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January 26, 2026

कर्तव्य पथ पर शक्ति, संस्कृति और संकल्प का संगम 77वें गणतंत्र दिवस पर भारत की सैन्य व तकनीकी ताकत का भव्य प्रदर्शन

The CSR Journal Magazine
77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य परेड में भारत ने अपनी सैन्य क्षमता, सांस्कृतिक विविधता और तकनीकी प्रगति का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष की थीम पर आधारित इस समारोह में ऑपरेशन सिंदूर में प्रयुक्त अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों, राज्यों की रंग-बिरंगी झांकियों और तीनों सेनाओं की ताकत ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की अगुवाई में आयोजित इस कार्यक्रम में कई ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण देखने को मिले।

राष्ट्रपति की अगुवाई में राष्ट्रीय गौरव का उत्सव

गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करने से हुई। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पारंपरिक बग्घी में मुख्य अतिथियों के साथ कर्तव्य पथ पहुंचीं। सुबह 10.30 बजे शुरू हुआ यह समारोह करीब दो घंटे तक चला। ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने की थीम ने पूरे आयोजन को देशभक्ति की भावना से सराबोर कर दिया।

ऑपरेशन सिंदूर और अत्याधुनिक हथियारों की गूंज

इस वर्ष की परेड का सबसे बड़ा आकर्षण ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा इस्तेमाल किए गए हथियारों और प्रणालियों का प्रदर्शन रहा। टी-90 भीष्म टैंक, अर्जुन एमके-1 मेन बैटल टैंक और नाग मिसाइल सिस्टम (मार्क-2) ने कर्तव्य पथ पर सेना की बख्तरबंद ताकत का प्रदर्शन किया। इसके साथ ही आकाश वेपन सिस्टम और अभ्र (ABHRA) मीडियम रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल सिस्टम ने भारत की वायु रक्षा क्षमताओं को दर्शाया।

वायुसेना, स्पेशल फोर्स और ड्रोन शक्ति का प्रदर्शन

परेड में भारतीय वायुसेना का मार्चिंग कंटिन्जेंट शामिल हुआ, जबकि आसमान में ‘सिंदूर फॉर्मेशन’ ने सभी को रोमांचित कर दिया। इस फॉर्मेशन में दो राफेल, दो सुखोई, दो मिग-29 और एक जगुआर फाइटर जेट ने उड़ान भरी। इसके अलावा स्पेशल फोर्सेस के दस्ते ने अजयकेतु ऑल-टेरेन व्हीकल, रणध्वज रग्ड टेरेन ट्रांसपोर्ट सिस्टम और ध्वंसक लाइट स्ट्राइक व्हीकल के जरिए सेना की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का प्रदर्शन किया। ड्रोन शक्ति और इंटीग्रेटेड ऑपरेशन सेंटर की झलक ने आधुनिक युद्ध तकनीक में भारत की बढ़त को रेखांकित किया।

राज्यों और मंत्रालयों की झांकियों में दिखी ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की झलक

गणतंत्र दिवस परेड में देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र सरकार के मंत्रालयों की आकर्षक झांकियों ने भारत की सांस्कृतिक विविधता और विकास यात्रा को दर्शाया। मणिपुर, छत्तीसगढ़, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु, केरल, पंजाब, असम और जम्मू-कश्मीर सहित कई राज्यों की झांकियों ने परंपरा, लोककला और आधुनिक विकास का सुंदर संगम प्रस्तुत किया। गृह मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की झांकियों ने सरकारी पहलों और राष्ट्रीय उपलब्धियों को उजागर किया।

नौसेना की ताकत, हाइपरसोनिक मिसाइल और सम्मान समारोह

भारतीय नौसेना की झांकी में स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत को प्रदर्शित किया गया, जो आत्मनिर्भर भारत की रक्षा क्षमता का प्रतीक है। इसके साथ ही डीआरडीओ द्वारा विकसित की जा रही लॉन्ग रेंज एंटी-शिप मिसाइल (LR-AShM) की झलक भी देखने को मिली, जो हाइपरसोनिक तकनीक में भारत की उपलब्धि को दर्शाती है। समारोह के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी देशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए संविधान और सशस्त्र बलों के योगदान को नमन किया।
77वें गणतंत्र दिवस की यह परेड न केवल सैन्य शक्ति का प्रदर्शन थी, बल्कि भारत के आत्मविश्वास, एकता और भविष्य की दिशा का सशक्त संदेश भी थी।

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