शांति की खोज में उत्तराखंड पहुंचे इजराइली: कसार देवी बना शांति का ठिकाना

The CSR Journal Magazine
इस समय इजराइल में चल रहे युद्ध और तनाव के माहौल के बीच इजराइली नागरिक उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के कसार देवी क्षेत्र में शांति की खोज में पहुंच रहे हैं। यह क्षेत्र इजराइली टूरिस्टों के लिए एक सुरक्षित आश्रय स्थान बन चुका है, जहां वे युद्ध के तनाव से दूर रहकर कुछ पल की शांति का अनुभव कर रहे हैं। हर साल की तरह इस बार भी पर्यटकों की आमद हुई है, लेकिन संख्या में कमी देखने को मिल रही है। सप्ताहांत में जहां पहले दो से तीन सौ विदेशी पर्यटक आते थे, अब यह संख्या घटकर एक सौ से एक सौ बीस के बीच रह गई है। इस बीच, इजराइली समुदाय का प्रमुख धार्मिक पर्व ‘पासओवर’ भी चल रहा है, जो 1 अप्रैल से 9 अप्रैल तक मनाया जा रहा है।

कसार देवी का अद्भुत वातावरण

अल्मोड़ा शहर से लगभग 8 किलोमीटर दूर स्थित कसार देवी क्षेत्र एक ध्यान और आध्यात्मिकता का प्रसिद्ध स्थल है। यह क्षेत्र देवदार और चीड़ के जंगलों से घिरा हुआ है और यहां के शांत माहौल और हिमालय के मनोहारी दृश्यों के कारण इसे खास माना जाता है। यहां की मेडिटेटिव जगहों की वजह से हर हफ्ते करीब सौ से सवा सौ विदेशी पर्यटक आते हैं, जिनमें मुख्य रूप से इजराइली होते हैं।

इजराइली पर्यटकों की संख्या में कमी

इस वर्ष इजराइली पर्यटकों की संख्या में गिरावट साफ दिखाई दे रही है। अल्मोड़ा के कसार देवी होटल एसोसिएशन के नगर अध्यक्ष मोहन रयाल ने कहा कि पहले सप्ताहांत में 250 से 300 विदेशी पर्यटक आते थे, लेकिन अब यह संख्या घटकर 100 से 125 रह गई है। उन्होंने बताया कि यह गिरावट इजराइल में चल रहे युद्ध के कारण है, क्योंकि वहां हर नागरिक किसी न किसी रूप में सेना से जुड़ा होता है, जिससे बड़ी संख्या में लोग यात्रा नहीं कर पा रहे हैं।

पासओवर पर्व का विशेष महत्व

यहूदियों का ‘पासओवर’ पर्व उनके इतिहास से गहराई से जुड़ा हुआ है, जो मिस्र में गुलामी से मिली आजादी का प्रतीक है। इस पर्व के दौरान ‘मट्ज़ा’ यानी बिना खमीर की रोटी का विशेष महत्व होता है। पारंपरिक भोजन ‘सेडर’ के साथ परिवार एक साथ बैठकर परंपरागत विधि से मुक्ति की कथा को याद करते हैं। अल्मोड़ा में ठहरे इजराइली पर्यटक भी अपने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ इस पर्व को मना रहे हैं, जिससे यहां का माहौल सांस्कृतिक और जीवंत बना हुआ है।

इजराइली पर्यटकों की अनुभव साझा

कसार देवी पहुंचे इजराइल के कच्छमोना निवासी ओई ने अपने देश में चल रहे हालात को लेकर दुख साझा किया। उन्होंने बताया कि 7 अक्टूबर 2023 से शुरू हुए युद्ध के बाद इजराइल में स्थिति खराब हो गई है, जिससे आम लोगों की सामान्य ज़िंदगी मुश्किल हो गई है। उनकी आवाजाही व हवाई हमलों के कारण लोग डरे हुए हैं। इसलिए उन्हें देश छोड़ने का निर्णय लेना पड़ा।

स्थानीय पर्यटन व्यवसाय पर असर

स्थानीय होटल व्यवसायियों को भी इस गिरती संख्या का असर महसूस हो रहा है। मोहन रयाल ने कहा कि पर्यटकों की कमी से स्थानीय व्यापार प्रभावित हो रहा है। इजराइली टूरिस्ट्स की उपस्थिति से सामान्यतः पर्यटन में काफी उत्साह रहता है, लेकिन इस बार अंतरराष्ट्रीय हालातों का असर स्पष्ट है।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos