Asian Para Games में भारत का धमाका, प्रवीण और आयुष ने गोल्ड जीतकर रचा इतिहास

The CSR Journal Magazine
एशियन पैरा गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन लगातार शानदार बना हुआ है। बुधवार को प्रवीण कुमार ने पुरुषों की हाई जंप T44/64 स्पर्धा में गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल जीता। इस इवेंट में बंटी ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। वहीं, आयुष वर्मा ने पुरुषों की शॉट पुट F53 स्पर्धा में गोल्ड जीतकर भारत की पदक तालिका में एक और स्वर्ण पदक जोड़ दिया। बंटी का यह व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा।

हाई जंप में भारत का 1-2 फिनिश

उज्बेकिस्तान के तेमुरबेक गियाजोव ने 1.86 मीटर की छलांग के साथ तीसरे स्थान पर रहते हुए भारत की जीत को और भी खास बना दिया। इस तरह हाई जंप स्पर्धा में भारत ने गोल्ड और सिल्वर दोनों मेडल जीतकर एक शानदार 1-2 फिनिश दर्ज किया। T44 और T64 कैटेगरी के खिलाड़ी अक्सर संयुक्त स्पर्धा में हिस्सा लेते हैं। T64 कैटेगरी में निचले अंग में कृत्रिम पैर का इस्तेमाल करने वाले खिलाड़ी शामिल होते हैं, जबकि T44 कैटेगरी में दिव्यांगता वाले खिलाड़ी अपने प्राकृतिक पैरों का उपयोग करते हैं।

आयुष वर्मा का गोल्डन थ्रो

आयुष वर्मा ने शॉट पुट में गोल्ड जीतकर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की। उन्होंने अपने पांचवें प्रयास में 8.16 मीटर का थ्रो करके पहला स्थान हासिल किया। ईरान के अलीरेजा हेमामी ने 8.09 मीटर के थ्रो के साथ सिल्वर मेडल जीता, जबकि कजाखस्तान के मखाम्बेट सेरिक्कलियेव 6.81 मीटर के थ्रो के साथ तीसरे स्थान पर रहे। आयुष का इन खेलों में यह दूसरा पदक है। उन्होंने इससे पहले मंगलवार को पुरुषों की जैवलिन थ्रो F53/F54 स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीता था।
F53 कैटेगरी में ऐसे खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं, जिनके धड़ और पैरों की गतिविधियां काफी हद तक प्रभावित होती हैं, जबकि हाथों की पकड़ अपेक्षाकृत कम प्रभावित होती है। इस कैटेगरी के खिलाड़ी बैठकर थ्रो करते हैं और छाती, पीठ के ऊपरी हिस्से तथा कंधों की ताकत के सहारे प्रदर्शन करते हैं। आयुष ने अपनी मेहनत और लगन से साबित किया है कि दिव्यांगता किसी भी खिलाड़ी की प्रतिभा को नहीं रोक सकती।

भारत का पदक तालिका में मजबूती

भारतीय खिलाड़ियों के इन प्रदर्शनों ने एशियन पैरा गेम्स में देश के अभियान को मजबूती दी है। प्रवीण का रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन, हाई जंप में भारत का गोल्ड-सिल्वर और आयुष का दूसरा पदक इस दिन की प्रमुख उपलब्धियां रहीं। इन खिलाड़ियों ने न केवल अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किए, बल्कि देश का नाम भी रोशन किया।

खेलों में आगे की चुनौतियां

आगे आने वाले दिनों में भारतीय खिलाड़ियों के लिए और भी चुनौतियाँ होंगी। सभी खिलाड़ी अपनी पूरी मेहनत और लगन से प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे। एशियन पैरा गेम्स में भारत की पदक तालिका में और भी बढ़ोतरी की उम्मीद है। भारतीय खेल प्रेमियों के लिए यह एक गर्व का पल है, जब उनके खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।

खेलों का महत्व

इन खेलों का महत्व सिर्फ पदक जीतने में नहीं है, बल्कि यह दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है। यह दिखाता है कि कठिनाइयाँ चाहे कितनी भी हों, अगर मन में जज्बा हो तो हर लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। भारत के इन खिलाड़ियों ने साबित कर दिया है कि वे किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं।

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