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सेफर इंटरनेट डे पर जानें कैसे करें इंटरनेट का सुरक्षित इस्तेमाल और साथ ही जानें बदले एटीएम का नियम

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ये खबर आप के लिए है, ये खबर हर उस इंसान के लिए है जो इंटरनेट का इस्तेमाल करता है, जो बैंक से पैसे की लेनदेन करता है, उस इंसान के लिए है जो एटीएम कार्ड का इस्तेमाल करता है, ये जानकारी आपके काम की है, ये पढ़ लिए तो आप इंटरनेट से सेफ है, इंटरनेट के गैर इस्तेमाल से आप सुरक्षित है, इसे पढ़ लिया तो आप हर उस नियम को जान जायेंगे तो 16 मार्च से लागू होगा, 16 मार्च से से बदल जायेगा एटीएम से पैसे निकालने का नियम, आईये सेफर इंटरनेट डे के इस ख़ास मौके पर समझते और जानते है कि आखिरकार क्यों मनाया जाता है सेफर इंटरनेट डे, इंटरनेट के सुरक्षित इस्तेमाल करने के तरीके और जान लेते है कि कैसे करें इंटरनेट पर पैसों का लेनदेन जिससे क्या होगा आपकी जिंदगी पर असर।

क्यों मनाया जाता है सेफर इंटरनेट डे

डिजिटल तकनीक के इस दौर में साइबर क्राइम और ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है, ऐसे में दुनिया भर में इंटरनेट के सुरक्षित इस्तेमाल के प्रति जागरूकता लाने के लिए हर साल 11 फरवरी को विश्व स्तर पर सुरक्षित इंटरनेट दिवस यानी सेफर इंटरनेट डे मनाया जाता है। भारत में 446 मिलियन से भी अधिक लोग इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं और यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा ऑनलाइन बाजार है, एक अनुमान के अनुसार, साल 2021 तक भारत में इंटरनेट का उपयोग करने वालों की संख्या बढ़कर 635.8 मिलियन हो जाएगी, दुनिया की तुलना में भारत में बड़े पैमाने कम्युनिकेशन के अलावा इंटरनेट का इस्तेमाल जानकारी इकट्ठा करने, ऑनलाइन बैंकिंग, ऑनलाइन शॉपिंग के साथ-साथ कई कामों के लिए किया जाता है, ऐसे में इसका सुरक्षित इस्तेमाल करना बेहद जरूरी हो जाता है, ताकि आपकी निजी जानकारियां और पैसे दोनों सुरक्षित रह सकें।
ऑनलाइन शॉपिंग का क्रेज लोगों के दिमाग पर इस कदर चढ़ रहा है कि पिन से लेकर प्लेन तक की खरीददारी हम इंटरनेट से ही ऑनलाइन के जरिये करने लगे है, लोग कपड़ों और घर के राशन से लेकर टीवी, फ्रिज और एसी जैसे महंगे सामानों तक की भी शॉपिंग ऑनलाइन ही करना पसंद कर रहे हैं। अब जब इतना डिमांड है तो इस डिमांड को पूरा करने के लिए बड़ी-बड़ी कंपनियों ने अपने प्रोडक्ट को डायरेक्ट ई-कॉमर्स वेबसाइट्स पर ही लॉन्च कर रही हैं। ऐसे में कई प्रोडक्ट्स है जो सिर्फ ऑनलाइन ही बिकते हैं। और इसी डिमांड और सप्लाई के बीच तीसरा है जो चोरी कर रहा है, ठगी कर रहा है। ऑनलाइन शॉपिंग का यह ट्रेंड जितना अच्छा दिखता है, उतना ही खतरनाक भी है। शॉपिंग के दौरान थोड़ी सी चूक आपको पूरी तरह लूट सकती है और महज कुछ सेकंड में आपका पूरा का पूरा बैंक अकाउंट खाली हो सकता है। ऐसे में सेफर इंटरनेट डे पर ये कुछ टिप्स है जिसे इस्तेमाल कर आप ठगों से बच सकते है।

ऐसे करें सुरक्षित ट्रांजैक्शन

– देश में 100 से भी ज्यादा ई-कॉमर्स वेबसाईट चल रही हैं। इनमें से कुछ वेबसाइट से लोग अच्छी तरह परिचित हैं, जबकि कुछ ऐसी भी हैं जो केवल लोगों को धोखा देने का काम करती हैं। कई बार यहां प्रोडक्ट्स पर भारी डिस्काउंट दिखा कर लोगों को लुभाया जाता है। ऑर्डर करने पर पैसे तो कट जाते हैं, लेकिन सामान या तो नहीं पहुंचता या गलत सामान पहुंचता है । ऐसे में लोगों के पास पछताने के सिवा कोई विकल्प नहीं बचता है। लिहाजा ऑफिशियल वेबसाइट को ही प्राथमिकता दें।
– शॉपिंग के दौरान पेमेंट करते वक्त जब आप अपने एटीएम कार्ड की जानकारियां डालते हैं, तो आपको सेव कार्ड डिटेल्स का ऑप्शन मिलता है। पेमेंट कंफर्म करने से पहले उसे नो सिलेक्ट कर लें।
– किसी भी तरह के ऑनलाइन फ्रॉड से बचने का सबसे आसान और सुरक्षित रास्ता है, कैश ऑन डिलीवरी। अगर किसी सामान को ऑर्डर करने के दौरान यह सुविधा मिलती है, तो आपको इसे ही चुनना चाहिए। इसमें पहले सामान आपके पास पहुंच जाता है, उसके बाद आपको कैश पेमेंट करना होता है। ऐसे में धोखाधड़ी का खतरा कम हो जाता है।
– ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के लिए अंजान वेबसाइट्स और एप्स को अपने फोन या लैपटॉप में डाउनलोड न करें। साथ ही बैंकिंग और ट्रांजैक्शन के लिए सार्वजनिक वाई-फाई का इस्तेमाल न करें।
– आपके ओटीपी से जुड़ी या बैंक से जुड़ी जानकारी के लिए किसी भी तरह के अंजान नंबर पर क्लिक न करें। हमेशा क्लोनिंग एप और लिंक से बचें।
हम आपको बता दें कि इंटरनेट और बैंकिंग का सीधा नाता है, ऐसे में ये नियम भी जानना जरुरी है जो 16 मार्च से बदल जायेगा, एटीएम से ट्रांजैक्शन के नियमों में बदलाव हुआ है जिसका सीधा असर आप पर होगा। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने एटीम कार्ड यानी डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड से जुड़े नए नियम जारी किए हैं, तो आईये जान लेतें है आसान भाषा में नए नियम।

डेबिट और क्रेडिट के नए नियम

– आरबीआई ने बैंकों से कहा है कि डेबिट और क्रेडिट कार्ड जारी करते वक्त अब ग्राहकों को घरेलू ट्रांजेक्शन की अनुमति देनी होगी,  अगर जरुरत नहीं है तो एटीएम मशीन से पैसे नकालते और पीओएस ट्रमिनल पर शॉपिंग के लिए विदेशी ट्रांजेक्शन की अनुमति नहीं दें। आप अपने कार्ड से घरेलू ट्रांजेक्शन चाहते हैं या इंटरनेशनल ट्रांजेक्शन, इसका फैसला कभी भी ग्राहक कर सकता है और उसे कौन सी सर्विस एक्टिवेट करनी है और कौन सी डीएक्टिवेट।
– इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन और कॉन्टैक्टलेस कार्ड से लेनदेन के लिए, ग्राहकों इसके लिए अलग से अपनी प्राथमिकता दर्ज करानी होगी, यानि ग्राहक को जरुरत हैं तो ही उसे ये सर्विस मिलेगी यानी इसके लिए आवेदन करना होगा।
– ग्राहक 24 घंटे सातों दिन अपनी ट्रांजेक्शन की लिमिट को कभी भी बदल सकता है, अगर आसान शब्दों में कहें तो अब आप अपने एटीएम कार्ड को मोबाइल ऐप, इंटरनेट बैंकिंग, एटीएम मशीन पर जाकर, आईवीआर के जरिए कभी भी इसकी ट्रांजेक्शन लिमिट तय कर सकते हैं।
बहरहाल सेफर इंटरनेट डे पर ये थी कुछ ख़ास सावधानियां जिन्हे बरतने से ना कि हमारी गाढ़ी कमाई सुरक्षित रह सकती है बल्कि हम किसी मुसीबत से भी बच सकते है।