ओमान में भारतीय लड़कियों की अदला-बदली का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। इस संदर्भ में एक युवती ने अपनी चचेरी बहन को ओमान बुलाने का फैसला किया और खुद भारत लौट आई। यह मामला तब सामने आया जब पीड़िता के परिवार ने राज्यसभा सांसद संत बलबीर सिंह सीचेवाल से मदद मांगी। उनके प्रयासों से चार भारतीय लड़कियों की घर वापसी संभव हो सकी।
पीड़ित लड़कियों की बयां कहानी
इन फंसी हुई लड़कियों में से तीन पंजाब से हैं और एक केरल की है। शनिवार को, कपूरथला की एक पीड़िता ने निर्मल कुटिया, सुल्तानपुर लोधी में संत सीचेवाल से अपनी दुखभरी कहानी साझा की। उसने बताया कि वह मई 2024 में अपनी कजन बहन के जरिए ओमान गई थी, लेकिन उसकी कजन बहन भारत लौट गई और उसे वहां अकेला छोड़ दिया। ओमान पहुंचने पर उसका पासपोर्ट छीन लिया गया और उसे दो साल के अनुबंध पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया गया।
मनोवैज्ञानिक और शारीरिक प्रताड़ना
पीड़िता ने चौंकाने वाले खुलासे किए कि ओमान में उसे मानसिक प्रताड़ना और शारीरिक हिंसा का सामना करना पड़ा। छोटी-छोटी बातों पर उसे मारपीट का शिकार होना पड़ा। जब उसने स्वदेश लौटने की इच्छा जताई, तो उसके स्पॉन्सर ने लाखों रुपए की मांग की। यह स्थिति न केवल उसे, बल्कि कई अन्य लड़कियों को भी फंसाने का एक बड़ा खतरा है।
अभी भी फंसी हैं 100 भारतीय लड़कियां
संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने बताया कि दिसंबर में उन्होंने विदेश मंत्रालय को 70 लड़कियों की जानकारी दी थी, जो ओमान में फंसी हुई हैं। अब स्थिति यह है कि ओमान में लगभग 100 और भारतीय लड़कियां ऐसी ही दिक्कतों का सामना कर रही हैं। यह एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है और इसकी रोकथाम के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।
दिल्ली एयरपोर्ट पर की गई सख्ती
दिल्ली एयरपोर्ट पर बढ़ी सख्ती के चलते अब गिरोह लड़कियों को मुंबई के रास्ते विदेश भेजने का नया तरीका अपना रहे हैं, ताकि जांच से बचा जा सके। यह स्थिति न केवल भारतीय लड़कियों के लिए खतरनाक है, बल्कि समाज के लिए भी चिंता का कारण बन रही है। सरकार को इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करना होगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।