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March 4, 2026

48 वर्षों के बाद जगन्नाथ के रत्न भंडार की गिनती, तैयारियां जोरों पर

The CSR Journal Magazine
पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर में रत्न भंडार की बहुप्रतीक्षित गिनती 25 मार्च को शुरू होने जा रही है। ओडिशा सरकार ने इस प्रक्रिया के लिए शुभ मुहूर्त तय किया है, जो दोपहर 12.12 बजे से 1.45 बजे तक होगा। रत्न भंडार में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के कीमती आभूषणों का खजाना है। 1978 की गिनती के अनुसार, यहां 128.38 किलो सोना और 221.53 किलो चांदी के आभूषण थे। यह प्रक्रिया अगले 72 दिन तक चलेगी। गिनती की पूरी प्रक्रिया का फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी किया जाएगा।

रिजर्व बैंक की निगरानी में होगा कार्य

भारतीय रिजर्व बैंक ने इस गिनती को सुनिश्चित करने के लिए दो वरिष्ठ अधिकारियों को नियुक्त करने पर सहमति जताई है। इसके साथ ही राष्ट्रीयकृत बैंक रजिस्टर्ड सुनार उपलब्ध कराएंगे, जो इस प्रक्रिया में शामिल रहेंगे। मुख्य प्रशासक अरविंद पाढ़ी ने जानकारी दी कि इस बार गिनती कितने दिन चलेगी, यह कहना अभी मुश्किल है। राज्य सरकार ने दो रत्नविज्ञानी भी उपलब्ध कराने का फैसला किया है, जो आभूषणों में लगे बेशकीमती रत्नों की पहचान करेंगे।

कड़ी सुरक्षा में होगा आभूषणों का निरीक्षण

सरकार ने गिनती की प्रक्रिया के लिए कई सुरक्षा उपाय किए हैं। बाहरी रत्न भंडार में भगवान के दैनिक उपयोग के आभूषण रखे जाते हैं। खजाने से रोज चाबी लाकर मजिस्ट्रेट उसी दिन जमा करेंगे। गिनती के लिए राज्य सरकार ने एसओपी जारी की है। तीन सदस्यीय पैनल इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेगा। सोने, चांदी और अन्य कीमती आभूषणों के लिए अलग-अलग बॉक्स का इस्तेमाल होगा।

2018 में चाबी खो जाने की हुई थी घटना

यह गिनती 2018 से नगर के लिए मुद्दा बनी हुई है, जब ओडिशा हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि रत्न भंडार खोला जाए। 4 अप्रैल 2018 को जब 16 लोगों की टीम रत्न भंडार पहुंची, तो उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा, क्योंकि कहा गया कि चाबी खो गई है। इसके बाद हंगामे के चलते तब की मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने न्यायिक जांच के आदेश दिए। जांच कमेटी ने 29 नवंबर को रिपोर्ट सरकार को सौंप दी, लेकिन इसे सार्वजनिक नहीं किया गया।

पुरानी जानकारी के अनुसार कितना है खजाना

2018 में तत्कालीन कानून मंत्री प्रताप जेना ने विधानसभा में बताया था कि रत्न भंडार में 12,831 भरी सोने के जेवर मौजूद हैं। इनमें बहुत से कीमती पत्थर लगे हैं। इसके अलावा 22,153 भरी चांदी के बर्तन और अन्य सामान भी हैं। पिछले साल अगस्त में जगन्नाथ मंदिर प्रबंध समिति ने सुझाव दिया था कि रत्न भंडार को 2024 की वार्षिक रथ यात्रा के दौरान खोला जाए।

46 सालों बाद खजाने का निकाला जाना

18 जुलाई को ओडिशा के पुरी में Jagannath Temple के भीतरी रत्न भंडार से खजाना निकाला गया था। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा गठित हाई कमेटी के 11 सदस्य चेंबर के अंदर गए थे। उन्हें मोटे कांच की तीन और लोहे की एक 6.50 फुट ऊंची अलमारी मिली थीं, जिसमें कई कीमती आभूषण और सामग्री रखी हुई थी।
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