मां गंगा की पवित्र घाटी का सालभर कर सकेंगे दीदार: प्राकृतिक सुंदरता के साथ मिलेगा लद्दाख जैसा रोमांस

The CSR Journal Magazine
उत्तराखंड की मां गंगा की प्रसिद्ध घाटी गंगोत्री नेशनल पार्क की नेलांग घाटी अब Year-round पर्यटन के लिए खुल गई है। इस फैसले से स्थानीय लोग और पर्यटक दोनों को एक नया अनुभव मिलेगा। जब से यह घाटी सर्दियों में बर्फ से ढकी रहती है, तब से यह खास बन जाती है। अब सैलानी यहां सालभर प्राकृतिक सुंदरता का आनंद ले सकेंगे। इससे सीमांत क्षेत्र में नया रोजगार भी पैदा होगा।

लद्दाख जैसा अनुभव, अद्भुत मौसम

नेलांग घाटी अपनी अद्वितीय भौगोलिक संरचना के कारण लद्दाख जैसे अनुभव प्रदान करती है। पर्यटक बर्फ से ढकी चोटियों, साफ आसमान और चौड़ी घाटियों का आनंद ले सकते हैं। हर मौसम में यहां का वातावरण बदलता रहता है, जो एंटरटेनमेंट और एक्सप्लोरेशन के शौकीनों के लिए खास है। यहां प्रकृति के समीप समय बिताना अविस्मरणीय अनुभव होता है।

अधिकारियों ने तैयार की सुरक्षा व्यवस्था

इस नयी पहल के तहत प्रशासन ने सुरक्षा के लिए नियम तय किए हैं। सभी पर्यटकों को घाटी में प्रवेश के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा। यह जगह भारत-चीन सीमा के निकट होने के कारण विशेष ध्यान की आवश्यकता है। गाइड के साथ यात्रा करना आवश्यक होगा ताकि सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

पर्यटकों के लिए नियमों का पालन अनिवार्य

नेलांग घाटी जाने के लिए प्रशासन ने कुछ शर्तें तय की हैं, जिसमें परमिट की व्यवस्था प्रमुख है। बिना अनुमति किसी भी पर्यटक को यहां प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इसके लिए वन विभाग के पास आवेदन करने की आवश्यकता है। आवश्यक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, यात्री सूची और इमरजेंसी कॉन्टैक्ट डिटेल्स प्रदान करना होगा।

सुबह का समय ही प्रवेश का

नेलांग घाटी में प्रवेश केवल सुबह के समय होता है और तय समय पर सभी पर्यटकों को वापस लौटना अनिवार्य है। इससे सुरक्षा बढ़ती है और निगरानी में आसानी होती है। यात्रा के दौरान गाइड और सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करना आवश्यक है। कुछ क्षेत्रों में फोटोग्राफी पर भी पाबंदी हो सकती है।

बर्फबारी में यात्रा का विशेष आनंद

सर्दियों में बर्फबारी के बीच यात्रा करना एक अलग ही अनुभव है। 4×4 वाहनों द्वारा यात्रा करने की अनुमति है, और अधिसूचना के अनुसार अगर मौसम खराब हो जाता है, तो परमिट अस्थायी रूप से रद्द किया जा सकता है। पर्यटकों को गर्म कपड़े, जरूरी दवाइयां और सुरक्षा उपकरण ले जाना अनिवार्य है।

नेलांग घाटी कैसे पहुंचें?

नेलांग घाटी पहुंचने के लिए पहले देहरादून आना होगा, जो इसका सबसे नजदीकी बड़ा शहर है। यहां से उत्तरकाशी के लिए सड़क मार्ग से यात्रा की जा सकती है। उत्तरकाशी से आगे भटवाड़ी होते हुए हर्षिल पहुंचा जा सकता है। यहां से भैरोंघाटी चेकपोस्ट पर परमिट आवश्यक है। बिना अनुमति यहां प्रवेश नहीं दिया जाता है।

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