पश्चिम एशिया में चल रहे ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध का असर अब राजस्थान के अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर साफ दिखने लगा है। समुद्री मार्ग और हवाई उड़ानों पर असर के कारण प्रदेश के आयात-निर्यात, टूर-ट्रैवल और होटल उद्योग को मिलाकर लगभग 10 हजार करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हो चुका है, जिससे व्यापारियों में चिंता बढ़ गई है।
समुद्री मार्ग और उड़ानों पर असर
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण अरब सागर से होकर मिडिल ईस्ट और यूरोप जाने वाले समुद्री व्यापारिक मार्ग प्रभावित हो गए हैं। इससे राजस्थान से भेजा जाने वाला माल समय पर नहीं पहुंच पा रहा है।
इसके साथ ही जयपुर से दुबई, शारजाह, मस्कट और अबूधाबी के लिए संचालित 70 से अधिक उड़ानें रद्द हो चुकी हैं। इन उड़ानों के रद्द होने से व्यापार के साथ-साथ पर्यटन और होटल उद्योग को भी बड़ा झटका लगा है।
कई कारोबारी सौदे अटक गए हैं और निर्यातकों का माल बंदरगाहों और गोदामों में अटका हुआ है।
₹10,000 करोड़ का कारोबार प्रभावित
व्यापारिक संगठनों के अनुसार युद्ध के कारण अब तक प्रदेश के आयात-निर्यात, टूर-ट्रैवल और होटल उद्योग को मिलाकर करीब 10 हजार करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हो चुका है।
मिडिल ईस्ट राजस्थान के लिए सबसे बड़े व्यापारिक बाजारों में से एक है, इसलिए वहां की अस्थिरता का सीधा असर यहां के व्यापार पर पड़ रहा है। वहीं इन देशों में फंसे राजस्थानियों की मदद के लिए राजस्थान फाउंडेशन और जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन जैसी संस्थाएं आगे आकर सहायता और संपर्क स्थापित करने का प्रयास कर रही हैं।
राजस्थान से मिडिल ईस्ट में क्या होता है निर्यात
राजस्थान से मिडिल ईस्ट देशों में कई प्रकार के उत्पादों का निर्यात होता है। इनमें दालें, मसाले, दवाइयां, मेहंदी, केमिकल, मशीनरी, टूल्स, जेम्स-ज्वैलरी, टेक्सटाइल और गारमेंट प्रमुख हैं। इसके अलावा प्रदेश के कई छोटे और मध्यम उद्योग भी मिडिल ईस्ट के बाजारों पर निर्भर हैं। यदि यह संकट लंबे समय तक जारी रहता है, तो इन उद्योगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है और रोजगार पर भी असर पड़ सकता है।
आयात और जेम्स-ज्वैलरी कारोबार पर भी असर
मिडिल ईस्ट से राजस्थान में कच्चा तेल, केमिकल्स, ड्राई फ्रूट्स, पेट्रोलियम उत्पाद, खनिज और औद्योगिक कच्चा माल आयात किया जाता है। युद्ध के कारण इन वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
फोर्टी के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल के अनुसार ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच युद्ध का सबसे ज्यादा असर वैश्विक बाजार पर पड़ा है और यदि यह लंबे समय तक चलता है तो राजस्थान के निर्यातकों और आयातकों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। राजस्थान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष डॉ. के.एल. जैन का कहना है कि मिडिल ईस्ट प्रदेश के लिए बेहद महत्वपूर्ण बाजार है, जहां शेखावाटी समेत कई क्षेत्रों के लोग बड़ी संख्या में रोजगार करते हैं। वहीं ज्वैलर्स शो के कन्वीनर अशोक माहेश्वरी के अनुसार ट्रंप टैरिफ के बाद अब युद्ध के कारण जेम्स-ज्वैलरी का निर्यात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सोने की कीमतों में तेजी और अस्थिर माहौल के कारण अंतरराष्ट्रीय ज्वैलरी शो में भी कारोबार कमजोर पड़ा है।

