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January 17, 2026

जम्मू कश्मीर-किश्तवाड़ में लगातार दूसरे दिन सेना का ऑपरेशन जारी

The CSR Journal Magazine
भारतीय सेना के पैरा कमांडो, जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह (SOG) और CRPF की टीमें आतंकवादियों के खिलाफ तलाशी अभियान चला रही है।
जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) के किश्तवाड़ में गुरुवार को सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ शुरू हुई थी, इस दौरान 2 आतंकी ढेर हुए थे। महाराष्ट्र के एक सैन्यकर्मी संदीप पांडुरंग मुठभेड़ में शहीद हो गए। गुरुवार को जम्मू में शहीद हुए सेना के जवान को श्रद्धांजलि दी गई। 2 अन्य घायल सेना के जवानों का सैन्य अस्पताल में इलाज चल रहा है। कई आतंकी अभी भी फरार चल रहे हैं जिनकी तलाश में सेना ऑपरेशन अभी भी जारी है।
Jammu Kashmir- सूत्रों के मुताबिक, चटरू के जंगलों में 3 से 4 आतंकवादी छिपे हुए हैं। सेना के पैरा कमांडो, जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह (SOG) और CRPF की टीमें तलाशी अभियान चला रही हैं। आतंकवादी अब दो समूहों में बंट गए हैं। चटरू के सिंहपोरा और बेगपोरा गांवों में तलाशी जारी है। दोनों गांव सिर्फ 3 किलोमीटर की दूरी पर हैं।

Jammu Kashmir में Operation Trashi

Jammu Kashmir के किश्तवाड़ में गुरुवार सुबह शुरू हुए एनकाउंटर ‘ऑपरेशन त्राशी’ में एक जवान ने जान गंवा दी, वहीं दो जवान जख्मी हैं। ये मुठभेड़ किश्तवाड़ के सिंघपोरा छत्रू इलाके में हुई, जहां सुरक्षाबलों ने आतंकियों के एक ग्रुप को घेर लिया था, लेकिन आतंकी किसी तरह यहां से भागने में सफल हुए। पहले दो आतंकियों के मारे जाने की जानकारी सामने आई थी, लेकिन ताजा अपडेट के मुताबिक, आतंकी वहां से फरार होने में कामयाब हो गए। गुरुवार की सुबह करीब 7 बजे सेना की पैरा स्पेशल फोर्सेज, 11RR, 7वीं असम राइफल्स और SOG किश्तवाड़ की संयुक्त टीम ने सिंघपोरा के जंगलों में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इस दौरान आतंकियों की मौजूदगी की पुष्टि होते ही मुठभेड़ शुरू हो गई थी।

आतंकियों पर सुरक्षाबलों का कड़ा प्रहार

Jammu Kashmir में ये ऑपरेशन ऐसे समय में हुआ है जब बीते सप्ताह पुलवामा के त्राल इलाके में सुरक्षाबलों ने जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकियों को मार गिराया था। उनकी पहचान आसिफ अहमद शेख, अमीर नज़ीर वानी और यावर अहमद भट के रूप में हुई थी। इससे पहले शोपियां के जीनपथेर केलर इलाके में तीन लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी मारे गए थे, जिनमें से दो की पहचान शाहिद कुट्टे और अदनान शफी के रूप में हुई थी।

आतंकियों की संपत्तियों पर कार्रवाई

आतंकियों के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत प्रशासन आतंकियों और उनके सहयोगियों की संपत्तियों को ध्वस्त करने की प्रक्रिया भी तेज कर चुका है. सुरक्षाबलों का कहना है कि ऑपरेशन तब तक जारी रहेगा जब तक इलाके को पूरी तरह से आतंकमुक्त नहीं कर दिया जाता। कश्मीर घाटी के पहलगाम में हुए हिंसक आतंकी हमले के बाद मोदी सरकार लगातार एक्शन मोड पर बनी हुई है। आतंकिस्तान के ख़िलाफ़ Operation Sindoor की सफलता के बाद भारतीय सेना और सुरक्षाबलों के हौसले बुलंद हैं और सेना और सरकार ने मिलकर देश को आतंकमुक्त करने का बीड़ा उठा लिया है।

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