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February 9, 2026

पीएम मोदी ने परीक्षा पे चर्चा में छात्रों को स्टार्टअप और पढ़ाई की सलाह

The CSR Journal Magazine

छात्रों से संवाद का अनोखा अनुभव

9 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ के दूसरे सत्र में छात्रों से बातचीत की। इस सत्र में उन्होंने परीक्षा की चुनौतियों और स्टार्टअप शुरू करने के लिए आवश्यक पहलुओं पर चर्चा की। पीएम मोदी ने बताया कि छात्रों को अपने पैशन और पढ़ाई को एक साथ जोड़ने का तरीका खोजना चाहिए। उन्होंने एनर्जी और उत्सुकता के साथ शिक्षा के महत्व पर भी जोर दिया।

बिना उम्र की सीमाएं, स्टार्टअप हर किसी का सपना

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि स्टार्टअप के लिए 25 साल की उम्र की कोई आवश्यकता नहीं है। वे युवाओं को प्रेरित करते हुए कहते हैं कि स्टूडेंट्स जब भी चाहें, अपने आईडियाज को साकार कर सकते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि छात्रों को इंडस्ट्री के प्रोफेशनल्स से बातचीत करनी चाहिए ताकि उन्हें व्यवसाय के लिए सही मार्गदर्शन मिल सके।

परीक्षा पे चर्चा में नया मोड़

इस बार के प्रश्न उत्तर सत्र में पीएम मोदी ने कहा कि छात्रों के सुझाव पर परीक्षा पे चर्चा को सभी राज्यों में आयोजित किया जाएगा। यह छात्रों के लिए एक सुनहरा अवसर है कि वे सीधे अपने विचार और समस्याएं साझा कर सकें। इस प्रकार के संवाद से छात्रों को बेहतर तरीके से दिशा मिल सकेगी।

स्टार्टअप का आइडिया कैसे बनाएं?

पीएम मोदी ने इस सत्र में स्पष्ट किया कि यदि आप किसी स्टार्टअप की सोच रहे हैं, तो सबसे पहले आपको यह जानना होगा कि आप किस क्षेत्र में जाना चाहते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि यदि आपके मित्र विभिन्न फील्ड में एक्सपर्ट हैं, तो आप उनके साथ मिलकर एक छोटा सा स्टार्टअप शुरू कर सकते हैं।

अनुशासन का महत्व

पीएम मोदी ने बच्चों को बताया कि जीवन में अनुशासन बहुत जरूरी है। अनुशासन किसी भी व्यक्ति के लिए प्रेरणा की नींव रखता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि अनुशासन नहीं है, तो प्रेरणा का कोई महत्व नहीं रह जाता। इसलिए, बच्चों को चाहिए कि वे अपने लक्ष्यों को पाने के लिए एक सुसंगत योजना बनाएं।

पढ़ाई और पैशन का मेल

प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों को यह भी सलाह दी कि वे पढ़ाई और अपने पैशन को अलग-अलग न समझें। उदाहरण के طور पर, यदि किसी छात्र को आर्ट में रुचि है, लेकिन वह साइंस की पढ़ाई कर रहा है, तो उसे चाहिए कि वह आर्ट से जुड़ी चीजें बनाना शुरू करे। इससे वह दोनों में संतुलन बनाए रख सकेगा।

आने वाले सत्रों की उम्मीदें

परीक्षा पे चर्चा से छात्रों में सीखने की ललक और अधिक बढ़ गई है। पीएम मोदी ने ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों को उनके विचार साझा करने और उनके मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी बातों पर खास ध्यान देने की जरूरत बताई। यह छात्रों के लिए न केवल प्रेरणा का स्रोत है, बल्कि उन्हें अपने छोटे-छोटे सपनों को साकार करने का मौका भी देता है।
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