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January 13, 2026

Menstrual Pain को ‘सामान्य’ समझना पड़ा भारी, असहनीय Periods के दर्द से परेशान 19 साल की लड़की की मौत

The CSR Journal Magazine
कर्नाटक के तुमकुरु जिले से एक बेहद संवेदनशील और सोचने पर मजबूर कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां 19 साल की एक युवती ने लंबे समय से चले आ रहे असहनीय पीरियड्स और पेट दर्द से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। यह घटना न सिर्फ एक परिवार की निजी त्रासदी है, बल्कि समाज में महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर बरती जा रही लापरवाही पर भी बड़ा सवाल खड़ा करती है।

नौकरी की तलाश में आई थी, दर्द से जूझती रही

मृतका की पहचान कीर्तना के रूप में हुई है, जो मूल रूप से कर्नाटक के कलाबुरगी जिले के सलहल्लि गांव की रहने वाली थी। करीब दो महीने पहले वह नौकरी की तलाश में तुमकुरु जिले के ब्याठा गांव में अपने मामा के घर आई थी। काम नहीं मिलने के कारण वह वहीं रह रही थी। परिजनों के मुताबिक, इस दौरान वह लंबे समय से गंभीर पेट दर्द और माहवारी से जुड़ी परेशानी से जूझ रही थी।

‘नॉर्मल’ समझकर टाल दिया गया गंभीर दर्द

परिवार का कहना है कि कीर्तना को पीरियड्स के दौरान इतना तेज दर्द होता था कि कई बार वह रोजमर्रा के काम भी नहीं कर पाती थी। हालांकि, इस दर्द को आम तौर पर “नॉर्मल पीरियड पेन” मानकर ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया गया। समय के साथ यह शारीरिक पीड़ा मानसिक तनाव में बदलती चली गई।

घर में अकेली थी, उठाया खौफनाक कदम

पुलिस के अनुसार, घटना वाले दिन घर में कोई मौजूद नहीं था। अकेलेपन और लगातार बनी असहनीय शारीरिक पीड़ा के बीच कीर्तना ने यह आत्मघाती कदम उठा लिया। जब परिजन घर लौटे तो घटना की जानकारी हुई, जिसके बाद पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

गांव में मातम, हर कोई सदमे में

घटना की खबर फैलते ही ब्याठा गांव में सन्नाटा पसर गया। स्थानीय लोग और रिश्तेदार इस बात से स्तब्ध हैं कि इतनी कम उम्र में एक लड़की को इस तरह अपनी जान गंवानी पड़ी। गांव में शोक का माहौल है और हर कोई यही सवाल कर रहा है कि अगर समय रहते उसकी परेशानी को गंभीरता से लिया जाता, तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी।

पुलिस जांच जारी, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार

सूचना मिलने पर क्याथासंद्रा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने मामला अप्राकृतिक मौत (Unnatural Death Case) के तहत दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।

समाज के लिए चेतावनी

यह घटना एक बार फिर इस ओर ध्यान दिलाती है कि महिलाओं के menstrual health और chronic pain को हल्के में लेना कितना खतरनाक हो सकता है। पीरियड्स का हर दर्द सामान्य नहीं होता। कई बार यह गंभीर शारीरिक और मानसिक समस्याओं का संकेत भी हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर मेडिकल सलाह और मानसिक सहयोग ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।
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