ण रहती है।
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