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January 3, 2026

Lucknow Kanpur Expressway पर होगा हरा-भरा धमाका, 7 करोड़ में तैयार होगा मास्टरप्लान

The CSR Journal Magazine
लखनऊ-कानपुर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे अब सिर्फ तेज़ और सुरक्षित मार्ग ही नहीं रहेगा, बल्कि पर्यावरण का आदर्श उदाहरण भी बन जाएगा। इस परियोजना के तहत एक्सप्रेसवे के 45 किलोमीटर रूट पर 46 हजार पेड़ लगाए जाएंगे, जिससे यह उत्तर प्रदेश का पहला ऐसा एक्सप्रेसवे बन जाएगा, जहां इतनी बड़ी संख्या में पौधरोपण किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, प्रत्येक किलोमीटर पर औसतन 1022 पेड़ लगाए जाएंगे, जिससे पूरे मार्ग पर एक समान हरियाली देखने को मिलेगी।

एनएचएआइ और वन विभाग का संयुक्त प्रयास

इस महत्वाकांक्षी हरितीकरण योजना के लिए एनएचएआइ और वन विभाग के बीच समझौता हुआ है। समझौते के तहत न केवल पौधरोपण किया जाएगा, बल्कि उनकी देखभाल और सुरक्षा की जिम्मेदारी भी वन विभाग को दी गई है। इस परियोजना की कुल लागत 7 करोड़ रुपये आंकी गई है, जो सड़क की सुंदरता बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में निवेश के रूप में देखी जा रही है।

पांच साल तक चलेगी पेड़ों की देखभाल

वन विभाग अगले पांच वर्षों तक एक्सप्रेसवे पर लगाए गए पेड़ों की नियमित देखभाल करेगा। इसमें सिंचाई, सुरक्षा और पौधों की आवश्यक देखभाल शामिल है। इसका मकसद केवल पेड़ लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें विकसित होकर स्थायी हरित आवरण बनाने में मदद करना है।

देशी और छायादार पेड़ों का चयन

पौधरोपण में बांस, बरगद, पीपल और पाकड़ जैसे देशी और छायादार वृक्ष लगाए जाएंगे। ये पेड़ न केवल वातावरण को शुद्ध रखने में मदद करेंगे, बल्कि यात्रियों को छाया और ठंडक भी प्रदान करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के वृक्ष लंबी अवधि तक पर्यावरणीय लाभ देंगे और आसपास की जैव विविधता को भी बढ़ावा देंगे।

एलिवेटेड रोड के लिए विशेष योजना

जहां एक्सप्रेसवे एलिवेटेड रोड के रूप में विकसित हुआ है, वहां पौधरोपण की अलग योजना तैयार की गई है। एलिवेटेड मार्ग पर प्रति किलोमीटर 222 पेड़ लगाए जाएंगे। सीमित जगह के कारण पौधों की प्रजाति और घनत्व का चयन विशेष ध्यान रखकर किया गया है, ताकि संरचना को कोई नुकसान न पहुंचे।

सिंचाई के लिए आधुनिक इंतजाम

पौधों की नियमित पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बानी से लेकर आजाद चौक तक 6 सबमर्सिबल पंप लगाए जाएंगे। यह व्यवस्था विशेष रूप से गर्मी के मौसम में महत्वपूर्ण साबित होगी और पौधों के सूखने की संभावना को कम करेगी।

पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास में बड़ा कदम

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की यह हरितीकरण योजना केवल सड़क की खूबसूरती बढ़ाने तक सीमित नहीं है। इससे वायु गुणवत्ता में सुधार, जैव विविधता का संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन को भी बल मिलेगा। आने वाले समय में यह एक्सप्रेसवे न केवल आधुनिक सड़क नेटवर्क का उदाहरण बनेगा, बल्कि हरित विकास का प्रतीक भी बन सकता है।

यात्री भी अनुभव करेंगे हरियाली का लाभ

बांस, बरगद और पीपल जैसे पेड़ों की वजह से यात्रियों को न केवल छाया और ठंडक मिलेगी, बल्कि एक आरामदायक और सुकून भरा अनुभव भी मिलेगा। यह पहल यातायात और पर्यावरण दोनों के लिए फायदेमंद साबित होगी।
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