दुनिया के सबसे लोकप्रिय Global Leader बने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वैश्विक सर्वे में भारत की बढ़ी प्रतिष्ठा 

The CSR Journal Magazine
 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर वैश्विक स्तर पर सबसे लोकप्रिय नेताओं की सूची में शीर्ष स्थान पर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय सर्वे और आंकड़ों के अनुसार, उनकी लोकप्रियता और स्वीकृति दर (Approval Rating) अन्य देशों के नेताओं से काफी अधिक है। इससे न केवल उनकी व्यक्तिगत छवि मजबूत हुई है, बल्कि भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा भी बढ़ी है। अमेरिका की डेटा एनालिटिक्स संस्था Morning Consult द्वारा जारी “Global Leader Approval Rating Tracker” के ताज़ा आंकड़ों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दुनिया का सबसे लोकप्रिय नेता बताया गया है। फरवरी 2026 के आंकड़ों के अनुसार, मोदी की स्वीकृति दर लगभग 70–76 प्रतिशत के बीच दर्ज की गई, जो अन्य प्रमुख नेताओं से काफी अधिक है। यह सर्वे दुनिया के कई लोकतांत्रिक देशों के नेताओं की लोकप्रियता को मापता है और नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

लगातार कई वर्षों से शीर्ष पर

प्रधानमंत्री मोदी की वैश्विक लोकप्रियता कोई नई बात नहीं है। वे पिछले कई वर्षों से लगातार इस सूची में शीर्ष स्थान पर बने हुए हैं।
• 2023 और 2024 में भी वे 75–78 प्रतिशत स्वीकृति के साथ पहले स्थान पर रहे थे।
• 2025 में जारी रिपोर्ट में भी मोदी को दुनिया का सबसे लोकप्रिय लोकतांत्रिक नेता बताया गया था।  इस प्रकार यह स्पष्ट है कि उनकी लोकप्रियता अस्थायी नहीं, बल्कि दीर्घकालिक और स्थिर रही है।

किन कारणों से बढ़ी वैश्विक पहचान

विशेषज्ञों के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी की अंतरराष्ट्रीय लोकप्रियता के पीछे कई कारण हैं:
1. सक्रिय विदेश नीति
मोदी सरकार ने पिछले वर्षों में भारत की विदेश नीति को अधिक आक्रामक और सक्रिय बनाया है। G-20 शिखर सम्मेलन की सफल मेजबानी, वैश्विक मंचों पर भारत की मजबूत आवाज, रूस-यूक्रेन और मध्य-पूर्व जैसे मुद्दों पर संतुलित कूटनीति, इन कदमों से भारत को “वैश्विक मध्यस्थ” और जिम्मेदार शक्ति के रूप में देखा जाने लगा है।
2. डिजिटल और जनकल्याणकारी योजनाएँ
भारत में डिजिटल भुगतान, आधार, जन-धन और UPI जैसी योजनाओं को दुनिया भर में मॉडल के रूप में देखा जा रहा है। इससे मोदी की छवि एक आधुनिक और सुधारवादी नेता की बनी है।
3. मजबूत राजनीतिक नेतृत्व
कई देशों में राजनीतिक अस्थिरता के बीच भारत में लगातार तीसरी बार सरकार बनना और मजबूत नेतृत्व का बने रहना भी मोदी की वैश्विक पहचान को मजबूत करता है।

सोशल मीडिया पर भी सबसे आगे

प्रधानमंत्री मोदी डिजिटल दुनिया में भी सबसे प्रभावशाली नेताओं में शामिल हैं। हाल ही में वे 100 मिलियन (10 करोड़) से अधिक इंस्टाग्राम फॉलोअर्स पाने वाले दुनिया के पहले नेता बन गए हैं, जो उनकी वैश्विक लोकप्रियता का एक और संकेत है। इसी तरह उनका YouTube चैनल भी दुनिया के नेताओं में सबसे अधिक सब्सक्राइबर वाला चैनल बन चुका है।

वैश्विक राजनीति में भारत की बढ़ती भूमिका

मोदी की लोकप्रियता को केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे भारत की बढ़ती आर्थिक और कूटनीतिक ताकत से भी जोड़ा जा रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है, वैश्विक सप्लाई चेन और तकनीक में भारत की भूमिका बढ़ रही है। इन कारणों से भी दुनिया का ध्यान भारत और उसके नेतृत्व पर केंद्रित है।

वैश्विक मंच पर मोदी की बढ़ती लोकप्रियता: अवसर, चुनौती और भारत की दिशा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक बार फिर दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेताओं में शीर्ष स्थान पर आना केवल एक व्यक्ति की सफलता नहीं, बल्कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत की उभरती भूमिका का संकेत है। अमेरिकी संस्था Morning Consult के ताज़ा सर्वे में मोदी की उच्च स्वीकृति दर इस बात को दर्शाती है कि भारत आज अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक प्रभावशाली और भरोसेमंद शक्ति के रूप में स्थापित हो रहा है।

राजनीतिक आर्थिक अस्थिरता का दौर

यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब दुनिया राजनीतिक अस्थिरता, आर्थिक अनिश्चितताओं और युद्ध जैसे संकटों से जूझ रही है। ऐसे दौर में भारत का संतुलित और व्यावहारिक दृष्टिकोण वैश्विक समुदाय को आकर्षित कर रहा है। रूस-यूक्रेन संघर्ष हो या मध्य-पूर्व की जटिल स्थिति, भारत ने अपनी स्वतंत्र विदेश नीति के माध्यम से “रणनीतिक संतुलन” बनाए रखा है। यही कारण है कि प्रधानमंत्री मोदी की छवि एक ऐसे नेता की बन रही है जो संवाद, स्थिरता और विकास की राजनीति को प्राथमिकता देता है।

चुनौतियाँ अब भी हैं

हालांकि, किसी भी वैश्विक लोकप्रियता को अंतिम सत्य मान लेना उचित नहीं होगा। यह सच है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी है, परंतु किसी भी लोकतांत्रिक नेतृत्व की असली कसौटी उसके देश के भीतर की स्थितियाँ होती हैं। महंगाई, रोजगार, कृषि संकट और सामाजिक समरसता जैसे मुद्दे आज भी आम नागरिक के जीवन को प्रभावित कर रहे हैं। यदि इन चुनौतियों का प्रभावी समाधान नहीं किया गया, तो वैश्विक छवि और घरेलू वास्तविकता के बीच अंतर बढ़ सकता है।

वैश्विक मुद्दों पर काम करने की ज़रूरत

इसके अलावा, लोकप्रियता के साथ अपेक्षाएँ भी बढ़ती हैं। भारत अब केवल एक विकासशील देश नहीं, बल्कि वैश्विक नेतृत्व की आकांक्षा रखने वाला राष्ट्र बन चुका है। ऐसे में जलवायु परिवर्तन, वैश्विक व्यापार, तकनीकी सहयोग शांति स्थापना जैसे मुद्दों पर भारत को और अधिक सक्रिय एवं निर्णायक भूमिका निभानी होगी। प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता इस दिशा में एक अवसर प्रदान करती है, लेकिन इसे ठोस नीतिगत परिणामों में बदलना ही वास्तविक सफलता होगी।

उपलब्धि के साथ बढ़ी ज़िम्मेदारी

डिजिटल भारत, बुनियादी ढांचे का विस्तार और कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से सरकार ने एक मजबूत आधार तैयार किया है। परंतु आगे की राह और भी चुनौतीपूर्ण है। भारत को अपनी आंतरिक मजबूती को और सुदृढ़ करते हुए वैश्विक नेतृत्व की जिम्मेदारियों को संतुलित करना होगा। अंततः, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वैश्विक लोकप्रियता भारत के लिए गर्व का विषय अवश्य है, लेकिन यह केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी भी है। यह समय आत्ममंथन का है- क्या हम इस वैश्विक सम्मान को देश के प्रत्येक नागरिक के जीवन में वास्तविक सुधार में बदल पा रहे हैं? यदि हाँ, तो यह लोकप्रियता स्थायी बनेगी, अन्यथा यह केवल एक क्षणिक उपलब्धि बनकर रह जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक बार फिर दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता के रूप में उभरना भारत के लिए कूटनीतिक और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह उपलब्धि न केवल उनकी व्यक्तिगत नेतृत्व क्षमता को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि भारत आज वैश्विक राजनीति के केंद्र में तेजी से अपनी जगह बना रहा है।

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