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March 9, 2026

चौथे दिन भी जारी ममता बनर्जी का धरना, भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप

The CSR Journal Magazine

रवींद्र संगीत के बीच बढ़ा विरोध का आरोप

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का धरना सोमवार को चौथे दिन भी जारी है। धरना स्थल पर ममता ने रवींद्र संगीत दल के साथ गाना गाया। इस बीच, ममता ने आरोप लगाया कि उनके धरना स्थल पर भाजपा और उसकी एजेंसियां पर्चे बांट रही हैं। ममता ने टीएमसी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे पर्चे बांटने वालों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दें। इन पर्चों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 14 मार्च को कोलकाता में होने वाली रैली का प्रचार किया जा रहा है।

राजनीतिक अधिकारों पर उठे सवाल

ममता ने अपने समर्थकों से कहा, “किसी अन्य राजनीतिक दल के कार्यक्रमों में ऐसे पर्चे बांटने का उन्हें कोई अधिकार नहीं है। उन्हें पकड़ो और पुलिस के हवाले कर दो।” बनर्जी ने राज्य मंत्री शशि पांजा को भी इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी दावा किया कि पर्चे बांटने वाले लोग पूछताछ के बाद भाग गए। ममता ने विशेष इंटेसिव रिविजिन (SIR) के तहत वोटर लिस्ट से नाम हटाने के विरोध में 6 मार्च से धरना शुरू किया है।

चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर आरोप

ममता ने भाजपा पर चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर करने का आरोप लगाते हुए कहा, “उनके पास जनता का समर्थन नहीं है। वे वोट चोर हैं। वे एजेंसियों का इस्तेमाल करते हैं।” धरना स्थल से कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जबकि टीएमसी का मुख्य चुनाव आयुक्त को काले झंडे दिखाने का भी एक वीडियो सामने आया है।

मुख्य चुनाव आयुक्त का विवादित दौरा

पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सियासी माहौल गर्म होता दिख रहा है। इसी बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को कोलकाता पहुंचते ही विरोध का सामना करना पड़ा। रविवार रात विमान से कोलकाता एयरपोर्ट पर उतरने के बाद उनका न्यूटाउन के एक होटल में ठहरने का कार्यक्रम था। होटल के बाहर कई लोग इकट्ठा हो गए, जिनके हाथों में काले झंडे और बैनर थे, और वे “गो बैक” के नारे लगा रहे थे।

भाजपा के खिलाफ एकजुट होते हैं लोग

प्रदर्शनकारियों में अधिकतर सत्ताधारी दल टीएमसी के कार्यकर्ता और समर्थक बताए जा रहे हैं। उनका आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान कई मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। मौके पर पहुंचे राजरहाट-न्यूटाउन विधायक तपस चटर्जी ने कहा- “इस इलाके के कई लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। चुनाव आयुक्त यहां ठहरने आ रहे हैं, इसलिए आम लोग अपनी नाराज़गी जताने के लिए इकट्ठा हुए हैं।” वे यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि कोई भी मतदाता का नाम सूची से हटा न जाए।

मतदाता सूची में बड़े बदलाव

SIR की फाइनल वोटर लिस्ट में क्या-क्या है, इस बारे में 28 फरवरी को जारी ऑफिशियल डेटा के मुताबिक, पिछले साल नवंबर में SIR प्रोसेस शुरू होने के बाद से अब तक 63.66 लाख नाम, यानी वोटर्स का करीब 8.3 परसेंट, हटा दिए गए हैं। इससे वोटर्स की संख्या करीब 7.66 करोड़ से घटकर 7.04 करोड़ से थोड़ी ज़्यादा रह गई है। इसके अलावा, 60.06 लाख से ज़्यादा वोटर्स को अंडर एडजुडिकेशन कैटेगरी में रखा गया है, जिसका मतलब है

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