मुंबई के मुलुंड इलाके में शनिवार दोपहर को एक बड़ा हादसा हुआ। निर्माणाधीन मेट्रो लाइन नंबर 4 के पिलर का स्लैब अचानक गिर गया। यह स्लैब एक ऑटो रिक्शा और स्कोडा कार पर गिरा, जिससे कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई और तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह दुर्घटना शनिवार को लगभग 12 बजे एल.बी.एस. रोड, जॉनसन एंड जॉनसन फैक्ट्री के पास हुई।
घायलों की स्थिति
पुलिस के अनुसार, मृतक का नाम रामधन यादव है। घायलों में राजकुमार इंद्रजीत यादव (45), महेंद्र प्रताप यादव (52) और दीपा रुहिया (40) शामिल हैं। इनमें से राजकुमार की हालत गंभीर घोषित की गई है और उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया है। इस घटना ने स्थानीय जनमानस में एक बार फिर सुरक्षा संबंधी सवाल खड़े कर दिए हैं।
मेयर की लापरवाही पर तीखी प्रतिक्रिया
मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने इस हादसे के बाद अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि निर्माण में लापरवाही बरती गई है, क्योंकि एक दिन पहले ही स्लैब का निर्माण हुआ था और उसे सुरक्षित करने के लिए बैरिकेड्स नहीं लगाए गए थे। इस लापरवाही के चलते यह बड़ा हादसा हुआ।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजनल डेवलपमेंट अथॉरिटी (MMRDA) ने स्थिति पर ध्यान देते हुए एक बयान जारी किया है। उन्होंने बताया कि वे बीएमसी और डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटीज के साथ मिलकर राहत कार्य और साइट को सुरक्षित करने का काम कर रहे हैं। साथ ही, घटना के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है।
स्थानीय विधायक की मांग
मुलुंड के विधायक मिहिर कोटेचा ने इस मामले में ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों को सजा मिलनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने का फैसला लिया जाना चाहिए।
शिवसेना नेता की प्रतिक्रिया
इस घटना पर शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने भी अपनी बात रखी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि पिछले साल मेट्रो लाइन 3 के उद्घाटन के बाद बाढ़ आई थी और अब दीवार गिर गई है। यह स्थिति बेहद गंभीर है और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
दूसरी घटना पर नजर
इसी बीच, जबलपुर के ललपुर-न्यू भेड़ाघाट क्षेत्र में भी निर्माणाधीन पुल के पिलर की सेंट्रिंग गिरने से बड़ा हादसा हुआ है। वहां एक मजदूर की मौत हो गई और दो मजदूरों के हाथ-पैर टूट गए हैं। यह घटनाएं निर्माण कार्य की सुरक्षा की अनदेखी की ओर इशारा कर रही हैं।
सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी
इन सभी घटनाओं ने निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर किया है। स्थानीय प्रशासन और ठेकेदारों को इस ओर गंभीरता से ध्यान देना होगा ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।