राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चल रही चर्चा के दौरान लोकसभा में उस समय जबरदस्त हंगामा हो गया, जब पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की एक अप्रकाशित किताब का मुद्दा उठा। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस किताब का हवाला देते हुए चीन और सीमा सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए, जिस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कड़ा जवाब दिया। दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस हुई और सदन का माहौल गर्मा गया।
राहुल गांधी ने लगाया मोदी सरकार पर गंभीर आरोप
राहुल गांधी ने कहा कि चीनी सेना भारतीय सीमा में घुसपैठ कर रही है। उन्होंने दावा किया कि पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे ने अपनी किताब में इस बारे में लिखा है। राहुल गांधी के इस बयान के बाद सत्ता पक्ष के सांसदों ने जोरदार विरोध किया। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने राहुल गांधी का समर्थन करते हुए कहा कि विपक्ष के नेता को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है।
रक्षा मंत्री का पलटवार
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जिस किताब का जिक्र किया जा रहा है, वह अभी प्रकाशित ही नहीं हुई है। ऐसे में उसके आधार पर संसद में आरोप लगाना गलत है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि राहुल गांधी को अपने दावों के समर्थन में ठोस सबूत पेश करने चाहिए और बिना तथ्यों के बयान नहीं देने चाहिए।
अमित शाह की भी प्रतिक्रिया
गृह मंत्री अमित शाह ने भी राहुल गांधी के बयान पर आपत्ति जताई और कहा कि देश की सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर जिम्मेदारी से बोलना चाहिए। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को सिरे से नकार दिया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने लगातार बढ़ते हंगामे पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने राहुल गांधी को याद दिलाया कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा हो रही है और उसी विषय पर बोलना चाहिए। स्पीकर ने कहा कि सदन नियमों से चलता है और नियम 353 के तहत किसी व्यक्ति पर आरोप लगाने से पहले लिखित सूचना देना जरूरी है। लगातार शोर-शराबे और नारेबाजी के बीच सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल पाई। आखिरकार स्पीकर ने लोकसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी।

